manoj-tiwari – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Fri, 08 Feb 2019 18:40:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 मनोज तिवारी ने लगाये गंभीर आरोप, आरोपपत्र अध्ययन के बहाने कन्हैया की ढाल बने केजरीवाल https://www.shauryatimes.com/news/31271 Fri, 08 Feb 2019 18:40:54 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=31271 नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2019 में फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए मिशन मोदी, पीएम अगेन की टीम ने शुक्रवार को तालकटोरा स्टेडियम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सम्बोधित किया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि नकारात्मक राजनीति कर कांग्रेस की सरकार ने 55 वर्षों तक सत्ता में रहकर देश पर शासन किया। यह वही कांग्रेस है जिसने स्वार्थपरक राजनीति के सामने देशहित को नकारते हुए जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और सात अन्य कश्मीरी छात्रों द्वारा देश के टुकड़े-टुकड़े होने की कामना करने वाले गैंग का समर्थन किया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश विरोधी नारे लगाने वालों को निर्दोष बताते हुए उनके बचाव में हरसंभव प्रयास करते हुए कांग्रेस के अधिवक्ताओं की पूरी टीम को सक्रिय कर दिया।

तिवारी ने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल ने एक कदम आगे बढ़ते हुए टुकड़े-टुकड़े गैंग के मुखिया कन्हैया कुमार से कई बार मुलाकात की। बंगाल में संविधान का मखौल उड़ाते हुए सीबीआई जैसी सवैंधानिक संस्था को रोकने का काम करने वाली ममता बनर्जी सरकार का साथ देकर केजरीवाल ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह संवैधानिक संस्थाओं व संविधान में आस्था नहीं रखने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री हैं। मनोज तिवारी ने कहा कि जेएनयू में हुए देशद्रोह का मामला न्यायालय के सम्मुख है। न्यायलय ने सुनवाई करते हुए केजरीवाल सरकार को कहा कि वो केस से सम्बन्धित फाइल को दबाकर नहीं रख सकती, जल्द से जल्द उसे मंजूरी दे। केजरीवाल आरोप पत्र अध्ययन का बहाना बनाकर जानबूझ कर कन्हैया व अन्य आरोपियों के बचाव करने का काम कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि अपने स्वभाव स्वरूप अराजकता की स्थिति बनाने के लिए केजरीवाल ने न्यायालय की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने का कार्य किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटें जिताकर नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प दिलाया।

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