रखी ये शर्त – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 01 Jan 2019 07:50:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 MP-राजस्थान में BSP ने दी कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने की धमकी, रखी ये शर्त https://www.shauryatimes.com/news/25423 Tue, 01 Jan 2019 07:50:53 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=25423

 मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनाने में बसपा (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) ने अहम भूमिका निभाई है। लेकिन अब वह इन प्रदेशों में कांग्रेस को समर्थन जारी रखने के लिए धमकी दे रही है। मायावती की मांग हैं कि मध्यप्रदेश और राजस्थान की कांग्रेस सरकार 2 अप्रैल को हुए भारत बंद के दौरान दोनों राज्यों में दर्ज मुकदमे वापस ले।

बसपा प्रमुख ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, ”अगर ऐसा नहीं होता है तो पार्टी दोनों राज्यों की सरकारों को दे रही समर्थन पर दोबारा विचार करेगी। अगर कांग्रेस की नई सरकारों ने अविलंब उचित कार्रवाई नहीं की तो फिर बसपा को वहां की कांग्रेस सरकारों (मध्यप्रदेश व राजस्थान) को बाहर से समर्थन देने के मामले में पुनर्विचार करना पड़ सकता है।’

मायावती ने आरोप लगाया, ‘एससी/एसटी कानून 1989 व सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण की पूर्ण बहाली की मांग को लेकर 2 अप्रैल को किए गए ‘भारत बंद’ के दौरान उत्तर प्रदेश सहित भाजपा शासित राज्यों में से मध्य प्रदेश व राजस्थान में जातिगत और राजनीतिक द्वेष की भावना के तहत कार्रवाई की गई थी और निर्दोष लोगों को फंसाया गया था। अब मध्यप्रदेश और राजस्थान की नई कांग्रेस सरकारों को निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को तुरंत वापस लेना चाहिए और मुकदमों को खत्म करना चाहिए।”

बसपा को मध्यप्रदेश में दो और राजस्थान में 6 सीटों पर जीत मिली थी। बाद में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत न मिलने की स्थिति में बीएसपी ने दोनों राज्यों में समर्थन देने के ऐलान किया था। इतना ही नहीं मायावती ने सरकार को सलाह भी देते हुए कहा, ”वे एमपी, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ सरकार किसानों व बेरोजगारों के लिए फौरन उचित कदम उठाए।” मायावती 2019 के आम चुनावों से पहले कांग्रेस को लगातार आंख दिखा रही है। उत्‍तर प्रदेश में बीएसपी के अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है।

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रिपोर्टर का प्रेस कार्ड वापस करेगा व्हाइट हाउस, रखी ये शर्त https://www.shauryatimes.com/news/18601 Sat, 17 Nov 2018 07:08:55 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=18601  व्हाइट हाउस का कहना है कि वह सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा का प्रेस पास अस्थाई तौर पर लौटा देगा. इससे पहले संघीय जज टिमोथी केली ने व्हाइट हाउस को आदेश दिया था कि वह अकोस्टा का प्रेस कार्ड लौटा दे. इसी कार्ड की मदद से पत्रकार व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति के आयोजनों में शामिल हो सकते हैं. 

ट्रंप प्रशासन ने वापस लिया था कार्ड
गौरतलब है कि सात नवंबर को व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन के दौरान ट्रंप और अकोस्टा के विवाद के बाद व्हाइट हाउस ने पत्रकार का प्रेस कार्ड वापस ले लिया था, जिसके खिलाफ सीएनएन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

अदालत के फैसले पर होगा अमल
इस संदर्भ में शुक्रवार सुबह जज ने सीएनएन के आग्रह को स्वीकार करते हुए व्हाइट हाउस को आदेश दिया था कि वह अकोस्टा का प्रेस कार्ड उन्हें लौटा दे क्योंकि यह उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है. इस आदेश के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा हकाबी सैंडर्स ने बयान में कहा, “हम अदालत के फैसले को देखते हुए पत्रकार का हार्ड पास अस्थाई तौर पर बहाल कर देंगे.”

सीएनएन और अन्य मीडिया समूहों, जिनमें ट्रंप का प्रिय फोक्स न्यूज भी शामिल है,  ने मुकदमे का समर्थन किया है. सभी का दावा है कि अकोस्टा के प्रवेश पत्र को रद्द करने से स्वतंत्र प्रेस की संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन हुआ है. केली ने कहा कि उनका आदेश पत्रकार के लिए उचित प्रक्रिया पर आधारित था और वह स्वतंत्र प्रेस गारंटी के पहले संशोधन समेत अन्य संवैधानिक मुद्दों के दांव पर लगे होने को लेकर अलग से सुनवाई करेंगे. वॉशिंगटन में अदालत में उन्होंने कहा, ‘मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अभी मैंने यह तय नहीं किया है कि पहले संशोधन का उल्लंघन हुआ.’ सीएनएन के वकील ने बुधवार को बहस के दौरान अदालत में कहा था कि व्हाइट हाउस ने अकोस्टा के प्रमाण पत्रों को रद्द कर प्रथम संशोधन अधिकार के तहत उनके बोलने की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन किया.

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