बिहार चुनाव: महागठबंधन में नहीं थम रहा घमासान – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Mon, 05 Oct 2020 10:55:50 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 बिहार चुनाव: महागठबंधन में राजद अब दे रहा टिकट, भ्रष्ट नेताओ की पत्नियों को भी सिंबल, देखें सूची https://www.shauryatimes.com/news/86147 Mon, 05 Oct 2020 10:55:50 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=86147 महागठबंधन में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीटों का बंटवारा हो चुका है। इसके बाद अब प्रत्‍याशियों की सूची जारी करने किए जाने की बारी है। राष्‍ट्रीय दल ने अपने प्रत्‍याशियों पहली सूची के नाम की घोषणा शुरू कर दी हे। हालांकि, पूरी सूची की औपचारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है। पार्टी के कई नेताओं के टिकट कट गए हैं। हालांकि, बड़े नेताओं को कहीं न कहीं से एडजस्‍ट कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि पार्टी ने दागियों की पत्नियों को भी टिकट दिया है। नवादा से दुष्‍कर्म के मामले में सजायाफ्ता राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी तथा संदेश से दुष्‍कर्म के आरोपित अरुण यादव की पत्‍नी किरण देवी को भी टिकट दिया है।

राजबल्‍लभ यादव की पत्‍नी सहित कई के टिकट फाइनल

मिली जानकारी के अनुसार, आरजेडी ने बोधगया से सर्वजीत कुमार, रोहतास के नोखा से अनीता देवी, जमुई से विजय प्रकाश, भोजपुर के जगदीशपुर से रामविशुन लोहिया, रामगढ़ से आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर कुमार सिंह, बेलहर से रामदेव यादव, झाझा से राजेंद्र यादव, मखदुमपुर से सूबेदार दास, भोजपुर के शाहपुर से राहुल तिवारी, जहानाबाद से सुदय यादव, चकाई से सावित्री देवी, नवीनगर से डब्लू सिंह एवं बेला से सुरेंद्र यादव काे प्रत्‍याशी बनाया गया है। आरजेडी ने जिन लोगों को टिकट दिए हैं, उनमें नवादा से राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी तथा संदेश से दुष्‍कर्म के आरोपित अरुण यादव की पत्‍नी किरण देवी शामिल हैं।

इन नेताओं को भी टिकट मिलने की उम्‍मीद

ओबरा विधानसभा सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के बेटे चुनाव मैदान में कूद सकते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश यादव की बेटी दिव्या प्रकाश को मुंगेर की तारापुर सीट से आरजेडी का टिकट मिल सकता है। पूर्व मंत्री विजय प्रकाश जमुई सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। मधुबनी से समीर कुमार महासेठ एवं गोह से भीम सिंह प्रत्‍याशी हो सकते हैं।

महनार व लालगंज सीट पर फंसा पेंच

वैशाली की महनार या लालगंज सीट पर पूर्व सांसद रामा सिंह का दावा है। इनमें किसी एक सीट पर आरजेडी नेता विशुनदेव राय के भतीजे डॉ. मुकेश रंजन का भी दावा है। बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव ने दोनों दावेदारों को आमने-सामने बैठा कर बात की, लेकिन महनार सीट पर फंसा पेंच हल नहीं हो सका। दोनों को आज सुबह भी राबड़ी आवास बुलाया गया है।

कई नेताओं के टिकट भी कटने तय

कई नेताओं के टिकट भी कटने तय लग रहे हैं। सूत्रों के अनुसार भोजपुर की बड़हरा सीट से विधायक सरोज यादव का टिकट कट सकता है। वहां पूर्व मंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह या बीडी सिंह रेस में हैं। रोहतास के काराकाट से विधायक संजय यादव का टिकट भी कटना तय लग रहा है। उनकी सीट सीपीआइ एम-एल के पास चली गई है।

आरजेडी में बुरे फंसे श्‍याम रजक

हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से पाला बदल कर आरजेडी में आए श्‍याम रजक (Shyam Rajak) का टिकट भी फंसता दिख रहा है। श्‍याम रजक की फुलवारी सीट सीपीआइ एमएल को मिल गई है। मिली श्‍याम रजक की फुलवारी सीट भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी माले के खाते में चली गई है। अब श्‍याम रजक को कहीं और से एडजस्‍ट करने की बात चल रही है। हालांकि इसपर अभी तक फैसला नहीं हो सका है। श्‍याम रजक के पास मसौढ़ी से चुनाव लड़ने का विकल्‍प है, लेकिन तब वहां मौजूदा आरजेडी विधायक रेखा पासवान का पेंच फंसेगा। रेखा पासवान मसौढ़ी से प्रत्‍याशी हो सकती हैं।

पार्टी छोड़ सकते नाराज नेता

विदित हो कि शनिवार को महागठबंधन (Grand Alliance) में सीट शेयरिंग की घोषणा कर दी गई, जिसमें आरजेडी को 144 सीटें मिली हैं। आरजडी की कई सीटें सहयोगी दलों के खाते में चली गईं हैं। इस कारण नाराज पांच विधायकों के आरजेडी छोड़ने की भी आशंका है। इनमें तेज प्रताप यादव के निकट माने जाने वाले संजय यादव भी शामिल हैं।

 

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बिहार चुनाव: महागठबंधन में फंसी कांग्रेस, राजद के 65 के आफॅर पर दिया ये जवाब https://www.shauryatimes.com/news/85397 Mon, 28 Sep 2020 10:03:12 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=85397 बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन (Grand Alliance) में कांग्रेस (Cngress) का पेंच फंस गया है। इस बीच कांग्रेस स्‍क्रीनिंग कमेटी (Congress Screening Committee) की बैठक के बाद कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडेय 243 सीटों के लिए प्रत्‍याशियों के नाम लेकर दिल्‍ली लौट गए हैं। बताया जा रहा है कि महागठबंधन (Mahagthbandhan) के सबसे बड़े घटक राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) ने कांग्रेस को 65 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्‍ताव दिया है, जिसपर वह राजी नहीं है। एक अन्‍य सूत्र के अनुसार कांग्रेस को आरजेडी ने 58 विधानसभा सीटों के साथ एक लोकसभा सीट का भी प्रस्‍ताव दिया है। डैमेज कंट्रोल के प्रयास जारी हैं। अगर बात नहीं बनी तो कांग्रेस ने महागठबंधन से अलग होकर सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा पहले से कर दी है। हालांकि, इसपर अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को करना है।

243 प्रत्याशियों के नाम लेकर दिल्ली लौटी स्क्रीनिंग कमेटी

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बनाई गई कांग्रेस स्‍क्रीनिंग कमेटी की बैठक पटना में हुई। स्‍क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडेय तथा सदस्य काजी निजामुद्दीन और देवेंद्र यादव ने कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर उनसे उनके जिले की सभी विधानसभा सीटों के संभावित उम्मीदवारों के साथ ही अन्य बिंदुओं पर फीडबैक लिए। बैठक के बाद आवेदन लेकर पार्टी मुख्यालय पहुंचे टिकटार्थियों से भी स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों ने मुलाकात की। फिर, स्क्रीनिंग कमेटी 243 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम लेकर दिल्ली लौट गई। अब प्रत्याशियों और सीटों का फैसला आलाकमान के स्तर पर होगा।

अंतिम फैसला आलाकमान का, दी जाएगी फीडबैक रिपोर्ट

इससे पहले अविनाश पांडेय ने कहा कि जिलाध्यक्षों से मिले फीडबैक की रिपोर्ट आलाकमान को दी जाएगी। अंतिम फैसला वहीं होगा। प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा व विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं को तवज्जो दी जाएगी। पार्टी के प्रवक्ता राजेश राठौर ने बताया कि उम्मीदवारों से इस बार कांग्रेस ने हाईटेक सिंगल विंडो सिस्टम से आवेदन लिए हैं। सभी आवेदनों को डिजिटल रूप में स्क्रीनिंग कमिटी और प्रदेश कांग्रेस के सक्षम पदाधिकारियों तक पहुंचाया गया था। स्क्रीनिंग कमेटी और प्रभारी सचिव दो दिन की मैराथन बैठक के बाद देर शाम दिल्ली लौट गए।

आरजेडी ने दिया 65 सीटों का प्रस्‍ताव, कांग्रेस को चाहिए 70

स्‍पष्‍ट है, कांग्रेस सभी सीटों पर अपनी तैयारी में लग गई है। हालांकि, महागठबंधन में बात बन जाए, यह प्राथमिकता है। सूत्र बताते हैं कि महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे के प्रस्‍तावित फॉर्मूला में आरजेडी ने कांग्रेस को 65 सीटों का प्रस्‍ताव दिया है। आरजेडी खुद करीब 155 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहता है। आरजेडी अपने कोटे से विकासशील इंसान पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा को सीटें देगा तो कांग्रेस को राष्ट्रवादी कांग्रेस को अपने कोटे में से सीटें देनी होंगी। बताया जा रहा है कि भाकपा माले को 14, सीपीआइ को तीन और सीपीएम को दो सीट देने का भी प्रस्‍ताव दिया गया है। हालांकि, कांग्रेस इसपर राजी नहीं है। कांग्रेस कम से कम 70 सीटें चाहती है।

आरजेडी नेता शक्ति यादव का कुछ सीटें बढ़ाने का संकेत

एक अन्‍य सूत्र के अनुसार आरजेडी ने कांग्रेस को 58 विधानसभा सीटों के साथ वाल्‍मीकिनगर की लोकसभा सीट का भी ऑफर किया है। आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव कहते हैं कि आरजेडी अपने बड़े सहयोगी कांग्रेस को खाेना नहीं चाहता, इसलिए कुछ और सीटें भी दे सकता है। हालांकि, कांग्रेस को भी गठबंधन की मजबूरियों को समझना चाहिए।

सीट बंटवारे की गांठ सुलझाने को कांग्रेस के संपर्क में आरजेडी

सूत्र बताते हैं कि आरजेडी सीटों के बंटवारे की फंसी गांठ सुलझाने के लिए कांग्रेस से लगातार संपर्क में है। बताया जा रहा है कि आरजेडी ने कांग्रेस को विधानसभा सीटों के साथ एक संसद की एक सीट का नया प्रस्‍ताव दिया है, जिसपर कांग्रेस की प्रतिक्रिया मिलनी शेष है। फैसला जो भी हो, कांग्रेस आलाकमान फिलहाल असंयमित बयानों से परहेज की नीति का समर्थन कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि कि 243 सीटों पर लड़ने वाले अविनाश पांडेय के बयान से आलाकमान नाराज है। उन्‍हें मर्यादा में रहकर बोलने की हिदायत दी गई है।

अंतिम फैसला आलाकमान का,अब जारी है इंतजार

जो भी हो, कांग्रेस की परंपरा के अनुसार अंतिम फैसला तो आलाकमान को ही करना है। कांग्रेस प्रवक्ता हरखू झा ने कहा कि राजद-वामदलों से समझौते का फैसला पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के स्तर पर हुआ है। इन दोनों की सहमति से ही सीटों का फैसला भी होगा। कांग्रेस कितनी सीटों पर लड़ेगी इस मुद्दे पर निर्णय का अधिकार आलाकमान को लेना है। पार्टी का कोई भी नुमाइंदा इस मुद्दे पर बोलने को अधिकृत नहीं है।

 

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बिहार चुनाव: महागठबंधन में नहीं थम रहा घमासान, उपेंद्र कुशवाहा NDA में लौटने का ले सकते है फैसला https://www.shauryatimes.com/news/84909 Thu, 24 Sep 2020 10:06:13 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=84909 बिहार विधानसभा चुनाव के पहले विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) का महाभारत थमने का नाम नहीं ले रहा है। जीतनराम मांझी (Jitanram Manjhi) के हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) के बाद अब उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) भी अलग होने की राह पर है। गुरुवार को आरएलएपी की आपात बैठक में इस मु्द्दे पर विचार किया जा रहा है। आरएलएसपी ने महागठबंधन (Grand Alliance) के मुख्‍यमंत्री चेहरा (CM Face) के रूप में उपेंद्र कुशवाहा का नाम सामने रखा है, जिससे राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) को इनकार है। आरएलएसपी सीटों के बंटवारे (Seat Sharing) के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं किए जाने से भी नाराज है। इस बीच आरजेडी ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि जिसे जाना है, वो जाए। सभी अपने फैसले के लिए स्‍वतंत्र हैं। माना जा रहा है कि कुशवाहा फिर राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में लौटने का फैसला कर सकते हैं। आरएलएसपी के प्रवक्‍ता माधव आनंद ने यह कह कर कि महागठबंधन अब आइसीयू (ICU) में है, इस कयास (Speculations) काे और बल दिया है।

महागठबंघन में अभी सीटों का बंटवारा नहीं

महागठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा नाराज चल रहे हैं। उनकी बातें नहीं सुनी जा रहीं हैं। सीटों के सम्‍मानजनक बंटवारे को लेकर वे कांग्रेस आलाकमान से लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) तक से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका है। पार्टी के प्रधान महासचिव आनंद माधव कहते हैं कि अभी तक सीटों को लेकर आश्वासन तक नहीं मिला है। ऐसी स्थिति में आरएलएसपी अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। अगर आरएलएससपी महागठबंधन से अलग कोई विकल्प तलाश करती है तो इसके लिए आरजेडी और कांग्रेस जिम्‍मेदार होंगे।

आरएलएसपी में आरजेडी ने लगा दी सेंध

इस बीच तेजस्‍वी यादव ने उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के नेताओं को भी आरजेडी ने शामिल कर लिया। युवा आरएलएसपी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मोहम्मद कामरान को मंगलवार को तेजस्वी ने आरजेडी की सदस्यता दिलाई, जिसे आरजेडी द्वारा आरएलएएसपी में सेंध माना जा रहा है। इससे कुशवाहा काफी नाराज बताए जा रहे हैं।

आरएलएसपी का अब सीएम फेस पर दावा

इस बीच आरएलएसपी ने आक्रमक रूख अख्तियार करते हुए सीट शेयरिंग से आगे बढ़ते हुए अब मुख्‍यमंत्री चेहरे पर भी दावा ठोक दिया है। पार्टी के अनुसार उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में सबसे योग्‍य मुख्‍यमंत्री चेहरा हैं। वे केंद्र में मंत्री रह चुके हैं तथा बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। उनके पास लंबा राजनीतिक अनुभव भी है। आरएलएसपी ने यह भी कहा है कि तेजस्‍वी आरजेडी के मुख्‍यमंत्री चेहरा हैं, न कि महागठबंधन के। महागठबंधन में इसपर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

सीएम फेस पर समझौता नहीं करेगा आरजेडी

स्‍पष्‍ट है, आरएलएसपी की यह मांग तेजस्‍वी यादव को बतौर महागठबंधन का मुख्‍यमंत्री चेहरा खारिज करती है। हालांकि, इससे आरजेडी सहमत नहीं है। आरजेडी प्रवक्‍ता मृत्‍युंजय तिवारी कहते हैं कि तेजस्‍वी यादव के मुख्‍यमंत्री चेहरा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। इसपर कांग्रेस के राहुल गांधी ने भी मुहर लगा दी है।

अब महागठबंधन में आर-पार के मूड में कुशवाहा

बहरहाल, उपेंद्र कुशवाहा अब महागठबंधन में आर-पार के मूड में दिख रहे हैं। इसपर फैसला के लिए उन्‍होंने पार्टी कार्यकारिणी की आपात बैठक गुरुवार को बुलाई है। आरएलएसपी के प्रधान महासचिव आनंद माधव की मानें तो इस आपात बैठक के बाद पार्टी कोई भी फैसला ले सकती है। आरएलएसपी फिर एनडीए में लौट भी सकती है।उन्‍होंने महागठबंधन को आइसीयू में बता कर पार्टी के संभावित कदम का इशारा भी कर दिया है।

आरजेडी की दो-टूक: फैसले के लिए सभी स्‍वतंत्र

अब आरएलएसपी कोई भी फैसला करे, आरजेडी भी झुकने के लिए तैयार नहीं है। आरजेडीके प्रवक्ता मृत्‍यंजय तिवारी कहते हैं दबाव की राजनीति तो बर्दाश्‍त नहीं की जा सकती है। आरजेडी की नीति और नीयत में कोई अस्‍पष्‍टता नहीं है। अपना फैसला लेने के लिए सभी स्‍वतंत्र हैं।

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