CM Yogi said – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sat, 19 Dec 2020 20:57:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 सीएम योगी बोले, वरासत के सम्बन्ध में बनाएं हेल्पलाइन नम्बर https://www.shauryatimes.com/news/94993 Sat, 19 Dec 2020 20:57:38 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=94993 प्रदेश के सभी ग्रामों में संचालित किया जा रहा अभियान

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरासत अभियान को समयबद्ध ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। निर्विवाद उत्तराधिकार को खतौनियों में दर्ज कराने के लिए प्रदेश के सभी ग्रामों में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग द्वारा लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वरासत के सम्बन्ध में एक हेल्पलाइन नम्बर बनाया जाए। इसके अलावा एक ई-मेल आईडी भी जारी की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के बाद शासन स्तर से जनपदों में टीम भेजकर यह पुष्टि भी की जाए कि कहीं निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई प्रकरण खतौनियों में दर्ज होने से शेष तो नहीं है। तहसील दिवस तथा थाना दिवस का आयोजन पूरी संवेदनशीलता से करते हुए जनसमस्याओं का गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

प्रदेश में भूमि सम्बन्धों विवादों के प्रभावी समाधान की दिशा में निर्विवाद उत्तराधिकार (वरासत) को खतौनियों में दर्ज कराने के लिए 15 दिसम्बर से शुरू हुआ विशेष अभियान 15 फरवरी, 2021 तक पूरे प्रदेश में चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वरासत दर्ज करने में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली स्वीकार्य नहीं होगी। विशेष अभियान से वरासत दर्ज कराने लिए प्रयासरत लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। उन्हे भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। राजस्व विभाग खुद वरासत दर्ज करेगा। वहीं वरासत के बाद पैमाइश का अभियान चलेगा। राजस्व विभाग के मुताबिक प्रदेश में उत्तराधिकार दर्ज कराने के लिए तकरीबन डेढ़ से दो लाख आवेदन लम्बित हैं। मंडल स्तर पर सभी मंडलायुक्त इस अभियान की निगरानी करेंगे और राजस्व गांवों में खतौनियों के पढ़े जाने तथा अविवादित उत्तराधिकारियों की वरासत को दर्ज करने की कार्यवाही का समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करेंगे। जिला स्तर पर अभियान के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिलाधिकारी पर होगी।

उप जिलाधिकारी और तहसीलदार प्रत्येक राजस्व गांव के लिए भ्रमण कार्यक्रम तय करते हुए संबंधित राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को सूचित करेंगे। जिन गांवों में ज्यादातर काश्तकार अन्य स्थानों पर रहते हों, उन गांवों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं एसडीएम-तहसीलदार यह भी सुनिश्चित करेंगे कि राजस्व निरीक्षकों की ओर से उपलब्ध कराये गए सभी प्रपत्रों के अनुसार राजस्व निरीक्षक कार्यालय-सदर कानूनगो जल्दी से जल्दी कम्प्यूटरीकृत खतौनी में निर्विवादित उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज कराते हुए भूलेख साफ्टवेयर पर भी इसे अपडेट कराया जाए। इसी के मुताबिक खतौनी की नकलें भी जारी की जाएंगी। अभियान खत्म होने पर डीएम प्रत्येक लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार व एसडीएम से यह प्रमाणपत्र लेंगे कि उनके क्षेत्र में अविवादित उत्तराधिकार का कोई मामला बचा नहीं है। मंडलायुक्त मंडल और जिलाधिकारी जनपद स्तर पर अभियान की पाक्षिक समीक्षा करेंगे।

]]> बाढ़ प्रभावित 348511 किसानों के खाते में सीएम योगी ने डाले 113 करोड़ रुपए https://www.shauryatimes.com/news/87820 Thu, 22 Oct 2020 08:11:16 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=87820 सीएम योगी बोले, बाढ़ की समस्या का निकालेंगे स्थाई हल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को यहां कहा कि शीघ्र ही सरकार बाढ़ की समस्या का स्थाई हल निकालेगी। उन्होंने कहा कि इस बाबत कार्ययोजना तैयार हो रही है। जब तक ऐसा नहीं होता तब तक बाढ़ से सुरक्षा के लिए सभी संवेदनशील जगहों पर समय से मानक के अनुसार काम होगा। यह हो भी रहा है। यही वजह है कि हिमालय से लगे तराई के इलाके में इस साल औसत से दो-तीन गुना बारिश होने के बावजूद कहीं भी बाढ़ के कारण गंभीर समस्या नहीं उत्पन्न हुई। मुख्यमंत्री योगी आज यहां अपने आवास पर बाढ़ प्रभावित 19 जिलों के 348511 किसानों को उनकी फसलों की क्षतिपूर्ति के बदले 113.21 करोड़ रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हालांकि आपकी मेहनत और क्षति की तुलना में यह रकम मामूली है, पर मरहम जैसी यह रकम आपके हितों की प्रति हमारी प्रतिबद्धता का सबूत है।

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। कोरोना के असाधारण संकट से लेकर वैश्विक आर्थिक मंदी तक अगर भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं रहा तो इसकी वजह खेतीबाड़ी की मजबूती और इसे अपने खून-पसीने से लगातार बेहतर बनाने वाले हमारे किसान भाई ही रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का फर्ज है कि किसानों को उनके उपज का वाजिब दाम मिले। किसी भी स्तर पर उनका शोषण न हो। हर जिले के डीएम को इस बाबत स्पष्ट निर्देश दिये जा चुके हैं। जो भी किसानों का शोषण करेगा उसे दंडित किया जाएगा। केंद्र और प्रदेश सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने के लिए पीएम सिंचाई, पीएम फसल बीमा, पीएम किसान सम्मान निधि जैसी कई योजनाएं भी चला रही हैं। कार्यक्रम के शुरू में अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने सबका स्वागत किया। राहत आयुक्त संजय गोयल ने आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद और सूचना निदेश शिशिर आदि मौजूद रहे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने पांच जिलों के कुछ किसानों से बात भी की। मुख्यमंत्री ने हालचाल के साथ यह भी पूछा कि फसल की क्षति बाढ़ से हुई थी या अतिवृिष्ट के नाते हुए जलभराव से? बाढ़ के दौरान राहत सामग्री मिली थी या नहीं? किसानों ने कहा हम आपके काम से बेहद खुश हैं। बाढ़ के दौरान सभी प्रभावित गांवों में राहत सामग्री मिली थी। जहां जरूरत थी वहां युद्ध स्तर पर बचाव कार्य भी हुआ। अब फसलों की क्षति के बदले मुआवजा पाकर हम बेहद खुश हैं। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों को नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं। जिन किसानों से मुख्यमंत्री ने बात की उनमें लखीमपुर खीरी के विष्णु वल्लभ राय, गोरखपुर के परमहंस एवं कुंती देवी, बाराबंकी के रामचंद्र एवं शिवकुमार, बहराइच के पनहारू और सिद्धार्थनगर के रामसुमेर शामिल रहे।

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