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	<title>भारतीय जमीन पर फिर गाड़े तंबू &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>डोकलाम विवाद के एक साल बाद भी बाज नहीं आया चीन, भारतीय जमीन पर फिर गाड़े तंबू</title>
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		<pubDate>Tue, 14 Aug 2018 06:15:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[डोकलाम विवाद के एक साल बाद भी बाज नहीं आया चीन]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय जमीन पर फिर गाड़े तंबू]]></category>
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					<description><![CDATA[ डोकलाम में पिछले साल चीन की ओर से की गई घुसपैठ के बाद मामला गरमाया था. दोनों देशों के बीच इस विवाद को लेकर बातचीत हुई थी. माना जा रहा था कि चीन अब इस इलाके में घुसपैठ नहीं करेगा. लेकिन टाइम्‍स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबरके मुताबिक ड्रैगन (चीन) अभी भी बाज नहीं आया है. चीनी सेना ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong> डोकलाम में पिछले साल चीन की ओर से की गई घुसपैठ के बाद मामला गरमाया था. दोनों देशों के बीच इस विवाद को लेकर बातचीत हुई थी. माना जा रहा था कि चीन अब इस इलाके में घुसपैठ नहीं करेगा. लेकिन टाइम्&#x200d;स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबरके मुताबिक ड्रैगन (चीन) अभी भी बाज नहीं आया है. चीनी सेना ने पिछले महीने लद्दाख में भारतीय जमीन पर पांच तंबू (टेंट) गाड़े. ये तंबू उसने लद्दाख के डेमचोक सेक्&#x200d;टर में वास्&#x200d;तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से 400 मीटर अंदर घुसपैठ करके स्&#x200d;थापित किए.<img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-8490" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/08/272567-doklam.jpg" alt="डोकलाम विवाद के एक साल बाद भी बाज नहीं आया चीन, भारतीय जमीन पर फिर गाड़े तंबू" width="753" height="423" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/08/272567-doklam.jpg 970w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/08/272567-doklam-300x169.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/08/272567-doklam-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 753px) 100vw, 753px" /></strong></p>
<p><strong>पांच तंबू गाड़े, बाद में तीन हटाए</strong><br />
<strong>हालांकि सेना से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को जानकारी दी कि चीनी सेना ने चेरडोंग-नरलोंग नालान क्षेत्र में पांच में से तीन तंबुओं को हटा लिया है. चीन ने तीन तंबू दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई ब्रिगेडियर स्&#x200d;तर की वार्ता के बाद हटाए हैं. लेकिन अभी भी वहां चीनी सेना के दो तंबू मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि इन तंबुओं में चीनी सैनिक अभी भी मुस्&#x200d;तैद हैं. प्रकाशित खबर के मुताबिक इस घटनाक्रम पर सेना के अधिकारियों से बातचीत की कोशिश की गई लेकिन उन्&#x200d;होंने मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.</strong></p>
<p><strong>खानाबदोशों का भेष धरकर आए थे सैनिक</strong><br />
<strong>सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना यानी पीएलए के सैनिक जुलाई के पहले सप्&#x200d;ताह में कुछ मवेशियों को लेकर खानाबदोशों के भेष में भारतीय जमीन में घुसे थे. उन्&#x200d;हें वापस भेजने के लिए भारतीय जवानों ने कई बार बैनर ड्रिल की प्रक्रिया की. लेकिन इसके बाद भी चीनी सैनिक वहां से नहीं लौटे. दरअसल जब भी चीनी सैनिक भारतीय जमीन पर घुसपैठ करते हैं तो उन्&#x200d;हें बैनर ड्रिल प्रक्रिया के तहत झंडे दिखाकर वापस उनकी जमीन पर जाने को कहा जाता है. लेकिन चीनी सैनिकों ने इसे भी अनदेखा कर दिया.</strong></p>
<p><strong>ब्रिगेडियर स्&#x200d;तर की बातचीत हुई</strong><br />
<strong>सेना से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई ब्रिगेडियर स्&#x200d;तर की बातचीत के बाद चीनी सेना ने तीन तंबुओं को हटा लिया है. लेकिन चीनी सेना ने नरलोंग इलाके में लद्दाक प्रशासन की ओर से बनाई जा रही सड़क का विरोध करते हुए शिकायत की है.</strong></p>
<p><strong>एलएसी पर 23 संवेदनशील स्&#x200d;थान</strong><br />
<strong>बता दें कि डेमचोक सेक्&#x200d;टर भारत और चीन सीमा पर स्थित वास्&#x200d;तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) में मौजूद उन 23 संवदेनशील और विवादित स्&#x200d;थानों में से एक है, जहां अक्&#x200d;सर सीमा विवाद के कारण दोनों देशों की सेनाओं के बीच गहमागहमी देखने को मिलती है. ये 23 चिह्नित स्&#x200d;थान लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक मौजूद हैं. इसमें डेमचोक के अलावा लद्दाख के ट्रिग हाइट्स, डमचेले, चुमार, स्&#x200d;पांगुर गैप और पैनगोंग त्&#x200d;सो स्&#x200d;थान शामिल हैं.</strong></p>
<p><strong>एक साल में 426 बार अतिक्रमण</strong><br />
<strong>दूसरी ओर अगर चीन की ओर से भारतीय जमीन पर अतिक्रमण की बात करें तो यह आंकड़ा भी चिंताजनक है. इस साल चीन की ओर से भारतीय जमीन पर एलएसी के साथ-साथ 170 से अधिक बार घुसपैठ करके अतिक्रमण किया गया है. अगर 2016 में ऐसी ही 273 को भी जोड़ दिया जाए जो डोकलाम वि&#x200d;वाद के महज एक साल में चीन ने भारतीय सीमा पर 426 बार घुसपैठ की है. पिछले साल ही भूटान के भूभाग के सिक्किम-भूटान-तिब्बत त्रिकोण पर स्थित डोकलाम को लेकर दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों तक गतिरोध चला था.</strong></p>
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