<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>श्रेष्ठ भारत की प्रेरणास्थली रहा है बंगाल &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
	<atom:link href="https://www.shauryatimes.com/news/tag/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%b8/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shauryatimes.com</link>
	<description>Latest Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Fri, 19 Feb 2021 07:06:48 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9</generator>
	<item>
		<title>विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत में शामिल हुए PM मोदी, बोले- एक भारत, श्रेष्ठ भारत की प्रेरणास्थली रहा है बंगाल</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/103061</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Feb 2021 07:06:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बोले- एक भारत]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व भारती विश्वविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने हर भारतीय के लिए गर्व की बात है : PM मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रेष्ठ भारत की प्रेरणास्थली रहा है बंगाल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.shauryatimes.com/?p=103061</guid>

					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विश्वभारती के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर और विश्व भारती विश्वविद्यालय के महत्व को लेकर बात की। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विश्वभारती के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर और विश्व भारती विश्वविद्यालय के महत्व को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विश्व भारती विश्वविद्यालय को देश के शिक्षा संस्थाओं का नेतृत्व करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने बंगाल के महत्व पर भी बात की।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-103062" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/02/jkjk-1.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/02/jkjk-1.jpg 650w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/02/jkjk-1-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>विश्व भारती को शिक्षा संस्थाओं का नेतृत्व सौंपने का संकल्प</strong></p>
<p>अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत जो है, जो मानवता, जो आत्मीयता, जो विश्व कल्याण की भावना हमारे रक्त के कण-कण में है। उसका एहसास बाकी देशों को कराने के लिए विश्व भारती को देश की शिक्षा संस्थाओं का नेतृत्व करना चाहिए।</p>
<div id="details_interstitial_1x1" data-google-query-id="COOb3L-w9e4CFUwEcgodRGcIzA">
<p>उन्होंने कहा कि मेरा आग्रह है, अगले 25 वर्षों के लिए विश्व भारती के विद्यार्थी मिलकर एक विजन डॉक्यूमेंट बनाएं। वर्ष 2047 में, जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष का समारोह बनाएगा, तब तक विश्व भारती के 25 सबसे बड़े लक्ष्य क्या होंगे, ये इस विजन डॉक्यूमेंट में रखे जा सकते हैं।</p>
<p><strong>बंगाल को लेकर पीएम मोदी का बयान</strong></p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल ने अतीत में भारत के समृद्ध ज्ञान-विज्ञान को आगे बढ़ाने में देश को नेतृत्व दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल, एक भारत, श्रेष्ठ भारत की प्रेरणा स्थली भी रहा है और कर्मस्थली भी रहा है।</p>
<div class="adsBox">
<div id="details_midarticle_480x320" data-google-query-id="CJGgvPew9e4CFVmTSwUd6fsL6g">
<p>पीएम मोदी ने कहा कि हम इस वर्ष अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि विश्व भारती के प्रत्येक विद्यार्थी की तरफ से देश को सबसे बड़ा उपहार होगा कि भारत की छवि को और निखारने के लिए आप ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करें।</p>
<p><strong>नई घोषणाओं पर बोले पीएम मोदी</strong></p>
<p>इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में सरकार ने देश और दुनिया के लाखों Journals की फ्री एक्सेस अपने Scholars को देने का फैसला किया है। इस साल बजट में भी रिसर्च के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के माध्यम से आने वाले 5 साल में 50 हज़ार करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव रखा है।</p>
<p><strong>विश्व भारती ज्ञान का उन्मुक्त समंदर- पीएम मोदी</strong></p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि विश्व भारती तो अपने आप में ज्ञान का वो उन्मुक्त समंदर है, जिसकी नींव ही अनुभव आधारित शिक्षा के लिए रखी गयी थी। ज्ञान की Creativity की कोई सीमा नहीं होती है, इसी सोच के साथ गुरुदेव ने इस महान विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता हमारा वर्तमान और भविष्य तय नहीं करती। हो सकता है आपको किसी फैसले के बाद जैसा सोचा था वैसा परिणाम न मिले, लेकिन आपको फैसला लेने में डरना नहीं चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि गुरुदेव टैगोर ने विश्वभारती में जो व्यवस्थाएं विकसित कीं, जो पद्धतियां विकसित कीं, वो भारत की शिक्षा व्यवस्था को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त करने, उन्हें आधुनिक बनाने का एक माध्यम थीं।</p>
<p><strong>ज्ञान के महत्व पर डाला प्रकाश</strong></p>
<p>जिस प्रकार सत्ता में रहते हुए संयम और संवेदनशील रहना पड़ता है, रहना जरूरी होता है, उसी प्रकार हर विद्वान को, हर जानकार को भी उनके प्रति जिम्मेदार रहना पड़ता है जिनके पास वो शक्ति है। आपका ज्ञान सिर्फ आपका नहीं, बल्कि समाज की, देश की हर एक भावी पीढ़ियों की भी वो धरोहर है। आपका ज्ञान अपकी स्किल एक समाज, एक राष्ट्र को गौरवान्वित भी कर सकती है।</p>
<p><strong>गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर को किया याद</strong></p>
<p>विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर ने जो अद्भुत धरोहर मां भारती को सौंपी हैं, उसका हिस्सा बनना, आप सभी साथियों से जुड़ना, मेरे लिए प्रेरक भी है और आनंददायक भी है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि इस बार तो कुछ समय के अंतराल पर मुझे दूसरी बार ये मौका मिला है। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपके जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी युवा साथियों को, माता पिता को और गुरुजनों को मैं बहुत बहुत बधाई और अनेक अनेक शुभकामनाएं देता हूं।</p>
<p>छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आप सिर्फ एक विश्वविद्यालय का ही हिस्सा नहीं हैं, बल्कि एक जीवंत परंपरा का हिस्सा भी हैं। उन्होंने कहा कि गुरुदेव अगर विश्व भारती को सिर्फ एक यूनिवर्सिटी के रूप में देखना चाहते, तो वो इसे ग्लोबल यूनिवर्सिटी या कोई और नाम दे सकते थे, लेकिन उन्होंने इसे विश्व भारती विश्वविद्यालय नाम दिया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि गुरुदेव टैगोर के लिए विश्व भारती सिर्फ ज्ञान देने वाली एक संस्था मात्र नहीं थी। ये एक प्रयास है भारतीय संस्कृति के शीर्षस्थ लक्ष्य तक पहुंचने का। उन्होंने कहा कि गुरुदेव कहते थे &#8211; हे श्रमिक साथियों, जानकर साथियों, हे समाजसेवियों, हे संतों, समाज के सभी जागरूक साथियों। आइये समाज की मुक्ति के लिए मिलकर प्रयास करें।</p>
<p><strong>विश्वभारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी</strong></p>
<p>पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विश्वभारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी इस समारोह में उपस्थित हैं।</p>
<div class="relativeNews">
<p><strong>विश्व भारती की खासियत और महत्व</strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन स्थित विश्व भारती एक ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां प्राचीन भारत की आत्मा बसती है। विश्व भारती की स्थापना 1921 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। यह देश का सबसे पुराना केंद्रीय विश्वविद्यालय(Central University) है। यहां आज भी खुले आकाश तले पेड़ों की छांव में कक्षाएं लगती हैं। इस विश्वविद्यालय में आज भी गुरुकुल व्यवस्था की तरह ही खुले आकाश तले पेड़ों की छांव में कक्षाएं लगती हैं।</p>
<p id="rel9">
<p>इसका मतलब यह नहीं कि विश्वविद्यालय कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन शिक्षा के इस युग में पिछड़ा होगा। विश्व भारती विश्वविद्यालय भारत का केंद्रीय विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व का संस्थान भी घोषित है। परिसर में हर ओर भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक दिखाई देती है।</p>
<p>शांति निकेतन में विश्वभारती विश्वविद्यालय की शुरुआत एक आश्रम के तौर पर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर (ठाकुर) के पिता महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1863 में एक आश्रम की स्थापना की थी। बाद में रवींद्रनाथ टैगोर ने इस विश्वविद्यालय को स्थापित किया। 1901 में केवल 5 छात्रों के साथ गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर ने इसकी शुरुआत की थी। 1921 में इसे राष्ट्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। विश्वभारती को 1951 में केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा मिला था। यह एकमात्र केंद्रीय विवि है, जिसके कुलाधिपति देश के प्रधानमंत्री होते हैं।</p>
<p><strong>बंगाल दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को बंगाल आ रहे हैं। इस दौरान जहां वह एक ओर नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन तक मेट्रो सेवा का शुभारंभ करेंगे, वहीं दूसरी ओर हुगली जिले में सभा को भी संबोधित करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<div class="bannerBox border0"></div>
</div>
<div class="relativeNews"></div>
<div class="relativeNews"></div>
<div class="relativeNews"></div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: www.shauryatimes.com @ 2026-04-08 04:24:39 by W3 Total Cache
-->