100 लोगों को कंबल बांटकर किया नव वर्ष का आगाज cms – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Wed, 02 Jan 2019 09:22:26 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 मानवता की मिसाल : रात में ठंड से ठिठुर रहे 100 लोगों को कंबल बांटकर किया नव वर्ष का आगाज https://www.shauryatimes.com/news/25640 Wed, 02 Jan 2019 09:22:26 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=25640 गरीबों को कंबल ओढ़ाते सीएमएस प्रबंधक के निजी सहायक अखिलेश पांडेय

लखनऊ : सिटी मांटेसरी स्कूल के प्रबंधक डॉ.जगदीश गांधी के निजी सहायक अखिलेश पांडे नव वर्ष के पहले दिन 01 जनवरी 2019 को जाड़े की भयंकर सर्दी में सड़क किनारे फुटपाथ पर सो रहे बेसहारा गरीबों को कंबल बांटकर मानवीय पहल की। अखिलेश पांडेय ने रात्रि 11:00 बजे से भोर 4:00 बजे तक हनुमान सेतु, महानगर, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, सीतापुर रोड, चारबाग, आलमबाग एवं निशातगंज में तथा अन्य जगहों पर, जहां कहीं भी सड़क पर लेटे हुए ठंडक से ठिठुर रहे लोगों को देखा, वहीं रुक कर ठंड से सिकुड़ रहे गरीब को कंबल ओढ़ाकर मानवता की मिसाल पेश की।

उल्लेखनीय है कि अखिलेश पांडेय सिटी मांटेसरी स्कूल के इम्प्लाई हैं। वे छोटी सी पूंजी की कमाई से कंबल खरीदकर गरीबों को जाड़े की भयंकर सर्दी से कंबल देकर उनको ठंडक से बचाने का प्रयास किया, जो सराहनीय है। अखिलेश पांडे प्रतिवर्ष नव वर्ष पर अपनी कमाई से गरीबों के लिए कंबल खरीदते हैं और पूरी रात कंबल बांटने यह पुनीत कार्य करते हैं। पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी अखिलेश पांडे ने 100 लोगों को जाड़े की ठंडक से बचाने के लिए कंबल का वितरण किया। अखिलेश पांडे इस काम का श्रेय अपने पूजनीय माता और पिता को देते हैं। वे बताते हैं कि उन्हीं की प्रेरणा से इस कार्य को सदैव की भांति प्रतिवर्ष जनवरी के प्रथम सप्ताह में करते आ रहे हैं।

अखिलेश बताते हैं कि अपने लिए तो हर कोई करता है परंतु समाज में जरूरतमंद लोगों को यदि मेरे द्वारा छोटी सी मदद मिल जाती है तो इससे अच्छा नया वर्ष मनाने का तरीका और कोई नहीं हो सकता, क्योंकि नए वर्ष में जो लोग पार्टियों में जाकर अनाप-शनाप पैसा खर्च करते हैं, यदि वह समाज और जरूरतमंद लोगों के लिए भी कुछ खर्च करते हैं तो इस कार्य से जो आत्मा को शांति और सुख मिलता है, इससे अच्छा नेक कार्य नहीं हो सकता। इसके बदले में गरीबों की जो दुआएं मिलती हैं, यह हजारों रुपए खर्चा करने पर भी नहीं मिलती है।

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