anil agarawal_vedanta – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 17 Dec 2019 07:18:57 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 50 प्रतिशत से कम की जाय पीएसयू क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी : अनिल अग्रवाल https://www.shauryatimes.com/news/69911 Tue, 17 Dec 2019 07:18:57 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=69911 नीति और निष्पादन नहीं, नौकरशाहों को केवल रणनीति बनानी चाहिए

नई दिल्ली/मुम्बई : देश सहित विदेशों में खनन की अग्रणी कंपनी वेदांता रिसोर्सेज के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि अगर सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 50 प्रतिशत कर देती है, तो वे और अधिक कुशलता से काम करेंगे। वर्तमान में देश में 14-15 बैंक और लगभग 40-45 कंपनियां हैं जहां सरकार की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। अनिल अग्रवाल ने मुम्बई में भारत के आर्थिक सम्मेलन, 2019 में कहा कि सरकार का काम व्यापार करना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने चार सरकारी कंपनियों का अधिग्रहण किया है और वे सभी वर्तामन में तीन गुना अधिक मुनाफे में हैं। अग्रवाल ने कहा कि नौकरशाही में हस्तक्षेप है और इसे कम किया जाना चाहिए। नौकरशाहों को नीति और निष्पादन नहीं ,बल्कि केवल रणनीति बनानी चाहिए।

अग्रवाल ने कहा कि आज सरकार बैंकों सहित इन कंपनियों में औसतन 87 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। अगर वे अपनी हिस्सेदारी को घटाकर 50 प्रतिशत तक कम कर देते हैं, तो वे तत्काल में सरकारी राज्स्व में 1 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हो जायेगी। उन्होंने कहा कि अगर वे (सरकार) प्रत्येक कंपनी को निजी क्षेत्र में 5-10 प्रतिशत हिस्सेदारी देती हैं, तो यह बेहतर होगा। जब हम सरकार से बात करते हैं (हिस्सेदारी बिक्री के बारे में) तो वे कहते हैं कि हम परिसंपत्ति बेच देंगे। लेकिन मुझे लगता है कि सरकार को राजस्व की सोच नहीं रखनी चाहिए और बहुत ही सरल तरीके से चलना चाहिए और धन पैदा करना चाहिए।

अग्रवाल ने कहा कि सरकार के पास सोने-हीरे के साथ-साथ तेल और गैस और कोयले के सबसे बड़े भंडार हैं। जबकि संसाधनों के आयात के लिए देश लगभग 500 बिलियन डॉलर खर्च कर रहा है, जो 1 ट्रिलियन डॉलर से कम है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकारी कंपनी बहुत अच्छी तरह से काम नहीं कर सकती है लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि वे उन्हें मुक्त कर दें। इसलिए जो कंपनियां तेल और गैस में हैं या जो कोल इंडिया जैसी कंपनियां हैं उन्हें किसी और को दिया जा सकता है। अग्रवाल ने कहा कि जब भी सरकार ने निजी क्षेत्र को कोई जिम्मेदारी सौंपी है, चाहे वह हवाई अड्डों हो, दूरसंचार या यहां तक कि बिजली के मामले में सबमे अच्छा काम किया है।

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