manoj-sinha – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sat, 09 Feb 2019 18:49:21 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 देश में बड़े बदलाव के लिए मिलकर काम करने की जरूरत : मनोज सिन्हा https://www.shauryatimes.com/news/31422 Sat, 09 Feb 2019 18:49:21 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=31422 नई दिल्ली : संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि एक साथ मिलकर काम करने से कठिन लक्ष्य को भी आसानी से हासिल किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि लोग आपस में नि:स्वार्थ भाव से जुड़ें और एक दूसरे की मदद करें ताकि देश में बड़ा बदलाव किया जा सके। मनोज सिन्हा ने शनिवार को विज्ञान भवन में एक स्वयंसेवी संस्था अष्टव्रत इंडिया फाउंडेशन की ओर से सामाजिक उद्यमिता एवं उसके माध्यम से समाज के विकास विषय पर संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। सिन्हा ने अष्टव्रत फाउंडेशन द्वारा गरीब एवं जरूरतमंदों के लिए के लिए नि:स्वार्थ भाव से काम करने वालों को एक साथ लाने का स्वागत किया।

सिन्हा ने कहा कि नि:स्वार्थ भाव को आगे बढ़ाने से देश ‘मैं’ से ‘हम’ की यात्रा की ओर अग्रसर होगा। देश में ‘स्वांत: सी भावना से काम करने वालों की कोई कमी नहीं है। यही हमारे देश की संस्कृति एवं जीवन मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में एक आईटी प्रोफेशनल दिन में तीन घंटे कार को टैक्सी की तरह चलाता है और गरीब जरूरतमंदों को एक जगह से दूसरी जगह मुफ्त पहुंचाता है। सूरत में एक ऑटोचालक ने ऑटो के पीछे लिखवा रखा है कि मरीज को मुफ्त ले जाउंगा। यह सोचनीय है कि अगर वह दिनभर मरीजों को अस्पताल पहुंचाता रहा फिर शाम को अपने घर का पालन कैसे कर पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसी तरह छत्तीसगढ़ में एक वृद्ध महिला ने अपना मंगलसूत्र बेच कर शौचालय बनवाया। ऐसे असंख्य उदाहरण हैं जिनसे स्पष्ट होता है कि लोगों में अब भी भाव और संस्कार मौजूद हैं।अपने मंत्रालय की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि देश के ग्रामीण इलाकों में ऑप्टिक फाइबर केबल के माध्यम से दो लाख गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर खोले गए हैं।

इससे गांवों में लोगों को डिजिटल माध्यम से मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से लेकर बैंकिंग सुविधाएं तक इन सेंटरों में मिल रहीं हैं। देश में ऐसे पांच लाख सेंटर स्थापति करने की योजना है।नीति आयोग के सदस्य एवं प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के प्रमुख डॉ विवेक देबरॉय ने कहा कि देश में जनबल के दवाब में सरकार की नीतियों में बदलाव के कई उदाहरण मौजूद हैं। उपभोक्ता संरक्षण कानून, पर्यावरण संरक्षण कानून, सूचना का अधिकार कानून इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जुनूनी होते हैं और वह अपने हित से आगे बढ़कर समाज के हित के लिए उपक्रम तैयार करते हैं। कार्यक्रम में स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदय शंकर और दिल्ली विश्वविद्यालय में फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की डीन प्रो. सुनीता सिंह सेनगुप्ता भी मौजूद रहीं।

]]>