रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Thu, 11 Feb 2021 04:08:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज लद्दाख की मौजूदा स्थिति और भारत-चीन संबंध को लेकर राज्यसभा में बयान देंगे https://www.shauryatimes.com/news/102121 Thu, 11 Feb 2021 04:08:58 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=102121 चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सेना के पीछे हटाने के दावा करने के एक दिन बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को पूर्वी लद्दाख की मौजूदा स्थिति और भारत-चीन संबंध को लेकर राज्यसभा में बयान देंगे। रक्षा मंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। बता दें कि बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने  भारत-चीन बॉर्डर की स्थिति को लेकर सदन में सवाल पूछे थे।
चीनी  विदेश मंत्रालय की ओर से  बुधवार को बयान जारी कर कहा गया कि पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत ने अग्रिम मोर्चे से जवानों की वापसी शुरू कर दी है। चीन के बयान पर सेना की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। माना जा रहा है कि संसद सत्र चल चालू होने के कारण रक्षा मंत्री इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत बयान जारी कर देश को स्थिति से अवगत कराएंगे।

रक्षा मंत्री कार्यालय ने बुधवार को ट्वीट किया, ” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल (गुरुवार को) राज्यसभा में पूर्वी लद्दाख की मौजूदा स्थिति की जानकारी देंगे।”

चीन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि पूर्वी लद्दाख में भारत के साथ चल रहे गतिरोध में हालात नरम हुए हैं। दोनों देशों की सेनाओं ने बुधवार से व्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से पीछे हटना शुरू कर दिया है। पीछे हटने की कवायद पैंगोग झील के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर शुरू की गई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी बाद में इस बात की पुष्टि की। इससे नौ महीने से चल रहा सीमा गतिरोध पूरी तरह खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं।
हालांकि भारत की ओर से देर रात तक इस दावे की न तो अधिकारिक पुष्टि की गई और न ही खंडन किया गया। लेकिन इस मसले से जुड़े लोगों ने कहा कि दोनों पक्ष टैंक और अन्य आर्मर वाहन समेत भारी हथियारों को पीछे हटाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि टकराव वाले क्षेत्रों से टैंक आदि आर्मर हथियार हटाने जैसे कदम 24 जनवरी को 16 घंटे तक चली उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता के 9वें दौर में तय किए गए थे।
भारतीय सेना के अधिकारिक सूत्रों ने भी चीनी रक्षा मंत्रालय के बयान को गलत नहीं ठहराया है। उन्होंने कहा कि अग्रिम मोर्चे पर कुछ हलचल हुई है। जल्द ही पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि भारत केवल वही कदम उठाएगा, जो जमीन पर हकीकत में चीन की तरफ से उठाए जा रहे होंगे।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ छावनी में मध्य कमान के नए कमान अस्पताल का शिलान्यास किया https://www.shauryatimes.com/news/98843 Sat, 16 Jan 2021 12:08:32 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=98843 लखनऊ, 16 जनवरी 2021
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 16 जनवरी 2021 को लखनऊ छावनी में मध्य कमान के नए कमान अस्पताल का शिलान्यास किया। भूमि पूजन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवने और मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी-इन-सी), लेफ्टिनेंट जनरल आईएस घुमन उपस्थित थे ।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमान अस्पताल के नए भवन के
निर्माण में शामिल सभी लोगों को बधाई दी। राजनाथ सिंह ने राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए रक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने पिछले साल भारत चीन सीमा मुद्दे के दौरान भारतीय रक्षा बलों के चमत्कारी प्रयासों की सराहना की और कहा कि रक्षा बलों का आचरण पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। राजनाथ सिंह ने कहा कि लोगों को इस न्यू कमान हॉस्पिटल की एक लंबे समय से जरूरत थी।

उन्होंने भवन के लिए भूमि को मंजूरी देते समय पेड़ों को काटने के बजाय स्थानांतरित करने के लिए सैंन्य अधिकारियों की सराहना की। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कोविड -19 महामारी ने हम सभी के लिए कठिन परिस्थितियों पैदा की। उन्होंने इस महामारी की चुनौती को स्वीकार करने और भारत का नेतृत्व करने के लिए प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि महामारी के आगमन पर भारत को परीक्षण प्रयोगशालाओं, मास्क, पीपीई किट और वेंटिलेटर की कमी का सामना करना पड़ा था। लेकिन, राष्ट्र ने न केवल भारतीयों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिकित्सा बुनियादी ढांचे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की और सभी बाधाओं को पार कर लिया। डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कोविड-19 वारियर्स के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उनका आचरण इस बात का चित्रण है कि दुनिया भर में डॉक्टरों को भगवान का रूप माना जाता है।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि आज कोविड -19 टीकाकरण शुरू हो गया है। भारत में 2 स्वदेशी वैक्सीन उपलब्ध हैं और 4 अन्य वैक्सीन आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भारत यह वैक्सीन सिर्फ भारतीयों को ही नहीं बल्कि सभी को प्रदान करेगा जो’वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन का एक उदाहरण है। स्वास्थ्य पर सरकार के फोकस पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने चिकित्सा बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च भी बढ़ा रही है और स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक सुधार किए हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों को बधाई दी और आश्वासन दिया कि परियोजना के किसी भी बाधा को राज्य और नागरिक प्रशासन के समन्वय में हल किया जाएगा। अंत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूरे देश को 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत की विजय की याद में इस वर्ष को स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मनाने के लिए बधाई दी।

उपस्थितजनो को संबोधित करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आरएम राजनाथ सिंह का स्वागत किया और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए सशस्त्र बलों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारतीय सेना की बहादुरी और वीरता की सराहना की। उन्होंने कोविड-19 प्रबंधन में सशस्त्र बलों और नागरिक अधिकारियों के बीच घनिष्ठ समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों का अनुशासन, संगठन और प्रतिबद्धता हम सभी को प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा और नागरिक प्रशासन के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लक्ष्य को दोहराया और राज्य अधिकारियों के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

425 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ कमान अस्पताल का नया भवन 40 एकड़ भूमि में फैला होगा। भवन में चार शाखाओं के छह खंड होंगे जो अलग-अलग तीन से नौ मंजिला तक होंगे। सभी ब्लॉक मुख्य रोगी गतिविधि क्षेत्रों से स्वतंत्र रूप से आकाशमार्ग से जुड़े होंगे। यह अस्पताल आधुनिक इंटरवेंशनल कैथीटेराइजेशन लैब, एक हाइब्रिड ऑपरेशन थियेटर के साथ मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, स्टेट ऑफ द आर्ट नेफ्रोलॉजी एंड डायलिसिस सेंटर और कम्पोजिट ऑन्कोलॉजी सेंटर के साथ सभी विशेषताओं और उप-विशिष्टताओं के साथ विशेष रूप से कार्डियोलॉजी की सुविधाओं से सुसज्जित होगा। बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में पर्याप्त संख्या में लिफ्ट एवं रैंप की सुविधाओं के साथ-साथ 750 कारों के लिए पार्किंग की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

अस्पताल को 1859 में स्थापित किया गया था और 1967 में कमान अस्पताल (मध्य कमान) के रूप में नामित किया गया। कमान अस्पताल (मध्य कमान) की स्थापना के बाद से अपने सैनिकों को साल में बेहतर सेवा प्रदान की गई है। तदनुसार, नए कमान अस्पताल के निर्माण को 2018 में सेनाध्यक्ष द्वारा अनुमोदित किया गया था।

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भारत शांतिपूर्ण तरीके से चीन के साथ मतभेदों को समाप्त करना चाहता है : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह https://www.shauryatimes.com/news/89433 Thu, 05 Nov 2020 07:33:17 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=89433 चीन के साथ सीमा पर जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत शांतिपूर्ण तरीके से पड़ोसी देश के साथ मतभेदों को समाप्त करना चाहता है। भारत और चीन के बीच मई की शुरुआत से ही पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव जारी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा, हम बातचीत के माध्यम से मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा, भारत एक शांति प्रिय देश है, हमारा मानना है कि मतभेदों को विवादों का रूप नहीं लेना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा, भारत सीमाओं पर शांति बनाए रखने के लिए चीन के साथ किए विभिन्न समझौतों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, भारत एकतरफा और अक्रामकता की स्थिति में अपनी सम्प्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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लद्दाख समेत 7 राज्यों में 44 पुल हुए तैयार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन https://www.shauryatimes.com/news/86844 Mon, 12 Oct 2020 07:04:33 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=86844 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सीमा से सटे सात अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 44 पुलों का ई-उद्घाटन कर दिया है. आज का दिन देश की सरहद की सुरक्षा के लिए एतिहासिक दिन माना जा सकता है.

आपको बता दें, ये सभी स्थायी ब्रिज बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानि बीआरओ ने बना कर तैयार किए है. बीआरो ने निर्मित इन 44 ब्रिज मे से 10 जम्मू-कश्मीर में हैं, 7 लद्दाख, 2 हिमाचल प्रदेश, 4 पंजाब, 8 उत्तराखंड, 8 अरूणाचल प्रदेश‌ और 4 सिक्किम में है. आपको बता दें, इन सभी पुलों का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया है.

राज्यों के मुख्यमंत्री समेत राज्यपाल मौजूद रहें

बता ते चले, इस दौरान हिमाचल प्रदेश, पंजाब, अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम के मुख्यमंत्री समेत जम्मू कश्मीर और‌‌ लद्दाख के उप-राज्यपाल भी मौजूद रहें. बीआरओ के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह भी शामिल रहें.

22 पुल अकेले चीन सीमा के पास

ऐसा पहली बार हुआ है कि देश की अलग-अलग सरहदों पर बने इतनी बड़ी तादाद में पुलों का एक साथ उद्घाटन किया गया. पिछले चार महीने से चीन से चल रही तनातनी के चलते बीआरओ दिन-रात एक कर सीमाओं की नदी-नालों पर पुलों का निर्माण कर रही है. इन में से 22 अकेले चीन सीमा पर जाने के लिए तैयार किए गए हैं. इनमें से एक हिमाचल प्रदेश के दारचा में तैयार किया गया है जो करीब 350 मीटर लंबा है.

एलएसी पर चल रही चीनी सेना की गतिविधि के लिए बेहद जरूरी थे पुल

आपको बता दें कि पिछले साढ़े चार महीने से पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर भारत का चीन से टकराव चल रहा है. ऐसे में बेहद जरूरी है कि रोहतांग टनल के जरिए सेना की सप्लाई लाइन पूर्वी लद्दाख के जरिए खुली रही. पूर्वी लद्दाख के अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश से‌ सटी एलएसी पर भी चीनी सेना की गतिविधियां हाल के दिनों में काफी बढ़ गई हैं. ऐसे में सेना की मूवमेंट के लिए इन पुलों की सख्त‌ जरूरत थी.

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प्रणब मुखर्जी का पार्थिव शरीर उनके घर पर पहुंचाया गया, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी श्रद्धांजलि https://www.shauryatimes.com/news/82558 Tue, 01 Sep 2020 04:28:48 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=82558 पांच दशक की दलीय राजनीति के बाद राष्ट्रपति के रूप में देश को नई दिशा देने वाले भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का सोमवार को दिल्ली के सैन्य अस्पताल में निधन हो गया। 84 वर्षीय प्रणब 10 अगस्त से अस्पताल में भर्ती थे। सबसे पहले उनके पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी। प्रणब का पार्थिव शरीर उनके आवास 10 राजाजी मार्ग पर ले जाया जा रहा है। यहां आज दिन में 11 बजे से 12 बजे तक पर लोग उनका अंतिम दर्शन कर सकेंगे। फिर दोपहर दो बजे लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

प्रणब की विशाल शख्सियत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जुलाई, 2012 में राष्ट्रपति पद पर आसीन होने से पहले वह रक्षा व वित्त जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके थे। उन्हें 10 अगस्त को दोपहर में दिल्ली कैंट स्थित आरआर (रिसर्च एंड रेफरल) अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके मस्तिष्क में खून का थक्का जम गया था, जिसकी सर्जरी हुई थी। उसी दिन जांच में कोरोना संक्रमित भी पाए गए। ऑपरेशन के बाद सेहत में सुधार नहीं हुआ। वह कोमा में थे और उनके फेफड़े व किडनी में संक्रमण हो गया था। उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट देना पड़ा था।

सात दिन का शोक घोषित 

सोमवार शाम 4:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। राष्ट्रीय राजनीति में पांच दशक तक अपनी क्षमता का लोहा मनवाने वाले प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। केंद्र सरकार ने उनके सम्मान में सात दिन (31 अगस्त से 6 सितंबर) का शोक घोषित किया है। राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के झंडे झुका दिए गए हैं। विलक्षण राजनीतिक प्रतिभा के कारण उन्हें चाणक्य, संकटमोचक जैसे कई विशेषण दिए जाते रहे हैं। 2019 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। प्रणब के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

एक संत की तरह भारत माता की सेवा की- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी के निधन से एक युग का अंत हो गया। उनका सार्वजनिक जीवन महान था। उन्होंने एक संत की तरह भारत माता की सेवा की। राष्ट्र को अपना मूल्यवान बेटा खोने का दुख है।

राष्ट्रपति भवन को ज्ञान, विज्ञान एवं संस्कृति का केंद्र बना दिया- पीएम मोदी

प्रणब मुखर्जी की मौत पर शोक जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अपने राजनीतिक सफर में प्रणब दा ने कई अहम मंत्रालय संभाले। वह दिग्गज राजनेता और प्रखर विद्वान थे। 2014 में मैं दिल्ली में नया था। पहले दिन से ही मुझे प्रणब दा का सहयोग एवं आशीर्वाद मिला। उनसे हुई बातें मुझे हमेशा याद आएंगी। उन्होंने राष्ट्रपति भवन को ज्ञान, विज्ञान एवं संस्कृति का केंद्र बना दिया।

प्रणब दा के पिछले 50 वर्ष भारत के 50 वर्ष के इतिहास की झलक हैं- सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि प्रणब दा कांग्रेस का इस तरह हिस्सा रहे कि यह सोचना मुश्किल है कि उनके ज्ञान, अनुभव, सुझाव एवं समझ के बिना हम कैसे चलेंगे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। उनके पिछले 50 वर्ष भारत के 50 वर्ष के इतिहास की झलक हैं।

 

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रक्षा मंत्री राजनाथ : सिंह पाकिस्तान ने आतंकवाद को बना लिया अपनी राज्य नीति https://www.shauryatimes.com/news/68302 Sat, 07 Dec 2019 08:56:16 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=68302 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति बना लिया है।  पाकिस्तान ने हमारे साथ चार लड़ाइयां लड़ीं, उन्हें हर बार हार मिली। पाकिस्तान विचित्र पड़ोसी है, सुधार के रास्ते पर नहीं चल रहा है। रक्षा मंत्री ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें। उन्‍होंने यह बात देहरादून के भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान कही।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज आइएमए की पासिंग आउट परेड का रिव्‍यू करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। आज इंडियन आर्मी की गौरवशाली परंपरा की नई कड़ी को जुड़ते हुए मैं प्रत्‍यक्ष अपनी आंखों के सामने देख रहा हूं।

जब अभी आप अपने नपे-तुले और सधे हुए कदमताल करते हुए मेरी आंखों के सामने से गुजर रहे थे तो एक सुरक्ष‍ित और सुनहरे भारत की तस्‍वीर भी मैं देख रहा था। कहा, अपकी पूरी ड्रिल और टर्नआउट में मेहनत और लगन के साथ-साथ आपका प्रेम का असर हम साफ साफ देख रहे थे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आइएमए के उत्तरी, दक्षिण व मध्य परिसर के बीच दो अंडरपास बनेंगे। पहला अंडर पास एनएच 72 पर और दूसरा रांगडवाला रोड पर बनेगा। बता दें, सुरक्षा कारणों व ट्रैफिक की दिक्कत को देखते हुए यह मांग पिछले तीन दशक से की जा रही है। वर्ष 1978 से यह समस्या बनी हुई है, पर कई बार डीपीआर बन जाने के बाद भी मामला लटका रहा। इस समस्या के निस्तारण के लिए अब दो अंडर पास बनाए जाएंगे। इसके लिए रक्षा मंत्रालय 32.33 करोड़ रुपये मुहैया कराएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे दूनवासियों को ही नहीं पंजाब, हरियाणा, हिमाचल आदि जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का तीन दिनी लखनऊ दौरा आज से, परखेंगे डिफेंस एक्सपो की तैयारी https://www.shauryatimes.com/news/65897 Fri, 22 Nov 2019 08:55:07 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=65897  सिंगापुर के दो दिन के दौरे पर पाकिस्तान को काफी खरी-खोटी सुनाने वाले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज से तीन दिन के दौरे पर लखनऊ में रहेंगे। सिंगापुर में राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री और उप-प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की।

सिंगापुर में चीन की विस्तारवादी नीति और आतंकवाद पर पाकिस्तान को चुनौती देने वाले राजनाथ सिंह अब तीन दिन अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में रहेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह छावनी के एएमसी स्टेडियम में 23 नवंबर को आयोजित होने वाली रक्षा पेंशन अदालत में आने वाले पूर्व सैनिकों व दिवंगत पूर्व सैनिकों की पत्नियों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे। इसके बाद 24 नवंबर को वह सुबह दिल्ली के रवाना होंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार शाम करीब पांच बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वह रविंद्रालय पहुंचेंगे, जहां पर भाजपा महानगर इकाई उनका सम्मान करेगी। शनिवार को राजनाथ सिंह पूर्व सैनिकों व दिवंगत पूर्व सैनिकों की पत्नियों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे। पूर्व सैनिकों व दिवंगत पूर्व सैनिकों की पत्नियों के लिए शहर के 12 स्थानों से सेना की बसें मिलेंगी। वहीं पेंशन अदालत आयोजन स्थल पर वयोवृद्ध पूर्व सैनिक ई रिक्शा से एक स्टाल से दूसरे स्टाल तक जाएंगे। दोपहर में पूर्व सैनिकों के साथ सैन्य अधिकारी भोजन भी करेंगे। वहीं मध्य कमान सेनाध्यक्ष ले. जनरल इकरूप सिंह घुमन ने एएमसी स्टेडियम पहुंचकर पेंशन अदालत से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया।

जिला सैनिक कल्याण व पुनर्वास अधिकारी कर्नल (अवकाश प्राप्त) बीएस शुक्ल ने बताया कि सुबह नौ बजे से पेंशन अदालत में पूर्व सैनिकों की समस्याएं दूर करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सभी को पहले टोकन दिए जाएंगे।

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‘अटलजी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरूष थे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह https://www.shauryatimes.com/news/52552 Fri, 16 Aug 2019 10:02:20 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=52552 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पोखरण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी. पोखरण पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी नीति रही है कि हम परमाणु हथियार का पहले प्रयोग नहीं करेंगे. लेकिन आगे क्या होगा, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है. बता दें, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर राजनाथ पोखरण पहुंचे और श्रद्धांजलि देते हुए अटल जी के साहसिक फैसले का जिक्र किया. बता दें, मई 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया था. उस समय वाजपेयी प्रधानमंत्री थे. इससे पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फेसबुक पोस्ट लिखकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, ‘अटलजी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरूष थे, जिन्होंने मूल्यों एवं आदर्शों के साथ शुचिता और सुशासन की राजनीति को बढ़ावा दिया. उनका, सबका साथ सबका विश्वास का भाव आज भी हम सबके लिए प्रेरणा है. ‪अटलजी की प्रथम पुण्यतिथि पर मैं उन्हें नमन करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.’‬

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया ‘शिमला समझौते’ का हवाला, कहा- कश्‍मीर में मध्‍यस्‍थता का सवाल ही नहीं https://www.shauryatimes.com/news/49822 Wed, 24 Jul 2019 08:06:13 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=49822 विदेश मंत्री एस जयशंकर के बाद बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोक सभा में कश्‍मीर पर मध्‍यस्‍थता को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बयान पर जवाब दिया। उन्‍होंने विदेश मंत्री के बयान पर सहमति जताई और कहा, ‘पाकिस्‍तान के साथ कश्‍मीर पर नहीं पाक अधिकृत कश्‍मीर के मसले पर भी बात होगी।‘ उन्‍होंने आगे कहा, ‘राष्‍ट्रपति ट्रंप व प्रधानमंत्री मोदी के बीच कश्‍मीर मसले पर चर्चा नहीं हुई। कश्‍मीर में मध्‍यस्‍थता का सवाल ही नहीं उठता क्‍योंकि यह शिमला समझौता के विरुद्ध है।’

विदेश मंत्री द्वारा मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पक्ष संसद के दोनों सदनों में रखे जाने के बावजूद विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में आकर स्‍पष्‍टीकरण देने की मांग पर अड़ी है। हालांकि विदेश मंत्री ने दोनों सदनों में इसपर जवाब देकर बता दिया है कि ट्रंप व पीएम मोदी के बीच कश्‍मीर मसले पर कोई चर्चा ही नहीं की गई। साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा था कि कश्‍मीर मामले में भारत पाक के अलावा तीसरा मुल्‍क नहीं आ सकता क्‍योंकि यह शिमला समझौते के खिलाफ है।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल, निशंक समेत तमाम दिग्‍गजों ने जननेता प्रकाश पंत को दी श्रद्धांजलि https://www.shauryatimes.com/news/44716 Sat, 08 Jun 2019 08:46:53 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=44716  प्रदेश सरकार में संसदीय कार्य एवं विधायी, वित्त और आबकारी मंत्री रहे दिवंगत प्रकाश पंत का पार्थिव शरीर विशेष विमान से देहरादून के बाद पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी हवाई पट्टी पर पहुंचा। जहां से वाहन से देव सिंह मैदान लाया गया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राज्‍य सभा सांसद अनिल बलूनी, केन्द्रीय मंत्री अश्वनि चौबे ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा स्‍थल पर अपने नेता को आखिरी विदाई देने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा है।
देव सिंह मैदान से पार्थिव शरीर खड़कोट में प्रकाश पंत के आवास पर ले जाया जाएगा। जहां परिजन अंतिम दर्शन करेंगे। यहां पर होने वाले अंतिम कार्य करने के बाद शव यात्रा निकलेगी और रामेश्वर घाट पर पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ अंतिम संस्‍कार किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए सुबह नौ बजे से ही देव सिंह मैदान में जनप्रतिनिधियों के साथ लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई।

कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत का बुधवार को अमेरिका में उपचार के दौरान देहांत हो गया था। उनका पार्थिव शरीर शनिवार सुबह पहले दिल्ली और फिर विशेष विमान से जौलीग्रांट लाया  गया। जहां पार्थिव शरीर को जौलीग्रांट हवाई अड्डे के निकट एसडीआरएफ भवन में श्रद्धाजलि एवं दर्शनार्थ रखा गया। वहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा राष्ट्रीय सहमहामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट समेत नेता और लोगों ने स्वर्गीय पंत को श्रद्धाजलि दी। इसके बाद दिवंगत पंत के पार्थिव शरीर को विशेष विमान से पिथौरागढ़ लाया गया। वीवीआईपी आगमन को लेकर प्रशासन ने भी तैयारी कर रखी है। नगर का ट्रैफिक प्लान भी बदला गया है। पार्थिव शरीर के साथ सीएम त्रिवेन्द्र रावत, उपाध्यक्ष श्याम जाजू, विस अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल आदि रहे।

श्रद्धांजलि देन के लिए बड़ी तादाद में पहुंचे लोग 
देव सिंह मैदान में अपने नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए लोग बड़ी तादाद में लोग पहुंचे हैं। घर पर भी पहुंचकर जन प्रतिनिधियों व अन्‍य लोगों ने संवेदना जताई।

बंद रहा बाजार और निजी शिक्षण संस्थाएं
वित्त मंत्री प्रकाश पंत के निधन के शोक में शनिवार को जिला मुख्यालय का बाजार बंद रहा। निजी शिक्षण संस्थाओं में भी अवकाश रहा। अपने नेता को खोने दर्द हर किसी की आंखों में देख जा सकता है।

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