2 – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 27 Apr 2021 06:55:25 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 देश में कई दिन बाद नए मामलों में कमी, बीते 24 घंटे में 3.13 लाख केस, 2,638 की मौत, कई राज्‍यों में सख्‍त पाबंदियां https://www.shauryatimes.com/news/109909 Tue, 27 Apr 2021 06:55:25 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=109909  देश में 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 3,13,777 नए मामले सामने आए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे मामलों में कई दिन बाद पहली बार कमी देखी गई। इसे एक सकारात्मक संकेत समझा जा रहा है। हालांकि स्थिति के बारे में अभी पुख्ता तरीके से कुछ नहीं कहा जा सकता। अगले एक दो दिन के आंकड़े देखने के बाद ही विशेषज्ञ इस बारे में कोई निष्कर्ष निकाल पाएंगे। बहरहाल इन नए मामलों के साथ अब तक कुल मामले 1,76,20,194 हो गए हैं।

24 घंटे में 2,638 की मौत 

रात 12 तक मिली जानकारी के अनुसार सक्रिय मामले बढ़कर 28,73,656 हो गए हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से 2,638 और लोगों की मौत हो गई। इस तरह अब तक 1,97,756 लोग इस बीमारी से अपने प्राण गंवा चुके हैं। बीते 24 घंटों में 2,44,621 लोगों को ठीक होने पर अस्पताल से छुट्टी मिल गई। कुल मिलाकर 1,45,41,324 लोग इस बीमारी से निजात पा चुके हैं।

रिकवरी रेट गिरी 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार सुबह आठ बजे जो आंकड़े जारी हुए उनके अनुसार सक्रिय मामले बढ़कर 28,13,658 हो गए हैं। ये कुल संक्रमणों का 16.25 फीसद हैं। अचानक बढ़े मामलों के कारण ठीक होने की दर गिरकर 82.62 फीसद और मृत्यु दर 1.13 फीसद हो गई है।

एक दिन में 14,02,367 नमूनों की जांच

देश में बीते सात अगस्त को कोरोना के मामले 20 लाख के पार हुए थे। इसी तरह 16 सितंबर को 50 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ का आंकड़ा पार हुआ। जबकि 19 अप्रैल को संक्रमण के मामलों की संख्या 1.50 करोड़ के पार हुई। आइसीएमआर के अनुसार अब तक 27,93,21,177 नमूनों की जांच की जा चुकी है। रविवार 25 अप्रैल को 14,02,367 नमूनों की जांच की गई।

महाराष्ट्र में सर्वाधिक मौतें

बीते 24 घंटों में जिन 2,638 और लोगों की कोरोना से मौत हुई उनमें सबसे अधिक 524 लोग महाराष्ट्र के थे। इसके बाद दिल्ली से 380, उत्तर प्रदेश से 249, छत्तीसगढ़ से 226, गुजरात से 158, कर्नाटक से 201 और तमिलनाडु से 94, राजस्थान से 84, मप्र से 88 लोग शामिल हैं। देश में अब तक कुल 1,95,123 मौतें हुई हैं। इनमें महाराष्ट्र से 64,760, कर्नाटक से 14,426, दिल्ली से 14,248, तमिलनाडु से 13,557, उत्तर प्रदेश से 11,165, बंगाल से 10,941, पंजाब से 8,432 और आंध्र प्रदेश से 7,685 लोगों की जान गई।

कर्नाटक में 14 का लॉकडाउन

कर्नाटक सरकार ने एहतियात के तौर पर मंगलवार की रात से राज्य भर में 14 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि कोरोना संकट पर काबू पाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान आवश्यक सामानों की दुकानों को सुबह छह से रात दस बजे तक खोलने की इजाजत होगी। यही नहीं कृषि क्षेत्र, उत्पादन क्षेत्र, मेडिकल एवं जरूरी वस्तुओं के उत्पादन से जुड़े क्षेत्र काम करना जारी रखेंगे।

महाराष्ट्र में संभलने लगे हालात 

महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने बताया कि मुंबई समेत राज्य के 36 में से 15 जिलों में कोरोना का कहर धीमा पड़ा है। वहां ठीक होने वाले मरीजों की संख्या नए मामलों से अधिक देखी गई। राज्य सरकार के प्रयासों से स्थिति संभलने लगी है।

सेना ने संभाला मोर्चा

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बीते दो साल में सेवानिवृत्त होने वाले या समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेने वाले सशस्त्र बलों के सभी चिकित्सा कर्मियों को उनके संबंधित निवास स्थान के आसपास कोविड-19 केंद्रों में काम करने के लिए बुलाया जा रहा है। यही नहीं सेना ऑक्‍सीजन की आपूर्ति में भी अपनी मदद करेगी।

सर्वाधिक नए केस वाले 10 राज्य

राज्य-नए मामले-कुल संक्रमित (लाख में)

महाराष्ट्र 48,700-43.43

उत्तर प्रदेश 33,551-11.20

केरल 21,890-14.27

कर्नाटक 29,744-13.68

दिल्ली 20,201-10.47

छत्तीसगढ़ 15,084-6.67

राजस्थान 16,438-5.30

गुजरात 14,340-4.96

तमिलनाडु 15,684-10.81

मध्य प्रदेश 12,686-4.99

केंद्र सरकार ने दी यह सलाह

केंद्र सरकार ने लोगों को लक्षण नजर आने पर घर के भीतर भी मास्क पहनने की सलाह दी है। सरकार ने टीकाकरण अभियान की गति तेज करने की बात कही और अपील की कि महिलाएं माहवारी के समय कोविड वैक्‍सीन ले सकती हैं। सरकार का कहना है कि देश में ऑक्‍सीजन तो है लेकिन इसे अस्पतालों तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। सरकार ने अस्पतालों से भी यथोचित तरीके से ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने को कहा है। यही नहीं रेमडेसिविर और टोसिलिजुमाब जैसी दवाएं भी जरूरतमंद मरीजों को ही लिखने पर जोर दिया है।

 

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2,000 रुपये की यह इंस्टॉलमेंट आपके अकाउंट में आएगी या नहीं, ऐसे कर सकते हैं चेक https://www.shauryatimes.com/news/95327 Tue, 22 Dec 2020 08:54:12 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=95327 अगर आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की सातवीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर 25 दिसंबर को सरकार किसानों के खाते में 2,000 रुपये की किस्त ट्रांसफर करेगी। उल्लेखनीय है कि PM Kisan Yojana केंद्र सरकार की बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है। इस कानून के तहत सरकार हर वित्त वर्ष में तीन बराबर किस्त में 6,000 रुपये की रकम किसानों के बैंक खातों में भेजती है। हालांकि, अगर आप इस योजना के लाभार्थी हैं या हाल में आपने इस योजना के लिए आवेदन किया है तो आप यह जानना चाह रहे होंगे कि इस स्कीम का लाभ आपको मिलेगा या नहीं।

इस चीज का पता लगाने के लिए आपको सबसे पहले पीएम किसान (PM Kisan) की आधिकारिक वेबसाइट पर इस योजना के लाभार्थियों की लिस्ट चेक करनी होगी।

आइए जानते हैं पीएम किसान योजना के लाभार्थियों की लिस्ट कैसे चेक की जाती है।

1. इसके लिए आपको सबसे पहले PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

2. यहां ‘Farmers Corner’ में आपको ‘Beneficiary List’ दिखेगा।

3. अब आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा।

4. नए पेज पर राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का नाम चुनें और फिर ‘Get Report’ पर क्लिक कीजिए।

5. इस लिस्ट में आपको एक पेज पर कई लोगों के नाम नजर आएंगे।

6. यह लिस्ट अल्फाबेटिक ऑर्डर में होती है। अतः आप अपने नाम के पहले अक्षर के हिसाब से इस लिस्ट में अपना नाम ढूंढ सकते हैं।

अगर आपका नाम इस लिस्ट में है तो आपको चिंता करने की बात नहीं है। सरकार द्वारा पैसे ट्रांसफर किए जाने के बाद आप ‘Beneficiary Status’ में जाकर आगे ट्रैक कर सकते हैं। आप इस ऑप्शन के तहत Aadhaar No, Account No और मोबाइल नंबर में से किसी एक नंबर के जरिए यह ट्रैक कर सकते हैं कि सरकार द्वारा भेजी गई किस्त की स्थिति क्या है। स्टेटस में अगर FTO is Generated and Payment confirmation is pending यह लिखा आता है तो आपको निश्चिंत हो जाने की जरूरत है। इसका मतलब होता कि सरकार ने आपके द्वारा दिए गए विवरण की पुष्टि कर ली है और देर-सवेर आपके अकाउंट में यह रकम आ जाएगी।

 

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2,500 MTS पदों पर निकली वेकेंसी, ये लोग कर सकते है आवेदन https://www.shauryatimes.com/news/93031 Sat, 05 Dec 2020 11:58:31 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=93031 ज्‍वाइंट रिक्रूटमेंट बोर्ड त्रिपुरा ने ऑफिशियल विज्ञप्ति जारी कर मल्‍टी टास्किंग के खाली 2,500 पदों पर भर्ती के लिए योग्‍य कैंडिडेट्स से आवेदन आमंत्रित किए हैं. इससे जुड़ी पूरी जानकारी डॉयरेक्‍ट्रेट ऑफ एम्‍प्‍लॉयमेंट सर्विसेज़ एंड मैनपॉवर प्लैनिंग, त्रिपुरा की ऑफिशियल पोर्टल employment.tripura.gov.in पर जारी की गई है. इच्‍छुक केंडिडेट तय योग्‍यताओं, आवेदन शुल्‍क और चयन आदि से सबंधित अन्‍य जानकारी के लिए नोटिफिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं.

पदों का विवरण:
नॉन टेक्निकल, ग्रुप D श्रेणी के मल्टी टास्किंग पदों पर कैंडिडेट्स की भर्ती की जानी है. कुल 2,500 पदों पर भर्ती की जानी है जिसके लिए चयनित कैंडिडेट्स को 1,400/-रुपए के ग्रेड-पे नौकरी पर रखा जाएगा.

वेतनमान:
कैंडिडेट्स को त्रिपुरा स्‍टेट पे-मैट्रिक्‍स 2018 के आधार पर वेतन मिलेगा. ऑनलाइन एप्लिकेशन 28 दिसंबर से आरम्भ होंगे तथा ऑनलाइन एप्लिकेशन की अंतिम दिनांक 11 फरवरी 2021 है.

शैक्षणिक योग्यता:
इन पदों पर भर्ती के लिए अनारक्षित श्रेणी के 8वीं पास केंडिडेट अप्लाई कर सकते हैं. SC/ST/PH श्रेणी के 5वीं पास केंडिडेट भी अप्लाई करने के पात्र हैं.

आयु सीमा:
अप्लाई करने के लिए केंडिडेट की आयु 18 वर्ष से 41 वर्ष के मध्य होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित श्रेणी के कैंडिडेट्स के लिए अधिकतम आयु में 5 वर्ष की छूट का प्रावधान है.

ऐसे करें आवेदन:
अप्लाई करने के लिए अनारक्षित श्रेणी के कैंडिडेट्स को 200/- रुपए का आवेदन शुल्‍क जमा करना होगा, जबकि आरक्षित कैंडिडेट्स के लिए आवेदन शुल्क 150/- रुपए है. PwD कैंडिडेट्स के लिए आवेदन निशुल्‍क है.

चयन प्रक्रिया:
कैंडिडेट्स का चयन एक 85 नंबर की लिखित परीक्षा तथा 15 नंबर के इंटरव्‍यू के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा.

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें: https://employment.tripura.gov.in/sites/default/files/upload-file/Detailed%20notification%20for%20Grp%20D.pdf

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2,142 कोरोना नमूनों की जांच में 70 संक्रमित, लखनऊ के 16 मरीज https://www.shauryatimes.com/news/79813 Mon, 22 Jun 2020 11:40:58 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=79813 लखनऊ : प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में रविवार को जांच किये गए 2,142 नमूनों में 70 की रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव आई। इनमें लखनऊ व संभल के 16-16, कन्नौज के रोगी 09, मुरादाबाद के 07,अयोध्या-बाराबंकी के 06-06, हरदोई के 04, शाहजहांपुर के 03 तथा सिद्धार्थनगर, उन्नाव व खीरी का 01-01 मरीज शामिल है। इसके अलावा अन्य प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट में भी प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कोरोना के नये मामलों की पुष्टि हुई है। इटावा में आज सुबह 17 नए कोरोना मामले सामने आये हैं। एक और कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई है।

कानपुर देहात जिले में सोमवार को दो संक्रमित मिले हैं। जनपद में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 49 पहुंच गई है। इसमें से 47 प्रवासी हैं। एक संक्रमित की सेनेटाइजर पीने से मौत हो गई थी। अब 13 कोरोना स​क्रिय मामले हैं। बहराइच जनपद के कानूनगो पुरा में चार नए कोरोना पाजिटिव मरीज मिले हैं। ये सभी पहले मिले पॉजिटिव के परिवार के हैं। बलरामपुर जनपद में सोमवार को दो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें एक 12 साल का बच्चा भी शामलि हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह ने इसकी पुष्टि की है। सिद्धार्थनगर जनपद में कोरोना से दो लोगों की मौत हो गई है। जबकि आज कुल 15 नए मरीज सामने आए हैं। संक्रमितों में एक 2 साल का बच्चा भी शामिल है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा राय ने इसकी पुष्टि की है। अब तक जिले में 220 कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 10 की मौत हो चुकी है। 58 स​क्रिय मामले हैं।

 

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2,222 गुना बढ़ी सोने की कीमत, इन कारणों से मिली है मजबूती https://www.shauryatimes.com/news/54712 Wed, 04 Sep 2019 08:26:31 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=54712 आंकड़े बताते हैं कि सोना एक ऐसा निवेश है, जिसमें अगर निवेशक के पास धैर्य हो तो निवेश करने के साथ ही मुनाफे की गारंटी भी मिल जाती है। अगर पिछले 10 दशकों में सोने की कीमतों का आकलन करें, तो चौंकाने वाले आंकड़े मिलते हैं। साल 1929 में सोने की कीमत मात्र 18 रुपये प्रति 10 ग्राम रही थी, जो अब 40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच चुकी है। इस तरह पिछले सौ सालों में सोने की कीमत 2,222 गुना बढ़ गई है। यह आंकड़ा बताता है कि सोने की कीमत 1-1 दशक में कई गुना बढ़ गई। आने वाले समय में भी सोने में बड़ी तेजी आने के आसार नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं कि सोने की कीमतों का सौ सालों का क्या इतिहास रहा है।

दशक दर दशक आकलन करें, तो सोने की कीमतों में वृद्धि काफी असमान नजर आती है। पिछले सौ सालों के अंदर सोने की कीमत में 1969 से 1979 के बीच सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इस दशक में सोने की कीमत पांच गुना से अधिक बढ़ गई। वहीं, सोने की कीमतों में सबसे कम बढ़त 1949 से 1959 के बीच हुई है। इस दशक में सोने की कीमत करीब 8 रुपये प्रति दस ग्राम ही बढ़ पायी। आइए जानते हैं कि पिछले 10 दशक में सोने की क्या कीमतें रही हैं।

आज से सौ साल पहले यानी साल 1929 में सोने की कीमत सिर्फ 18 रुपये प्रति 10 ग्राम के आस-पास थी। इसके बाद 1939 में यह करीब दोगुनी होकर 32 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इसके बाद 1949 में सोने की कीमत रही 94 रुपये प्रति 10 ग्राम, जो कि करीब 3 गुना बढ़ गई। इसके बाद 1959 तक सोने में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो पायी और इसका दाम उस समय 102 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। साल 1969 तक सोने की कीमत बढ़ते हुए 176 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच चुकी थी।

इसके बाद साल 1969 से 1979 के बीच सोने में बेशुमार तेजी आई, जिसकी बदौलत सोना 176 रुपये से बढ़कर 10 साल में 937 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अगले 10 सालों में सोने का भाव करीब साढ़े तीन गुना बढ़ा और 1989 में 3,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके अगले 10 सालों में भाव में कुछ खास बढ़ोतरी नहीं हुई और कीमत 1999 में पहुंची 4,234 रुपये प्रति 10 ग्राम पर। इसके बाद नए 10 सालों में सोना की कीमत साढ़े तीन गुना बढ़ी और 2009 आते-आते 14,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। 2009 के बाद अब 2019 आते-आते सोने का भाव पौने तीन गुना बढ़कर 40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू गया है।

अभी और बढ़ सकते हैं सोने के दाम

इस समय सोने की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी का प्रमुख कारण यूएस-चाइना ट्रेड वॉर बना हुआ है। इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों के शेयर बाजारों पर पड़ा है। चाहे अमेरिका हो, जापान हो या चीन, सभी के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज हुई है। इस कारण शेयर मार्केट से निराश निवेशकों के लिए सोना सेफ हैवन बना हुआ है और वे लगातार सोने में निवेश कर रहे हैं। वर्तमान में सोने के भाव बढ़ने का दूसरा कारण कई देशों के रिज़र्व बैंकों द्वारा सोने की खरीद किया जाना भी है। यूएस-चाइना ट्रेड वॉर से भारत समेत दुनिया के कई देशों की करंसी दबाव में है। अर्थात वे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुई हैं। ऐसे में इन देशों के केंद्रीय बैंक अपनी करंसी पर दबाव घटाने के लिए सोना खरीद रहे हैं। यही कारण है कि सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं।

 इन सबके बावजूद अच्छा निवेश नहीं है सोना

वैल्यू रिसर्च के CEO धीरेंद्र कुमार बताते हैं कि लॉन्ग टर्म के लिए सोना अच्छा निवेश नहीं है। वह इसलिए क्योंकि यह नियमित आय नहीं देता है और लॉकर में ही पड़ा रहता है। उन्होंने बताया कि जब भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता आती है, तो सोने के दाम बढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि 2016 से पहले के 3-4 सालों में सोने में गिरावट भी देखने को मिली थी, जो सोने के निवशकों के लिए बुरा समय था।

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