राफेल vs रॉर्बट: फिर चुनावी मौसम में ही क्यों उछला वाड्रा का मुद्दा? – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Mon, 03 Sep 2018 06:36:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 राफेल vs रॉर्बट: फिर चुनावी मौसम में ही क्यों उछला वाड्रा का मुद्दा? https://www.shauryatimes.com/news/10113 Mon, 03 Sep 2018 06:36:17 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=10113 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. कांग्रेस-बीजेपी दोनों दलों ने अपने-अपने राजनीतिक हथियार इस्तेमाल करने शुरू कर दिए हैं. कांग्रेस राफेल डील के जरिए मोदी सरकार को घेरने की कोशिशों में जुटी है. ऐसे में बीजेपी को सोनिया गांधी के दमाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ भूमि सौदे मामले में दर्ज हुई एफआईआर से एक बड़ा मुद्दा मिल गया है.राफेल vs रॉर्बट: फिर चुनावी मौसम में ही क्यों उछला वाड्रा का मुद्दा?

बता दें कि हरियाणा में हुड्डा सरकार के दौरान 2008 में गुरुग्राम के सेक्टर-83 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने 3.5 एकड़ जमीन को 7.5 करोड़ रुपए में खरीदा था. बाद में जिसे उन्होंने डीएलफ को 58 करोड़ रुपए में बेच दिया था. इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एफआईआर हरियाणा में एफआईआर दर्ज की गई है.

कांग्रेस ने कहा कि चार राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं तो मोदी सरकार प्रोपेगंडा फैलाने के लिए द्वेषपूर्ण कार्रवाई कर रही है. कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि यह राफेल डील और नोटबंटी ‘घोटाले’, डीजल और पेट्रोल के दामों में बढोतरी करके 12 लाख करोड़ की लूट, रुपए की गिरती कीमतों व असफल अर्थव्यवस्था से ध्यान बंटाने के लिए ऐसा किया जा रहा है.

उन्होंने बीजेपी सरकार पर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ गलत और फर्जी मामलों के जरिए नए ‘मनगढंत झूठ’ पेश करने के आरोप लगाए.

बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा का बिजनेस मॉडल देश में किसी को समझ में नहीं आया है. कांग्रेस जरा यह बात समझा दे कि कोई व्यक्ति बिना पैसे लगाए किसी की जमीन लेता है और फिर उसी को वापस बेच देता है. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस कहती है कि इसमें कुछ गलत नहीं है, तो वो देश को बताए.

कांग्रेस का पूरा खेमा जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राफेल के मुद्दे पर लगातार घेर रहा है. इससे बीजेपी बैकफुट पर खड़ी नजर आ रही थी. ऐसे में रॉबर्ड वाड्रा पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस बेचैन दिख रही है. जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मानें तो कानून अपना काम कर रहा है, इसमें किसी भी तरह की कोई बदले की कार्रवाई नहीं है.

दिलचस्प बात ये है कि रॉबर्ट वाड्रा के जरिए बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार पर निशाना साधा था. अरविंद केजरीवाल ने भी उस समय इस मुद्दे को जमकर हवा दिया था.

2014 के चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा था, ‘एक दसवीं कक्षा में पढ़ा हुआ नौजवान जिसकी जेब में 1 लाख रुपया था और तीन साल में 300 करोड़ रुपया हो गया. ऐसा जादूगर, मां-बेटे का ये मॉडल है. मां-बेटे का ये कारोबार है. 2 जी का तो सुना था, लेकिन अब जीजा जी का भी सुन लिया.

कांग्रेस के सवालों पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि जमीन घोटाले का आरोप पुराना भले ही है, लेकिन बीजेपी ने जिस तरह से इस मामले में तरकश के नए तीर का इस्तेमाल किया है. इसके पीछे कहीं न कहीं 2019 लोकसभा चुनाव प्रमुख माना जा रहा है.  ऐसे में राफेल बनाम रॉबर्ट मुद्दा इस चुनाव में प्रमुखता से नजर आएगा.

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