बैरिकेडिंग करके बंद किया गया रास्ता – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Mon, 14 Dec 2020 11:14:57 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा और बढ़ाई गई, बैरिकेडिंग करके बंद किया गया रास्ता https://www.shauryatimes.com/news/94274 Mon, 14 Dec 2020 11:14:57 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=94274 तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के किसानों का धरना-प्रदर्शन सोमवार को 19वें दिन प्रवेश कर गया। वहीं, देशभर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शाम 5 बजे तक अनशन शुरू कर दिया है। (बालकरण सिंह बराड़, कार्यकारी अध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा) का कहना है कि  केंद्र हमारी मांगों को लेकर अड़ा हुआ है। आज जारी अनशन उन्हें जगाने का एक प्रयास है। कुंडली में धरनारत एक किसान की मौत हो गई है। पंजाब के मोगा जिले के भिंडरकलां के रहने वाले 42 वर्षीय किसान मक्खन सिंह की हृदयाघात से मौत हो गई। उनका शव नागरिक अस्पाल (सोनीपत) लाया जा रहा है। कुंडली बॉर्डर पर यह दूसरे किसान की मौत है। इससे पहले बरोदा निवासी किसान अजय की माैत हुई थी।

सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। बैरिकेडिंग करके बंद किया गया रास्ता व सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बल।

सोमवार को हापुड़ में कृषि कानून के विरोध में जिला मुख्यालय पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, इस दौरान उन्होंने नारेबाजी भी की।

यूपी गेट सीमा स्थित दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे की सभी लेन किसानों ने बंद कर दी हैं, जिससे वाहनों का भीषण जाम लग गया है। पिछले 20 घंटे से  भी अधिक समय से दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम हैं। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनकारी दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ही डेरा डालकर बैठे हुए हैं। रातभर आंदोलनकारी हाईवे पर ही ठहरे हुए थे। अब सुबह फिर से नई रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं प्रशासन के अधिकारी भी जयसिंहपुर खेड़ा बार्डर पर पहुंच गए हैं जहां पर आंदोलनकारी बैठे हुए हैं। भारी पुलिस बल की मौके पर तैनाती है। किसानों के समर्थन में विभिन्न संगठनों के रविवार को राजस्थान के शाहजहांपुर में एकत्रित हुए थे तथा दिल्ली के लिए कूच की थी। स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर व अन्य संस्थाओं के लोगों ने आंदोलन की बागडोर संभाली हुई है।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल देश में किसानों के मुद्दे को लेकर विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास धरने पर बैठे हैं। बता दें कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी सोमवार को उपवास पर हैं।

इस बीच भारतीय किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय महासचिव समेत कई नेताओं के इस्तीफे पर राकेश टिकैत ने सफाई में कहा है कि उन्होंने अपने नेताओं द्वारा समझौता करने से नाराज होने पर इस्तीफा दिया है। किसानों में किसी तरह की कोई फूट नहीं है।

आंदोलन की अगली कड़ी की जानकारी देते हुए रविवार को ही किसान नेताओं ने कहा था कि सोमवार को पूरे देश में किसान भाजपा नेताओं के घरों के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे। जिला मुख्यालयों पर भी प्रदर्शन करके ज्ञापन सौंपा जाएगा और धरनास्थल पर किसान नेता एक दिन का अनशन करेंगे।

कृषि कानूनों को रद कराने की मांग को लेकर कुंडली बार्डर पर किसान 18 दिन से धरना देकर बैठे हैं। रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि अब तक सरकार की ओर से पांच संशोधन और एमएसपी की गारंटी देने का प्रस्ताव आया है, जिसे किसान खारिज कर चुके हैं। वे तीनों कानूनों को रद कराना चाहते हैं और अगर सरकार इसको लेकर कोई नया प्रस्ताव देती है, तो विचार के बाद बातचीत हो सकती है। किसानों ने बातचीत का रास्ता बंद नहीं किया है। किसानों ने तय किया है कि सर्वसम्मति के बिना कोई भी किसान नेता नये आंदोलन का एलान नहीं करेगा। इसके लिए सभी जत्थेबंदियों को बता दिया गया है।

पत्रकार वार्ता में किसान नेता शिवकुमार काका, राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढ़ूनी व बूटा ¨सह बुर्जगिल मौजूद थे। उन्होंने बताया कि आंदोलन की अगली रणनीति क्या होगी, इसका एलान सोमवार की बैठक के बाद बताया जाएगा। किसान जत्थेबंदियां बैठक करके दिल्ली पर दबाव बढ़ाने की अगली रणनीति तैयार करेंगी। उन्होंने केंद्र व राज्यों की सरकार के प्रति नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि पूरे कागजात के बावजूद किसानों के वाहनों को जगह-जगह चे¨कग के नाम पर रोका जा रहा है और जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जितना विलंब होता जाएगा, आंदोलन में लोगों की भागीदारी उतनी ही बढ़ती जाएगी।

शाम 5 बजे तक यूपी गेट पर किसानों का प्रदर्शन

यूपी गेट पर किसान सोमवार को सुबह आठ से शाम पांच बजे तक अनशन करेंगे। किसानों ने अनशन पर बैठने की तैयारी शुरू कर दी है। अनशन पर महिला किसान भी शामिल रहेंगी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि यंत्रों के साथ बहुत संख्या में किसान यूपी गेट पर पहुंच रहे हैं। यह एक ऐतिहासिक आंदोलन है। सरकार किसानों की एकता को तोड़ना चाहती है।

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