सिंध प्रांत के CM का दावा – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 08 Jan 2019 06:16:33 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 सिंध प्रांत के CM का दावा, दुनियाभर में घूमकर भीख मांग रहे हैं इमरान खान https://www.shauryatimes.com/news/26594 Tue, 08 Jan 2019 06:16:33 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=26594 पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान नकदी के संकट से जूझ रहे अपने देश के लिए दुनियाभर में घूमकर वित्तीय मदद की भीख मांग रहे हैं.  बदीन के मातली में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता शाह ने कहा, “इमरान खान (वित्तीय मदद की) भीख मांगने के लिए एक देश से दूसरे देश जा रहे हैं.” समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, शाह ने कहा कि जिन्हें राजनीति का कोई अनुभव नहीं है, उन्हें सरकार में शामिल किया गया है.

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पांच जनवरी को पाकिस्तान को उसके भुगतान संतुलन की चुनौती का समाधान करने में मदद के लिए 6.2 अरब डॉलर का पैकेज देने का फैसला लिया. डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, पैकेज में 3.2 अरब डॉलर मूल्य के तेल की आपूर्ति के लिए भुगतान को बाद में करने की सुविधा और तीन अरब डॉलर नकदी शामिल हैं.  इसकी घोषणा अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के रविवार से पाकिस्तान के दो दिनों के दौरे के दौरान की जा सकती है.

पाई पाई के लि‍ए मोहताज पाकिस्‍तान को 6.2 अरब डॉलर का कर्ज दे सकता है यूएई

पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से भी 8 अरब अमेरिकी डॉलर की कर्ज सहायता के लिए बातचीत कर रहा है. यूएई अपने सहायता पैकेज में पाकिस्तान को 3 अरब अमेरिकी डॉलर की नकद जमा देने के साथ साथ 3.2 अरब अमेरिकी डालर के तेल की आपूर्ति उधार पर करने सुविधा दे सकता है. पाकिस्तान के डॉन अखबार ने देश के एक केंद्रीय मंत्री के हवाले से यह खबर दी है.

खबर में मंत्री के हवाले से कहा गया है कि यूएई के सहायता पैकेज की शर्तें सऊदी अरब से प्राप्त पैकेज की शर्तों जैसी ही हैं. पाकिस्तान को उसके घनिष्ठ मित्र चीन से मोटी मदद मिल रही है. प्रधानमंत्री इमरान खान ने चीन की सहायता राशि नहीं बतायी है. उन्होंने कहा है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उन्हें राशि सार्वजनिक करने से मना किया है.

पाकिस्तान मुद्राकोष से ऋण की बात तो कर रहा है पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह सुनिश्चत करना चाहते हैं कि इस बहुपक्षीय संस्था से कर्ज में मिले धन का प्रयोग पाकिस्तान चीन के महंगे कर्ज को चुकाने में ना करे. अमेरिका का मानना है कि चीन के ऋण भार के चलते ही पाकिस्तान आर्थिक कठिनाइयों में फंसा है.

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