मुजफ्फरनगर में सांड़ की तेरहवीं में हुआ ब्रह्मभोज – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Mon, 06 Aug 2018 10:01:34 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 मुजफ्फरनगर में सांड़ की तेरहवीं में हुआ ब्रह्मभोज, पहुंचे विधायक https://www.shauryatimes.com/news/7818 Mon, 06 Aug 2018 10:01:34 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=7818 मनुष्य का पशुओं के प्रति लगाव अनंत समय से ही है। ताजा उदाहरण मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना तहसील के उकावली गांव में देखने को मिला। यहां आवारा सांड़ के हादसे में मारे जाने के बाद उसकी बाकायदा तेरहवीं की गई और एक बछड़े को पगड़ी पहनाई गई। ब्रह्मभोज हुआ। रस्म पगड़ी में राजनीतिक दलों के लोगों के साथ ही क्षेत्रीय विधायक और सांसद के भाई ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।मनुष्य का पशुओं के प्रति लगाव अनंत समय से ही है। ताजा उदाहरण मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना तहसील के उकावली गांव में देखने को मिला। यहां आवारा सांड़ के हादसे में मारे जाने के बाद उसकी बाकायदा तेरहवीं की गई और एक बछड़े को पगड़ी पहनाई गई। ब्रह्मभोज हुआ। रस्म पगड़ी में राजनीतिक दलों के लोगों के साथ ही क्षेत्रीय विधायक और सांसद के भाई ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।   लोगों ने सांड़ का नाम भोला रखा था, जिसकी 24 जुलाई को विद्युत तार टूटने के कारण करंट की चपेट में आकर मौत हो गई थी। सांड़ का हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के देवस्थल गुंसाई बाबा की समाधि के प्रांगण में सामूहिक रूप से उसकी तेरहवीं का आयोजन हुआ। एक गाय के बछड़े को पगड़ी पहनाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि यह बछड़ा मृतक सांड़ का है।  बांटी थी चिट्ठी  रस्म तेरहवीं के लिए बकायदा कार्ड छपवाए गए। इन्हें ग्रामीणों ने आसपास के गांवों के साथ रिश्तेदारों में भी वितरित किया। शोकाकुल परिवार में समस्त ग्रामीण लिखवाया गया।

लोगों ने सांड़ का नाम भोला रखा था, जिसकी 24 जुलाई को विद्युत तार टूटने के कारण करंट की चपेट में आकर मौत हो गई थी। सांड़ का हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के देवस्थल गुंसाई बाबा की समाधि के प्रांगण में सामूहिक रूप से उसकी तेरहवीं का आयोजन हुआ। एक गाय के बछड़े को पगड़ी पहनाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि यह बछड़ा मृतक सांड़ का है।

बांटी थी चिट्ठी

रस्म तेरहवीं के लिए बकायदा कार्ड छपवाए गए। इन्हें ग्रामीणों ने आसपास के गांवों के साथ रिश्तेदारों में भी वितरित किया। शोकाकुल परिवार में समस्त ग्रामीण लिखवाया गया।

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