central government should reconsider agricultural laws – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 29 Nov 2020 07:32:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 किसानों के प्रदर्शन पर मायावती की नसीहत, कृषि कानूनों पर पुनर्विचार करे केन्द्र सरकार https://www.shauryatimes.com/news/92059 Sun, 29 Nov 2020 07:32:05 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=92059 अखिलेश बोले, अमीरों की पक्षधर है भाजपा, ब कुछ गिरवी रखने का षड्यंत्र

लखनऊ। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए विरोधी दल सरकार को घेरने में जुटे हैं। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने इन कानूनों पर पुनर्विचार करने को कहा है। मायावती ने रविवार को अपने ट्वीट में कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा कृषि से सम्बन्धित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर अपनी असहमति जताते हुए पूरे देश में किसान काफी आक्रोशित व आन्दोलित भी हैं। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर, किसानों की आम सहमति के बिना बनाए गए, इन कानूनों पर केन्द्र सरकार अगर पुनर्विचार कर ले तो बेहतर।

वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को आतंकवादी कहकर अपमानित करना भाजपा का निकृष्टतम रूप है। ये अमीरों की पक्षधर भाजपा का खेती-खेत, छोटा-बड़ा व्यापार, दुकानदारी, सड़क, परिवहन सब कुछ, बड़े लोगों को गिरवी रखने का षड्यंत्र है। अगर भाजपा के अनुसार किसान आतंकवादी हैं तो भाजपाई उनका उगाया न खाने की कसम खाएं। अखिलेश ने इससे पहले कहा कि किसानों पर इतना अन्याय कभी नहीं हुआ। अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर आंसू गैस छोड़ना, वाटर कैनन से पानी की बौछार करना और लाठियां बरसाना कहां की सभ्यता है। यह तो सरकार का आतंकी हमला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इन्हीं किसानों से वादा किया था कि उनकी आय दोगनी करेंगे। लागत का ड्योढ़ा मूल्य देंगे। इन वादों का क्या हुआ। भाजपा राज में धान की लूट हुई, किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिला। पंजाब, हरियाणा ही नहीं उत्तर प्रदेश के किसान भी भाजपा की कुनीतियों से आंदोलित और आक्रोशित है।

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