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	<title>बेटी उमा हैं हाॅलीवुड की चर्चित अभिनेत्री &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>पद्मश्री से नवाजे गए रॉबर्ट थुरमन का अल्‍मोड़ा से है गहरा नाता, बेटी उमा हैं हाॅलीवुड की चर्चित अभिनेत्री</title>
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		<pubDate>Tue, 28 Jan 2020 11:11:49 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[पद्मश्री से नवाजे गए रॉबर्ट थुरमन का अल्‍मोड़ा से है गहरा नाता]]></category>
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					<description><![CDATA[साहित्‍य व शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान से नवाजे गए अमेरिकी मूल के रॉबर्ट थुरमन का उत्‍तराखंड की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा से भी गहरा नाता रहा है। इंडो-तिब्बतन बुद्धिस्ट स्टडीज के प्रोफेसर रह चुके थुरमन ने कसारदेवी स्थित बौद्ध मठ में लंबे समय तक बौद्ध धर्म की दीक्षा हासिल की है। यहां थुरमन के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>साहित्&#x200d;य व शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान से नवाजे गए अमेरिकी मूल के रॉबर्ट थुरमन का उत्&#x200d;तराखंड की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा से भी गहरा नाता रहा है। इंडो-तिब्बतन बुद्धिस्ट स्टडीज के प्रोफेसर रह चुके थुरमन ने कसारदेवी स्थित बौद्ध मठ में लंबे समय तक बौद्ध धर्म की दीक्षा हासिल की है। यहां थुरमन के साथ उनकी पत्&#x200d;नी नीना वॉन और बेटी उमा थुरमन, जो हॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री हैं, का भी बचपन गुजरा है। रॉबर्ट ने बौद्ध धर्म की दीक्षा के लिए अपना गुरु महान लामा गोविंदा को बनाया था। मठ के महामहिम टुल्कू मिंग्युर दोरजे रिंपोचे ने बताया कि थुरमन 1965 या 66 में अल्मोड़ा आए थे और लामा गोविंदा से बौद्ध धर्म के महायान परंपरा का ज्ञान अर्जित किया था। न सिर्फ ज्ञान अर्जित किया बल्कि बौद्ध जीवन-दर्शन का पश्चिमी देशों में प्रचार-प्रसार भी किया।<img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-15149" src="http://www.thepunch.in/wp-content/uploads/2020/01/robert.jpg" alt="" width="650" height="540" /></p>
<p><strong>आध्&#x200d;यात्&#x200d;म के लिए परिवार के साथ भारत आए थे थुरमन</strong></p>
<p>सत्&#x200d;तर के दशक में पहली पत्&#x200d;नी द मेनिल से तलाक और कुछ अन्&#x200d;य घटनाओं की वजह से थुरमन ने जीवन को नए तरह से समझने की कोशिश की। इसी क्रम में उन्&#x200d;होंने कई देशों की यात्राएं शुरू कीं। टर्की, इरान की यात्रा करते हुए वे अपनी दूसरी पत्&#x200d;नी नीना वॉन और बेटी उमा करुणा थुरमन के साथ भारत पहुंचे। यहां वे उत्&#x200d;तराखंड के अल्&#x200d;मोड़ जिले में स्थित कसार देवी स्थित बौद्ध आश्रम में लंबे अरसे तक रहे। उन्होंने सपरिवार महान लामा गोविंदा से बौद्ध धर्म की शिक्षा ली। थुरमन को लामा गोविंदा ने महायान में समाहित करुणा, परोपकार, मानव सेवा की गहन शिक्षा दी।</p>
<p><strong>अल्&#x200d;मोड़ा के मठ में विश्&#x200d;वभर से दीक्षा लेने आते हैं लोग</strong></p>
<p>अल्मोड़ा का अन्तरराष्ट्रीय बौद्ध आश्रम ध्यान एवं साधना करने वाले विदेशी साधकों के लिए सबसे शांत व प्रिय स्&#x200d;थान रहा है। यहां विश्वभर से बौद्ध धर्म के अनुयायी दीक्षा ग्रहण के लिए आते हैं। यह साधना केन्द्र बौद्ध धर्म अनुयायियों की कग्युग शाखा का उत्तराखंड में स्थापित सबसे पुराना मठ है, जिसे 1968 में स्थापित किया गया था। हालांकि आश्रम के रूप में यह पहले से ही अस्तित्&#x200d;व में था। बौद्ध मठ को ड्रिकुं काज्यू व छ्योखोर लिंग के रूप में जाना जाता है।</p>
<p><img decoding="async" class="lazy aligncenter" src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/articleimage/uma%20thurman.jpg" alt="" width="650" height="540" /></p>
<p><strong>हॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री है रॉबर्ट की बेटी उमा करुणा थुरमन</strong></p>
<p>हॉलीवुड एक्ट्रेस उमा थुरमन रॉबर्ट थुरमन की बेटी हैं। मां और पिता के साथ उनका बचपन सांस्&#x200d;कृतिक नगरी अल्&#x200d;मोड़ा में ही गुजरा है। उमा भारत को अपना दूसरा घर बताती हैं। इतना ही नहीं वो बेहतर स्क्रिप्&#x200d;ट मिलने पर बॉलीवुड में भी काम करने की इच्&#x200d;छा जता चुकी हैं। उमा किल-बिल, द हाउस दैट जैक बिल्ट, माई सुपर एक्&#x200d;स गर्लफ्रेंड, डाउन ए डार्क हॉल, निम्फोमैनिएक जैसी चर्चित हालीवुड फिल्&#x200d;मों में मुख्&#x200d;य किरदार निभा चुकी हैं। उमा नाम भी हिन्&#x200d;दू धर्म के नाम पर उन्&#x200d;हें उनके पिता ने दिया था।</p>
<p><strong>बौद्ध धर्म के विख्&#x200d;यात विद्वान रहे हैं थुरमन के गुरु </strong><strong>गोविंदा</strong></p>
<p>रॉबर्ट थुरमन के गुरु विख्यात बौद्ध विद्वान लामा गोविंदा का निवास स्थल कसार देवी स्थित बौद्ध आश्रम रहा है। लामा गोविंदा मूल रूप से जर्मन थे। बाद में वे बौद्ध धर्म में दीक्षित हुए। उनकी पत्नी ली गौतमी भी उन्हीं की तरह विद्वान थीं। लामा गोविंदा एवं ली गौतमी को तिब्बती बौद्ध ग्रंथों का मार्गदर्शी अनुवादक माना जाता है। उन्होंने विश्व आर्य मैत्रेय मंडल की स्थापना की थी। यहाँ रह कर उन्होंने तिब्बत की रहस्यमय योग साधना पर अनेक हस्तलिखित पुस्तकों का अनुवाद किया। उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक द वे आफ व्हाइट क्लाउड ने उन्हें अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्रदान की थी। रॉबर्ट थुरमन ने अपने गुरु लामा गोविंदा जी के बारे में लिखा है कि नि:संदेश वह 21वीं सदी में पश्चिम के महाज्ञानी हैं। साथ ही लामा गोविंदा की तुलना अलबर्ट आइंस्टीन, दलाई लामा व महात्मा गांधी से की है।</p>
<p><strong>आध्यात्मिक उर्जा का केन्द्र है कसारदेवी </strong></p>
<p>अल्मोड़ा से सात किमी की दूरी पर स्थित कसारदेवी क्षेत्र को आध्यात्मिक उर्जा का केन्द्र कहा जाता है। प्राचीन समय से ही उच्च कोटी के संत इस स्थान की ओर साधना करने आते रहे हैं। स्वामी विवेकानंद, परमयोगी नीब करोरी बाबा आदि संत कसारदेवी आ चुके हैं। कसारदेवी मंदिर की भूमि से सटा हुआ है बौद्ध दर्शन एवं ज्ञान का विख्यात केन्द्र कग्युग बौद्ध आश्रम जो अन्तरराष्ट्रीय स्तर का साधना एवं ध्यान केन्द्र है। इस स्थान की आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रभावित होकर बौद्ध विषयों के विद्वान डब्लू वाइ इवांस वैंज ने 1933 में इसे अपने निवास के लिए चुना था। वे बुक ऑफ़ डैड नामक प्रसिद्ध पुस्तक के रचियता थे। आश्रम के स्थान को बाद में लामा रिंगझेन ने लामा गोविन्दा से प्राप्त किया। उनकी पत्नी सोनम छोट्म ने परम्परा को जारी रखते हुए इस केन्द्र का विकास बौद्ध मठ एवं अन्तराष्ट्रीय ध्यान केंद्र के रूप में किया।</p>
<p><strong>मठ में है भगवान बुद्ध 11 फीट ऊंची की भव्य प्रतिमा</strong></p>
<p>मठ के मुख्य मंदिर में भगवान बुद्ध की अत्यंत भव्य एवं सुन्दर प्रतिमा है। जो लगभग 11 फुट ऊंची है यह प्रतिमा मंदिर की मुख्य प्रतिमा है। इनके दूसरी ओर गुरु पद्भसम्भव की प्रतिमा है। पद्मसम्भव अपनी दोनों पत्नियों सहित दर्शाये गए हैं। कक्ष में मक्खन की बनी अन्य छोटी प्रतिमाएं भी हैं, जिन्हें विशेष पूजन के अवसर पर तैयार किया जाता है । गर्मियों के मौसम में भी ये प्रतिमाएं पिघलती नहीं हैं। मुख्य मंदिर को अनेक थंका चित्रों से सजाया गया है।</p>
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