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	<title>बजरंग पूनिया &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>विराट कोहली और मीराबाई चानू को खेल रत्न पर उठे सवाल&#8230;</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/11740</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Sep 2018 08:27:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[बजरंग पूनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[विराट कोहली]]></category>
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					<description><![CDATA[राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विवादों में छा गया है. जकार्ता एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया ने खेल मंत्रालय और पुरस्कार समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि खेल रत्न के लिए जब उनके अंक ज्यादा थे, तो उन्हें कैसे इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया. सरकार ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विवादों में छा गया है. जकार्ता एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया ने खेल मंत्रालय और पुरस्कार समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि खेल रत्न के लिए जब उनके अंक ज्यादा थे, तो उन्हें कैसे इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया.</strong></p>
<p><strong>सरकार ने भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली (शून्य अंक) और वर्ल्ड चैंपियन भारोत्तोलक मीराबाई चानू (44 अंक) को संयुक्त रूप खेल रत्न पुरस्कार देने का फैसला किया है. 11 सदस्यीय सलेक्शन पैनल ने दोनों को देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार के लिए चुना है.</strong></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-11741" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/09/virat_poonia666_1537510239_618x347.jpeg" alt="राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विवादों में छा गया है. जकार्ता एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया ने खेल मंत्रालय और पुरस्कार समिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि खेल रत्न के लिए जब उनके अंक ज्यादा थे, तो उन्हें कैसे इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया.  सरकार ने भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली (शून्य अंक) और वर्ल्ड चैंपियन भारोत्तोलक मीराबाई चानू (44 अंक) को संयुक्त रूप खेल रत्न पुरस्कार देने का फैसला किया है. 11 सदस्यीय सलेक्शन पैनल ने दोनों को देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार के लिए चुना है.  दरअसल, विराट कोहली के खाते में अंक इस वजह से नहीं है, क्योंकि क्रिकेट में इसके लिए कोई मापदंड तय नहीं किया गया है. यह ओलंपिक स्पोर्ट्स नहीं है. पुरस्कार समिति के एक सदस्य ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि क्रिकेट के लिए कोई मापदंड नहीं रहने की वजह से क्रिकेटर का नाम आपसी सहमति से चुन लिया जाता है और इसके बाद यह विवाद का कारण बन जाता है.  एक नजर खेल रत्न के लिए स्कोर पर-  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट दोनों के 80-80 अंक रहे. दूसरी तरफ इस बार खेल रत्न के लिए कई ऐसे दावेदार हैं, जिनके पास मीराबाई चानू से ज्यादा अंक हैं.  बजरंग पूनिया (कुश्ती) अंक- 80  विनेश फोगाट (कुश्ती) अंक- 80  दीपा मलिक (पैरा-एथलीट) अंक- 78.4  मनिका बत्रा (टेबल टेनिस) अंक- 65  विकास कृष्ण (बॉक्सिंग) अंक- 52  मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) अंक- 44  विराट कोहली (क्रिकेट) अंक- 0  (ये स्कोर फॉर्मेट के अनुसार तय हैं, जिसमें कमेटी का विवेकाधीन अंक शामिल नहीं है. क्रिकेट इससे बाहर है, विराट को इस वजह से शून्य)  बजरंग इस फैसले से खफा हैं. अब यह पहलवान इस मामले पर बात करने के लिए शुक्रवार को खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मुलाकात करेगा. बजरंग ने पत्रकारों से कहा, ‘मैं निराश और हैरान हूं. मैं खेल मंत्री से मिलूंगा. मेरे मेंटर योगी भाई (योगेश्वर दत्त) ने उनसे बात की है और मिलने के लिए समय लिया. मैं सिर्फ यह जानना चाहता हूं कि मेरी अनदेखी क्यों की गई.’  ओलंपिक खेलों में प्वाइट सिस्टम ऐसे तय होता है-  ओलंपिक/ पैरालंपिक- गोल्ड के लिए 80, सिल्वर के लिए 70, ब्रॉन्ज के लिए 55 अंक  वर्ल्ड कप/ वर्ल्ड चैंपियनशिप- गोल्ड के लिए 40, सिल्वर के लिए 30, ब्रॉन्ज के लिए 20 अंक  एशियन गेम्स- गोल्ड के लिए 30, सिल्वर के लिए 25, ब्रॉन्ज के लिए 20 अंक  कॉमनवेल्थ गेम्स- गोल्ड के लिए 25, सिल्वर के लिए 20, ब्रॉन्ज के लिए 15 अंक  बताया जाता है कि 11 सदस्यों में से 8 पुरस्कार के लिए कोहली के नाम पर सहमत थे. मजे की बात है कि यह कमेटी अपनी तरफ से भी अंक (विवेकाधीन अंक- अधिकतम 20) दे सकती है, जो ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के आधार पर निर्धारित अंक से इतर है.  बजरंग पूनिया का अंक निर्धारण ऐसे-  सिल्वर मेडल- 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स (20 प्वाइंट), सिल्वर- 2014 इंचियोन एशियाई खेल (25 प्वाइंट), गोल्ड- 2018 गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स (25 प्वाइंट) और गोल्ड- 2018 जकार्ता एशियन गेम्स (30 प्वाइंट). यानी कुल अंक 100 हुए और कमेटी ने बजरंग के  लिए कनवर्टेड स्कोर (फाइनल प्वाइंट) 80 माना." width="618" height="347" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/09/virat_poonia666_1537510239_618x347.jpeg 618w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/09/virat_poonia666_1537510239_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /></p>
<p><strong>दरअसल, विराट कोहली के खाते में अंक इस वजह से नहीं है, क्योंकि क्रिकेट में इसके लिए कोई मापदंड तय नहीं किया गया है. यह ओलंपिक स्पोर्ट्स नहीं है. पुरस्कार समिति के एक सदस्य ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि क्रिकेट के लिए कोई मापदंड नहीं रहने की वजह से क्रिकेटर का नाम आपसी सहमति से चुन लिया जाता है और इसके बाद यह विवाद का कारण बन जाता है.</strong></p>
<p><strong>एक नजर खेल रत्न के लिए स्कोर पर-</strong></p>
<p><strong>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट दोनों के 80-80 अंक रहे. दूसरी तरफ इस बार खेल रत्न के लिए कई ऐसे दावेदार हैं, जिनके पास मीराबाई चानू से ज्यादा अंक हैं.</strong></p>
<p><strong>बजरंग पूनिया (कुश्ती) अंक- 80</strong></p>
<p><strong>विनेश फोगाट (कुश्ती) अंक- 80</strong></p>
<p><strong>दीपा मलिक (पैरा-एथलीट) अंक- 78.4</strong></p>
<p><strong>मनिका बत्रा (टेबल टेनिस) अंक- 65</strong></p>
<p><strong>विकास कृष्ण (बॉक्सिंग) अंक- 52</strong></p>
<p><strong>मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) अंक- 44</strong></p>
<p><strong>विराट कोहली (क्रिकेट) अंक- 0</strong></p>
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<div id="mainPlayerDiv-364482_1" class="zg-mainContainer"><strong>(ये स्कोर फॉर्मेट के अनुसार तय हैं, जिसमें कमेटी का विवेकाधीन अंक शामिल नहीं है. क्रिकेट इससे बाहर है, विराट को इस वजह से शून्य)</strong></div>
</div>
</div>
<p><strong>बजरंग इस फैसले से खफा हैं. अब यह पहलवान इस मामले पर बात करने के लिए शुक्रवार को खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मुलाकात करेगा. बजरंग ने पत्रकारों से कहा, ‘मैं निराश और हैरान हूं. मैं खेल मंत्री से मिलूंगा. मेरे मेंटर योगी भाई (योगेश्वर दत्त) ने उनसे बात की है और मिलने के लिए समय लिया. मैं सिर्फ यह जानना चाहता हूं कि मेरी अनदेखी क्यों की गई.’</strong></p>
<p><strong>ओलंपिक खेलों में प्वाइट सिस्टम ऐसे तय होता है-</strong></p>
<p><strong>ओलंपिक/ पैरालंपिक- गोल्ड के लिए 80, सिल्वर के लिए 70, ब्रॉन्ज के लिए 55 अंक</strong></p>
<p><strong>वर्ल्ड कप/ वर्ल्ड चैंपियनशिप- गोल्ड के लिए 40, सिल्वर के लिए 30, ब्रॉन्ज के लिए 20 अंक</strong></p>
<p><strong>एशियन गेम्स- गोल्ड के लिए 30, सिल्वर के लिए 25, ब्रॉन्ज के लिए 20 अंक</strong></p>
<p><strong>कॉमनवेल्थ गेम्स- गोल्ड के लिए 25, सिल्वर के लिए 20, ब्रॉन्ज के लिए 15 अंक</strong></p>
<p><strong>बताया जाता है कि 11 सदस्यों में से 8 पुरस्कार के लिए कोहली के नाम पर सहमत थे. मजे की बात है कि यह कमेटी अपनी तरफ से भी अंक (विवेकाधीन अंक- अधिकतम 20) दे सकती है, जो ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के आधार पर निर्धारित अंक से इतर है.</strong></p>
<p><strong>बजरंग पूनिया का अंक निर्धारण ऐसे-</strong></p>
<p><strong>सिल्वर मेडल- 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स (20 प्वाइंट), सिल्वर- 2014 इंचियोन एशियाई खेल (25 प्वाइंट), गोल्ड- 2018 गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स (25 प्वाइंट) और गोल्ड- 2018 जकार्ता एशियन गेम्स (30 प्वाइंट). यानी कुल अंक 100 हुए और कमेटी ने बजरंग के  लिए कनवर्टेड स्कोर (फाइनल प्वाइंट) 80 माना.</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
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