chief justice confrence in cms – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 10 Nov 2019 11:57:24 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 एकता व शान्ति ही मानवता के विकास का मूलमंत्र : बृजेश पाठक https://www.shauryatimes.com/news/63873 Sun, 10 Nov 2019 11:57:08 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=63873 अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन का तीसरा दिन

लखनऊ : सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा आयोजित ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 20वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ के तीसरे दिन का उद्घाटन रविवार को प्रातः प्रदेश के कानून एवं न्यायमंत्री बृजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया, जबकि समारोह की अध्यक्षता जाम्बिया के न्यायमंत्री गिवेन लुबिन्डा ने की। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग कर रहे 71 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पार्लियामेन्ट के स्पीकर, न्यायमंत्री, इण्टरनेशनल कोर्ट के न्यायाधीश, विश्व प्रसिद्ध शान्ति संगठनों के प्रमुखों समेत 290 से अधिक मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों व कानूनविदों ने एक नई विश्व व्यवस्था हेतु जोरदार तरीके से अपने विचार रखे। विदित हो कि विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का यह अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन 8 से 12 नवम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है।

अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के तीसरे दिन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मुख्य अतिथि बृजेश पाठक, कानून एवं न्यायमंत्री, उ.प्र. ने कहा कि एकता व शान्ति ही मानवता के विकास का मूलमंत्र है। मैं डाॅ. जगदीश गाँधी के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने आज की जरूरत को पहचाना और विश्व के बच्चों के सुरक्षित व सुखमय भविष्य के लिए विगत कई वर्षों से इस सम्मेलन को आयोजित कर रहे हैं। विभिन्न देशों से पधारे न्यायविदों व कानूनविदों की आवाज वैश्विक शान्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। समारोह की अध्यक्षता करते हुए जाम्बिया के न्यायमंत्री गिवेन लुबिन्डा ने कहा कि विश्व व्यवस्था में आज भय एवं अशान्ति का वातावरण बना हुआ है। दुनिया के अधिकांश देश अपने ही लोगों का धन उनके उत्थाव व विकास पर खर्च करने के बजाय हथियारों पर खर्च कर रहे हैं बावजूद इसके कि भुखमरी, गरीबी, अशिक्षा, आतंकवाद इत्यादि बड़ी समस्यायें सामने खड़ी हैं।

अपरान्हः सत्र में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में मुख्य न्यायाधीशों के विचारों से अवगत कराते हुए सीएमएस प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि न्यायविदों व कानूनविदों का कहना था कि हम लोगों के बीच संस्कृति, मान्यताओं व सामाजिक मूल्यों की विभिन्नताएं होने के बावजूद हम सब भाई बहन हैं और जब तक हम इन विभिन्नताओं में एकता नहीं स्थापित करते, हम शान्ति व सुख से नहीं रह सकते। न्यायविदों का मानना था कि बच्चे एक सुरक्षित भविष्य चाहते हैं। अतः एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण होना चाहिए जिससे विश्व में न्याय, एकता व शान्ति स्थापित हो सके, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाये, बच्चों पर अत्याचार और अन्याय समाप्त हो, सबको चिकित्सा का लाभ मिल सके और युद्ध समाप्त हो। प्रो. किंगडन ने बताया कि ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ पर आधारित यह ऐतिहासिक सम्मेलन पूरी तरह से विश्व एकता, विश्व शान्ति एवं विश्व के ढाई अरब से अधिक बच्चों के सुन्दर एवं सुरक्षित भविष्य को समर्पित है।

उल्लास से मनाया डॉ.गांधी का जन्मदिन

सीएमएस के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. शिक्षकों व कार्यकर्ताओं ने आज विद्यालय के संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी का जन्मदिवस बड़े उत्साह व उल्लास से मनाया और उनके स्वस्थ व दीर्घ जीवन की तहेदिल से कामना की। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन में पधारे मुख्य अतिथि बृजेश पाठक, कानून एवं न्यायमंत्री, उ.प्र. ने भी डा. गाँधी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही, सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी, सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन, सी.एम.एस. के सभी कैम्पस की प्रधानाचार्याओं व शिक्षकों-कार्यकर्ताओं के साथ ही अनेकों गणमान्य हस्तियों द्वारा दिनभर बधाई देने का सिलसिला चलता रहा।

श्री शर्मा ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के अन्तर्गत आयोजित 71 देशों के न्यायविदों, कानूनविदों व अन्य प्रख्यात हस्तियों के स्वागत समारोह में लखनऊ की मेयर डा. संयुक्ता भाटिया ने इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन्टोनी केसिया-एम.बी.ई. मिन्दुआ को ‘लखनऊ शहर की चाबी’ भेंटकर सम्मानित किया। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने 71 देशों से पधारे अतिथियों को आज सायं साइन्टिफिक कन्वेन्शन सेन्टर, के.जी.एम.यू., में रात्रिभोज दिया। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष की सद्भावना को सभी आमन्त्रित अतिथियों ने सराहा तथापि सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने श्री दीक्षित के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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भावी पीढ़ी को ‘स्वच्छ वातावरण, शान्तिपूर्ण विश्व व्यवस्था एवं सुरक्षित भविष्य’ का अधिकार अवश्य मिलेगा -न्यायविदों की राय https://www.shauryatimes.com/news/19021 Mon, 19 Nov 2018 12:31:12 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=19021 डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने किया ‘सांस्कृतिक संध्या’ का उद्घाटन

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित हो रहे ‘19वें अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन’ के चौथे दिन सारगर्भित परिचर्चा के दौरान 71 देशों से पधारे न्यायविदों व कानूनविदों ने कहा कि भावी पीढ़ी को ‘स्वच्छ वातावरण, शान्तिपूर्ण विश्व व्यवस्था एवं सुरक्षित भविष्य’ का अधिकार अवश्य मिलेगा। हम भावी पीढ़ी के हित में सतत् प्रयत्नशील रहेंगे और एक ‘नवीन विश्व व्यवस्था’ बनाकर ही दम लेंगे। इससे पहले, मुख्य अतिथि के रूप में पधारे विधानसभा सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी, उ.प्र. के जनरल-सेक्रेटरी पंकज सिंह ने सम्मेलन के चौथे दिन का उद्घाटन किया जबकि समारोह की अध्यक्षता अफगानिस्तान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सैद यूसुफ हलीम ने की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पंकज सिंह, विधानसभा सदस्य एवं जनरल-सेक्रेटरी, भारतीय जनता पार्टी, उ.प्र., ने अपने संबोधन में कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य पूरे विश्व के बच्चों की भलाई है। एकता व शान्ति स्थापना के लिए सबसे जरूरी है कि मानव अधिकारों का पूरा सम्मान हो और हमारे संविधान खासकर अनुच्छेद 51 में यह बाकायदा सुनिश्चित किया गया है। अफगानिस्तान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सैद यूसुफ हलीम ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि ‘अन्तर्राष्ट्रीय कानून व्यवस्था’ लागू करना समय की मांग है क्योंकि इसी व्यवस्था के जरिए विश्वव्यापी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। ऐसे समय में जब विश्व के विभिन्न हिस्सों में बच्चों की सुरक्षा, उम्मीदों व उनकी जिन्दगियों पर खतरा मंडराता दिखाई दे रहा है, यह सम्मेलन विश्व के बच्चों की उम्मीदों पर खरे उतरने को प्रेरित करता है।

अपरान्हः सत्र में एक प्रेस कान्फ्रेन्स में मुख्य न्यायाधीशों के विचारों का निचोड़ पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत करते हुए सम्मेलन के संयोजक डा. जगदीश गाँधी, प्रख्यात शिक्षाविद् व संस्थापक, सी.एम.एस. ने बताया कि लगभग सभी मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाशीशों व कानूनविदों की आम राय रही कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51(सी) विश्व की समस्याओं का एक मात्र समाधान है। भारतीय संविधान विश्व के अकेला ऐसा संविधान है जो पूरे विश्व को एकता के सूत्र में जोड़ने की बात कहता है। उन्होंने बताया कि सभी मुख्य न्यायाधीशों ने इस बात को माना कि वे मानवता की आवाज और बुलन्द कर सकते हैं परन्तु अन्तर्राष्ट्रीय कानून तभी प्रभावशाली रूप से लागू किया जा सकता है जब राजनीति से जुड़े लोग भी हमारे साथ मिलकर एक विश्व संसद बनाने का समर्थन दें।

सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने 71 देशों से पधारे न्यायविदों, कानूनविदें व अन्य प्रख्यात हस्तियों के सम्मान में इन्दिरा गाँधी प्रतिष्ठान में ‘रात्रिभोज’ दिया। सम्मेलन के संयोजक, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी ने भी  श्री दीक्षित के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में दीक्षित ने कहा कि विभिन्न देशों की प्रख्यात हस्तियों के लखनऊ आगमन से लखनऊ का नाम अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर सुशोभित हुआ है। मुझे विश्वास है कि इन न्यायविदों व कानूनविदों ने ‘एकता, शान्ति व सौहार्द’ की जो लौ यहाँ प्रज्वलित की है, उसका प्रकाश सारे विश्व में फैलेगा।

 इस अवसर पर न्यायविदों व कानूनविदों को शुभकामनाएं देते हुए उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बच्चों के हित में आप द्वारा किया जा प्रयास अवश्य रंग लायेगा और निश्चित रूप से संसार के सभी बच्चों को एक दिन उनका मूलभूत अधिकार अवश्व उपलब्ध होगा। श्री मौर्य ने इस ऐतिहासिक सम्मेलन के आयोजन के लिए सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी की भूरि-भूरि प्रशसा की। श्री मौर्य ने कहा कि यह डा. गाँधी के ही प्रयास व परिश्रम का परिणाम है कि 71 देशों के न्यायविद् व कानूनविद् एक मंच पर एकत्रित हुए हैं।

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