श्रद्धा कपूर – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 11 Aug 2019 10:43:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 ‘साहो’ में प्रभास के साथ मुख्य भूमिका में नज़र आएंगी: श्रद्धा कपूर https://www.shauryatimes.com/news/52193 Sun, 11 Aug 2019 10:43:05 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=52193  बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर का कहना है कि उनके सह-कलाकार प्रभास बहुत बड़े स्टार हैं, लेकिन उनके पास एक बहुत ही अच्छा दिल भी है. श्रद्धा अपकमिंग एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘साहो’ में प्रभास के साथ मुख्य भूमिका में नज़र आएंगी. फिल्म का ट्रेलर शनिवार को रिलीज़ किया गया है, जिसे फैंस बहुत पसंद कर रहे हैं. श्रद्धा कपूर ने कहा, “प्रभास एक बड़े सुपरस्टार हैं, लेकिन उनके पास बहुत ही अच्छा दिल भी है. मैं और मेरी टीम इससे बेहद प्रभावित हुए. हमनें ढेर सारी मस्ती की.” श्रद्धा कपूर ने हैदराबाद में शूटिंग के अपने अनुभव को शेयर करते हुए कहा, “मैं शब्दों में अपने अनुभव को बयां नहीं कर सकती. दरअसल, पूरी टीम ने मेरा स्वागत परिवार के एक सदस्य की तरह किया. इस फिल्म की शूटिंग हमने दो साल में पूरी की.”अभिनेत्री ने आगे कहा, “इन दो सालों में, हैदराबाद वास्तव में मेरा दूसरा घर बन गया है. उनसे मिलने वाले प्यार की वजह से मैं वहां बार-बार जाना पसंद करूंगी.”

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 इम्प्रेस करने में असफल रही ‘बत्ती गुल मीटर चालू’, मिले इतने स्टार आप भी जानिए: https://www.shauryatimes.com/news/11750 Fri, 21 Sep 2018 08:49:31 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=11750

कई सारी फिल्में नेक इरादे से बनती हैं और उनमें बात कहने में एक ईमानदारी भी होती है मगर वह असफल इसलिए हो जाती हैं क्योंकि सिर्फ एक मुद्दा दिखाने का ईमानदार जज्बा एक अच्छी फिल्म बना सके यह जरूरी नहीं! ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के साथ कुछ-कुछ ऐसा ही हो रहा है।

अंशुमन महाले की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को दर्शनीय बनाती है। निर्देशक नारायण सिंह एडिटर नारायण सिंह पर हावी रहे इसलिए एडिटिंग में थोड़ी कमजोरी नज़र आती है। हालांकि, अनु मलिक, रोचक कोहली और सचित-परंपरा के गीत कर्णप्रिय बन गए हैं।  कुल मिलाकर ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ ईमानदार विचार का असफल प्रयास है। ईमानदार नीयत और कलाकारों के अभिनय के लिए चाहें तो आप यह फिल्म देख सकते हैं। नहीं भी देखेंगे तो आप ज्यादा कुछ खोने नहीं वाले हैं।

‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्म बनाने वाले श्री नारायण सिंह की ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ की बत्ती गुल करने में स्क्रीनप्ले राइटर्स की टीम विपुल रावल, सिद्धार्थ सिंह और गरिमा वहाल के साथ-साथ श्री नारायण सिंह खुद भी जिम्मेदार हैं। कथा और पटकथा दोनों में ही यथार्थ का अभाव नजर आता है। फिल्म एक डिप्लोमा फिल्म की तरह रह जाती है जिसमें ईमानदार फिल्म बनाने की नीयत तो है पर एक विद्यार्थी का नौसिखिया अंदाज भी है। काश श्री नारायण सिंह ने कहानी पर और मेहनत की होती तो यह फिल्म एक अलग स्तर पर खड़ी नजर आती।

अभिनय की बात करें तो शाहिद कपूर इस फिल्म में एक अलग अंदाज में नजर आते हैं। जिस तरह का ग्राफ उन्होंने एक अभिनेता के तौर पर इस किरदार का गढ़ा है वो वाकई दिल छू लेता है। श्रद्धा कपूर जिन्होंने पहली बार किसी मुद्दे पर आधारित फिल्म की है अपने सहज अभिनय से बांधे रखती है। दिव्येन्दू शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति सशक्त रूप से दर्ज कराई है। यामी गौतम थोड़ी देर के लिए ही आती है लेकिन अपनी छाप छोड़ जाती है।

अंशुमन महाले की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को दर्शनीय बनाती है। निर्देशक नारायण सिंह एडिटर नारायण सिंह पर हावी रहे इसलिए एडिटिंग में थोड़ी कमजोरी नज़र आती है। हालांकि, अनु मलिक, रोचक कोहली और सचित-परंपरा के गीत कर्णप्रिय बन गए हैं।

कुल मिलाकर ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ ईमानदार विचार का असफल प्रयास है। ईमानदार नीयत और कलाकारों के अभिनय के लिए चाहें तो आप यह फिल्म देख सकते हैं। नहीं भी देखेंगे तो आप ज्यादा कुछ खोने नहीं वाले हैं।

स्टार कास्ट: शाहिद कपूर, श्रद्धा कपूर, दिव्येंदु शर्मा और यामी गौतम

निर्देशक: श्री नारायण सिंह

निर्माता: भूषण कुमार, निशांत पिट्टी व कृष्ण कुमार

रेटिंग: 5 में से 2 स्टार

अवधि: 2 घंटे 41 मिनट

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