रामनगरी के कायाकल्प को मिलेगा अंतिम स्पर्श – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 07 Feb 2021 10:37:11 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे, रामनगरी के कायाकल्प को मिलेगा अंतिम स्पर्श https://www.shauryatimes.com/news/101566 Sun, 07 Feb 2021 10:37:11 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=101566 भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या के विकास पर लगातार नजर रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को एक दिन के अयोध्या दौरे पर हैं। अयोध्या में अपने करीब पांच घंटे के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रामलला तथा हनुमान गढ़ी का दर्श-पूजन करने के साथ विकास कार्य की समीक्षा करने का कार्यक्रम है। उनके अयोध्या आगमन पर रामनगरी में अयोध्या के शीर्ष अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।

अयोध्या में दीपोत्सव तथा अन्य कार्यक्रम का हर वर्ष आयोजन कराने के बाद बीते वर्ष रामलला जन्मभूमि मंदिर के नींव पूजन के बाद से सीएम योगी आदित्यनाथ का फोकस रामनगरी के समग्र विकास पर हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से रामनगरी के कायाकल्प की योजना को अब अंतिम स्पर्श मिलेगा। राममंदिर निर्माण के साथ रामनगरी में इन दिनों बदलाव की बयार बह रही है। अयोध्या आगमन के दौरान मुख्यमंत्री अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।

दीपोत्सव के साथ रामनगरी के आरोह को नया आयाम नौ नवंबर, 2019 को रामलला के हक में आए सुप्रीम फैसले से मिला। फैसले के बाद न केवल भव्य राम मंदिर निर्माण की तैयारी शुरू हुई, बल्कि दिव्य अयोध्या का खाका भी खींचा जाने लगा।

अयोध्या में रविवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीरामलला विराजमान के साथ हनुमानगढ़ी का दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद अयोध्या के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। उनकी समीक्षा बैठक रामकथा संग्रहालय में होगी। वह 12:00 से दो बजे तक रामकथा संग्रहालय में करेंगे अयोध्या के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे।

अयोध्या के करीब चार घंटे के दौरे पर वह राम जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा को लेकर बैठक करेंगे। इसके साथ ही उनका अधिकाारियों तथा श्रीराम तीर्थ क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ रामकथा संग्रहालय के विकास को लेकर मंथन भी होगा। अयोध्या के दौरे के बाद आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वहां से वाराणसी रवाना होंगे। उनका रात्रि विश्राम पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होगा।

कड़ी सुरक्षा में रामनगरी, रहेगा रूट डायवर्जन: मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर रामनगरी कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है। सीएम के आगमन से प्रस्थान तक रामनगरी की ओर मुख्य मार्ग पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। टेंपो-टैक्सी का संचालन मुख्य मार्ग से डायवर्ट कर दिया गया है। मुख्य मार्ग पर अधिकारियों और मीडिया के वाहन ही जा सकेंगे। यातायात डायवर्जन को लेकर शनिवार को सीओ अयोध्या आरके राय ने यातायात उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार लहरी के साथ मार्ग व्यवस्था देखी। सीओ ने बताया कि मीडिया के वाहन पुराने बस स्टेशन तक जा सकेंगे। बाहरी वाहनों का अयोध्या में प्रवेश नहीं होगा। साकेत पेट्रोल पंप बैरियर व हनुमान गुफा से ही रामनगरी में वाहन प्रवेश कर सकेंगे। रामनगरी के बाहर वाहनों का संचालन किया जाएगा। सुरक्षा व निगरानी को लेकर अतिरिक्त पुलिस कॢमयों की ड्यूटी लगाई गई है। बैरियर सक्रिय कर दिए गए हैं।

विकास काम को लगेंगे पंख: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से रामनगरी के कायाकल्प की योजना को अंतिम स्पर्श मिलेगा। राम मंदिर निर्माण कार्य के साथ रामनगरी इन दिनों बदलाव की दहलीज पर है। रामनगरी के आरोह का मौजूदा चरण 2014 में ही शुरू हो गया, जब केंद्र में पहली बार नरेंद्र मोदी की सरकार बनी। इस दिशा में प्रयास को तीव्रता 2017 में मिली, जब केंद्र के साथ प्रदेश में भी भाजपा सरकार का गठन हुआ। सरकार गठन के सवा दो माह बाद ही मुख्यमंत्री रामनगरी पहुंचे और अनेक विकास योजनाओं की घोषणा से यह स्पष्ट कर दिया कि रामनगरी का विकास उनकी उच्च प्राथमिकता में है। दीपोत्सव इस सच्चाई का शानदार उदाहरण साबित हुआ। इस दौरान सरयू तट पर न केवल एक लाख 87 हजार दीप जले, बल्कि अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से रामनगरी आकर्षण का सबब बनी। दीपोत्सव के अन्य तीन संस्करणों के साथ रामनगरी एक साथ सर्वाधिक दीप जलाए जाने के क्षितिज पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज हुई। दीपोत्सव के साथ रामनगरी के आरोह को नया आयाम नौ नवंबर 2019 को रामलला के हक में आए सुप्रीम फैसले से मिला। फैसले के बाद न केवल भव्य राम मंदिर निर्माण की तैयारी शुरू हुई, बल्कि दिव्य अयोध्या का खाका भी खींचा जाने लगा। इसके बाद की 15 माह की अवधि तैयारियों की भावभूमि सजने के नाम रही और अब भव्य राम मंदिर के साथ दिव्य अयोध्या के निर्माण की शुरुआत देखने की बारी है। अयोध्या आगमन के दौरान मुख्यमंत्री अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। जाहिर है कि समीक्षा के दौरान वह योजनाएं केंद्र में होंगी, जिनके बूते रामनगरी की तस्वीर बदलने की तैयारी है।

आकार लेने को है श्रीराम एयरपोर्ट : राजकीय हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने की तैयारी आकार लेने को है। एयरपोर्ट की भूमि खरीद के लिए प्रस्तावित 640 करोड़ रुपये में से 525 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को मिल चुके हैं। इस योजना पर अमल के लिए अपेक्षित धनराशि के अलावा सॢकल रेट बढ़ाने पर अड़े कुछ किसानों की सहमति हासिल करने की जरूरत है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के स्तर से इस गतिरोध को भी दूर करने की पहल होगी।

बैराज निर्माण की संभावना प्रशस्त होगी: सरयू नदी पर बैराज निर्माण की प्रक्रिया भी तेज है। अभी सर्वे समेत अन्य कार्य के लिए लगभग 50 लाख रुपये का आवंटन हुआ है। बैराज निर्माण के लिए मॉडल स्टडी रिपोर्ट 31 मार्च तक आने की संभावना है। बैराज निर्माण से रामकी पैड़ी में अविरल जल प्रवाह के साथ अयोध्या के घाटों पर सरयू नदी वर्ष भर प्रवाहमान रहेगी। बैराज से पूर्वांचल के करीब 10 से अधिक जिले के किसानों को सिंचाई सुविधा भी मुहैया कराने की तैयारी है।

11 सौ एकड़ जमीन की जरूरत: नव्य अयोध्या के लिए आवास विकास परिषद किसानों से भूमि खरीदने के लिए सहमति लेने में लगी है। माझा शाहनवाजपुर, माझा बरहटा व माझा तिहुरा में करीब 11 सौ एकड़ भूमि का चयन किया गया है। 600 एकड़ में इसे बसाने की अधिसूचना शासन से जारी हो चुकी है।

स्थापित होगी श्रीराम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा: माझा बरहटा में 251 मीटर ऊंची श्रीराम की प्रतिमा लगाने के लिए भूमि का चयन हो चुका है। करीब सौ करोड़ रुपये शासन से जमीन खरीदने के लिए मिल भी चुके हैं। अब जमीन खरीद की प्रक्रिया आगे बढऩी है।

 

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