2 लाख ड्राइवर ने की हड़ताल – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 01 Sep 2020 08:25:40 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 आज दिल्ली-NCR में सड़कों पर नहीं दौड़ेगी Ola-Uber की गाड़ियां, 2 लाख ड्राइवर ने की हड़ताल https://www.shauryatimes.com/news/82622 Tue, 01 Sep 2020 08:25:40 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=82622  देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) और उसके आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को आप ओला या उबर (Ola or Uber) की टैक्सी से सफर नहीं कर पाएंगे. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ओला और उबर कैब सर्विस के दो लाख के करीब ड्राइवर दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में हड़ताल पर चले गए हैं. जानकारी के मुताबिक, किराया में बढ़ोतरी और लोन ईएमआई आगे बढ़ाने की मांग को लेकर ये ड्राइवर हड़ताल पर गए हैं. दिल्ली के सर्वोदय ड्राइवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह गिल ने कहा कि कैब सेवाओं के लगभग 2 लाख ड्राइवर अपनी मांगों को लेकर आज हड़ताल (Strike) पर हैं. उनका कहना है कि ये ड्राइवर काफी दिनों से किराया में बढ़ोतरी और लोन ईएमआई आगे बढ़ाने की मांग सरकार से कर रहे हैं, लेकिन उनकी अपील पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
कमलजीत सिंह गिल ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से ये ड्राइवर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. इनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है. ऐसे में ये ड्राइवर अपनी ईएमआई का भुगतान करने में भी असमर्थ हैं. वहीं, आज से ईएमआई जमा करने की समय सीमा समाप्त हो रही है. ऐसे में बैंक की ओर से पहले से ही किश्त जमा करने के लिए बनाए जा रहे दबाव की वजह से ड्राइवरों की चिंता और बढ़ गई है. आखिर उनके सामने समस्या यह है कि आर्थिक तंगी की वजह से वो ईएमआई का भुगतान कैसे कर पाएंगे.

 ई-चालान को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं
इसके अलावा ड्राइवर्स अपने वाहनों के खिलाफ जारी किए गए ई-चालान को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं. वे दिल्ली और एनसीआर में नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुड़गांव के बीच यात्रा करते समय कैब एग्रीगेटर्स से एक उच्च कमीशन भी चाहते हैं. हालांकि, ओला और उबर दोनों ने अभी तक ड्राइवरों द्वारा दिए गए हड़ताल के कॉल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. बता दें कि इन चालकों ने हड़ताल का आह्वान ऐसे समय में किया है जब दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो सेवा भी बंद है. साथ ही अन्य सार्वजनिक परिवहन प्रणालियां चालू नहीं हैं. खास कर बसों में क्षमता से काफी कम यात्रियों को बैठाया जा रहा है. ऐसे में ओला और उबर कैब के ड्राइवरों की हड़ताल से यातायात में परेशानी भी हो सकती है.

]]>