716 new posts created for 66 newly opened fire stations in UP – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Fri, 18 Dec 2020 14:31:50 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 यूपी में नये खुलने वाले 66 अग्निशमन केन्द्रों के लिये 1,716 नये पद सृजित https://www.shauryatimes.com/news/94847 Fri, 18 Dec 2020 14:20:21 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=94847 सीएम योगी की घोषणा के अनुरूप केन्द्रों की स्थापना के आदेश जारी

लखनऊ। प्रदेश में अग्निकाण्ड से होने वाली क्षति को न्यूनतम कर उस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश में नये अग्निशमन केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस सम्बन्ध में की गयी घोषणाओं का शत प्रतिशत अनुपालन किया गया है। वहीं नये खुलने वाले 66 अग्निशमन केन्द्रों के लिये 1,716 नये पद सृजित किये गये हैं। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने अग्निशमन केन्द्रों की स्थापना के लिए कुल 66 घोषणाएं की गयी थी, जिसके सापेक्ष सभी 66 अग्निशमन केन्द्रों की स्थापना के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा इन सभी 66 अग्निशमन केन्द्रों के लिए आवश्यक पदों का भी सृजन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्रत्येक अग्निशमन केन्द्र के लिए 26 पदों के अनुपात से इन सभी 66 अग्निशमन केन्द्रों के लिए कुल 1,716 नये पद सृजित किये गये हैं।

उन्होंने बताया कि यह अग्निशमन केन्द्र क्रमशः गोरखपुर, मऊ, बांदा, रामपुर, कानपुर नगर, गोण्डा, उन्नाव, कुशीनगर, बदायूं, आगरा, सुलतानपुर, जौनपुर, देवरिया, बइराईच, संतकबीरनगर, वाराणसी, चित्रकूट, हरदोई, रायबरेली, इटावा, सोनभद्र, बुलन्दशहर, चंदौली, मुजफफरनगर, महोबा, गाजीपुर, सीतापुर, मिर्जापुर, एटा, प्रयागराज, औरैया, हाथरस, बलिया, महाराजगंज, कौशाम्बी, झांसी, बलरामपुर, अमरोहा, सिद्धार्थनगर जिलों के विभिन्न क्षेत्रो में खोले जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक कुल स्वीकृत एवं प्रचलित 101 अग्निशमन केन्द्रों के निर्माण कार्यों की प्रगति का विवरण देते हुए अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि इनमें से 11 अग्निशमन केन्द्रों पर 75 प्रतिशत से ज्यादा, 11 अग्निशमन केन्द्रों पर 50 से 74 प्रतिशत तक, 30 अग्निशमन केन्द्रों पर 25 से 49 प्रतिशत तक तथा 49 अग्निशमन केन्द्रों पर 25 प्रतिशत के भीतर कार्य सम्पन्न हो चुका है। इन निर्माण कार्यों की प्रगति में और अधिक तेजी लाये जाने के निर्देश सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं को प्रदान किये गये हैं।

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