विमान – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 03 Dec 2019 07:36:25 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 पाकिस्तान में विमान के भीतर एक साथ तीन यात्रियों को पड़ा दिल का दौरा https://www.shauryatimes.com/news/67701 Tue, 03 Dec 2019 07:36:25 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=67701 पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के विमान में तीन यात्रियों को दिल का दौरा पड़ने से अफरा तफरी मच गई. पायलटों को सूचना देकर विमान की आपातकालीन लैंडिंग कराई गई. मगर इलाज के दौरान एक महिला यात्री की मौत हो गई जबकि विवाहित युगल को बचा लिया गया.

विमान की कराई गई आपातकालीन लैंडिंग

घटना उस वक्त हुई जब जहाज जेद्दाह से इस्लामाबाद आ रहा था. पीआईए की विमान संख्या पीके-742 में 225 यात्री सवार थे. मगर तीन यात्रियों को छाती दर्द की शिकायत के बाद विमान को कराची एयरपोर्ट पर आपातकालीन स्थिति में उतारा गया. इस दौरान नागर विमानन प्राधिकरण अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई और उनसे तत्काल मौके पर सुविधा पहुंचाने को कहा गया. जिसके बाद यात्रियों के इलाज के लिए एंबुलेंस, डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को भेजा गया. स्वास्थ्य कर्मियों ने एंबुलेंस से मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया. इस दौरान एक यात्री को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. महाला बीबी नाम की यात्री की मौत जहाज की लैंडिंग से पहले ही हो चुकी थी. गनीमत ये रही कि विवाहित युगल को बचा लिया गया.

कब पड़ता है दिल का दौरा ?

डॉक्टरों के मुताबिक दिल का दौरा या हार्ट अटैक उस वक्त आता है जब किसी कारण दिल तक ब्लड का फ्लो नहीं हो पाता. आम तौर पर ब्लड फ्लो शरीर में फैट, कोलेस्ट्रोल और अन्य पदार्थों के जमा होने से प्रभावित होता है. क्योंकि ये धमनियों में पट्टिका का निर्माण करती हैं. जिससे दिल की धमनियों तक ब्लड फ्लो ब्लॉक हो जाता है.

]]>
 रूसी विमान खरीदने के लिए चीन के ऊपर लगाए अमेरिका ने कई  प्रतिबंध… https://www.shauryatimes.com/news/11726 Fri, 21 Sep 2018 06:42:12 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=11726 अमेरिका सरकार ने रूस से सुखोई एसयू-25 लड़ाकू विमान और जमीन से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइलें खरीदने के लिए चीनी सेना की एक अहम इकाई पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका ने कहा है कि चीन के रक्षा मंत्रालय के उपकरण विकास विभाग की खरीद ने रूस पर उसके प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है. अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इस कार्रवाई का मकसद रूस की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के जवाब में उस पर हर्जाना लगाना है.

अमेरिका सरकार ने रूस से सुखोई एसयू-25 लड़ाकू विमान और जमीन से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइलें खरीदने के लिए चीनी सेना की एक अहम इकाई पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका ने कहा है कि चीन के रक्षा मंत्रालय के उपकरण विकास विभाग की खरीद ने रूस पर उसके प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है. अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इस कार्रवाई का मकसद रूस की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के जवाब में उस पर हर्जाना लगाना है.’’   पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने भारत को भी ऐसे ही मामले में आगाह किया था कि रूस से हथियारों की खरीदने पर उसे अमेरिका से विशेष छूट मिलने की कोई गारंटी नहीं होगी. वॉशिंगटन इस बात को लेकर चिंतित है कि भारत अपने पुराने सहयोगी देश रूस से जमीन से हवा में लंबी दूरी की मारक क्षमता रखने वाली मिसाइल-रोधी प्रणाली एस-400 सहित अन्य हथियारों की खरीद कर रहा है. बताते चलें कि हाल के सालों में भारत अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण रक्षा सहयोगी बनकर उभरा है.   ट्रंप ने बदले हथियार खरीद के नियम रूस के खिलाफ अमेरिका के मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई देश रूस से रक्षा या खुफिया विभाग के क्षेत्रों में कोई लेन-देन या सौदे करता है तो उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा. इसी के तहत चीन पर ये प्रतिबंध लगाए गए हैं. लेकिन, रक्षा मंत्री जिम मैटिस के प्रयासों के बाद अमेरिकी संसद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री को रूस के साथ सौदा करने वाले सहयोगी देशों को प्रतिबंधों से छूट देने का अधिकार दे दिया.   भारत को मिलेगी छूट पेंटागन में एशिया और प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक मंत्री रैंडल स्रीवर ने कहा था कि छूट देने वालों ने एक ऐसा माहौल बनाया है जिससे लगता है कि भारत को इस संबंध में छूट प्राप्त होगी ही, फिर चाहे वह कुछ भी करता रहे. उन्होंने कल कहा था, ‘‘मैं बताना चाहूंगा कि यह थोड़ी भ्रमित करने वाली बात है. हमें अभी भी इसकी चिंता है कि भारत रूस के साथ बड़े सौदे कर सकता है. यहां बैठकर मैं आपसे यह नहीं कह सकता कि उन्हें छूट मिलेगी ही और उनके लिए प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी."   आपको बता दें भारत ने रूस से S- 400 की खरीद को अमली जामा पहना दिया है. ये डील 40,000 करोड़ रुपए की है. भारत की एयरफोर्स में नई जान फूंकने के लिहाज़ से की गई इस डील को लेकर दोनों देश अमेरिका के उन प्रतिबंधों से बचने के उपाए खोज रहे हैं जो रूस से हथियार खरीद पर लगाए जाते हैं.

पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने भारत को भी ऐसे ही मामले में आगाह किया था कि रूस से हथियारों की खरीदने पर उसे अमेरिका से विशेष छूट मिलने की कोई गारंटी नहीं होगी. वॉशिंगटन इस बात को लेकर चिंतित है कि भारत अपने पुराने सहयोगी देश रूस से जमीन से हवा में लंबी दूरी की मारक क्षमता रखने वाली मिसाइल-रोधी प्रणाली एस-400 सहित अन्य हथियारों की खरीद कर रहा है. बताते चलें कि हाल के सालों में भारत अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण रक्षा सहयोगी बनकर उभरा है.

ट्रंप ने बदले हथियार खरीद के नियम
रूस के खिलाफ अमेरिका के मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई देश रूस से रक्षा या खुफिया विभाग के क्षेत्रों में कोई लेन-देन या सौदे करता है तो उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा. इसी के तहत चीन पर ये प्रतिबंध लगाए गए हैं. लेकिन, रक्षा मंत्री जिम मैटिस के प्रयासों के बाद अमेरिकी संसद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री को रूस के साथ सौदा करने वाले सहयोगी देशों को प्रतिबंधों से छूट देने का अधिकार दे दिया.

भारत को मिलेगी छूट
पेंटागन में एशिया और प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक मंत्री रैंडल स्रीवर ने कहा था कि छूट देने वालों ने एक ऐसा माहौल बनाया है जिससे लगता है कि भारत को इस संबंध में छूट प्राप्त होगी ही, फिर चाहे वह कुछ भी करता रहे. उन्होंने कल कहा था, ‘‘मैं बताना चाहूंगा कि यह थोड़ी भ्रमित करने वाली बात है. हमें अभी भी इसकी चिंता है कि भारत रूस के साथ बड़े सौदे कर सकता है. यहां बैठकर मैं आपसे यह नहीं कह सकता कि उन्हें छूट मिलेगी ही और उनके लिए प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी.”

आपको बता दें भारत ने रूस से S- 400 की खरीद को अमली जामा पहना दिया है. ये डील 40,000 करोड़ रुपए की है. भारत की एयरफोर्स में नई जान फूंकने के लिहाज़ से की गई इस डील को लेकर दोनों देश अमेरिका के उन प्रतिबंधों से बचने के उपाए खोज रहे हैं जो रूस से हथियार खरीद पर लगाए जाते हैं.

]]>