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	<title>names of 22 brave children announced &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>आईसीसीडब्लू ने बदले अवार्ड के नाम, 22 वीर बच्चों के नाम घोषित</title>
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		<pubDate>Tue, 21 Jan 2020 15:55:05 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[ICCW changed award names]]></category>
		<category><![CDATA[names of 22 brave children announced]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : बच्चों को दिए जाने वाला राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2019 के लिए इस वर्ष 12 राज्यों से 22 बच्चों को चुना गया है। भारतीय बाल कल्याण परिषद् की तरफ से दिए जाने वाले पुरस्कार में इस बार अवार्ड्स के नाम बदल दिए गए हैं। इन पुरस्कारों को पांच श्रेणियों में बांटा जाता था &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify"><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-75160 aligncenter" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2020/01/Child-Welfare-Policies-and-Programs-2-300x135.jpg" alt="" width="671" height="302" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2020/01/Child-Welfare-Policies-and-Programs-2-300x135.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2020/01/Child-Welfare-Policies-and-Programs-2.jpg 640w" sizes="(max-width: 671px) 100vw, 671px" />नई दिल्ली :</strong> बच्चों को दिए जाने वाला राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2019 के लिए इस वर्ष 12 राज्यों से 22 बच्चों को चुना गया है। भारतीय बाल कल्याण परिषद् की तरफ से दिए जाने वाले पुरस्कार में इस बार अवार्ड्स के नाम बदल दिए गए हैं। इन पुरस्कारों को पांच श्रेणियों में बांटा जाता था जिनमें भारत पुरस्कार, संजय चोपड़ा पुरस्कार, गीता चोपड़ा पुरस्कार, बापू गैधानी पुरस्कार और सामान्य राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार शामिल होते थे। लेकिन इस बार पुरस्कार की श्रेणी को भारत, मार्कंडेय, धुव्र, अभिमन्यु, प्रहलाद, श्रवण रखा गया है। केन्द्रीय महिला व वाल विकास मंत्रालय के साथ चल रहे विवाद के कारण भारतीय बाल कल्याण रिषद् (आईसीसीडब्लू) इन बच्चों को इंडिया हैबिटैट में सम्मानित करेंगी। इन बच्चों की पढ़ाई लिखाई व उच्च शिक्षा में इन्हें स्कॉलरशिप भी प्रदान करेगी।</p>
<p style="text-align: justify">केरल के आदित्य ने 40 लोगों की बचाई जान, भारत पुरस्कार के लिए नामित केरल के रहने वाले 15 साल के आदित्य के ने एक मई 2019 में नेपाल दर्शन के दौरान बस में आग लगने की स्थिति में 40 लोगों की जानें बचाई। इस हादसे में दो लोग की मौत हो गई थी लेकिन आदित्य के साहसिक काम के कारण 40 जिन्दगी बच गई। अवार्ड के लिए नामित होने से खुशी जाहिर करते हुए आदित्य ने कहा कि हादसे के वक्त वे पिछली सीट पर बैठे हुए थे, खतरे को भांपते हुए बस का शीशा तोड़ कर सभी यात्रियों को बस से बाहर निकाला। मार्केंडय पुरस्कार के लिए नामित 10 साल की राखी, तेंदूए के साथ किए दो दो हाथ उत्तराखंड की राखी ने महज 10 साल की उम्र में वीरता का परिचय दिया। तेंदूए को देख अच्छे अच्छे लोग के पसीने छूट जाते हैं लेकिन राखी ने न केवल अपनी जान बचाई बल्कि अपने भाई को भी बचाया। चार साल के भाई को अपने सीने से लगा कर उस पर लेट गई और तेंदूए से भी भिड़ती रही। लहूलुहान होने के बाद भी राखी ने अपने भाई को नहीं छोड़ा। मौके पर मां पहुंची और तेंदूए को भगाया। इस हादसे में राखी बुरी तरह घायल हो गई और इलाज के लिए सफदरजंग भी पहुंची।</p>
<p style="text-align: justify">ओड़िशा की पूर्णिमा गिरी और सबिता गिरी को धुव्र सम्मान 52 लोगों को लेकर चली नाव ओड़िशा के केन्द्रपाड़ा में नदी में डूब गई, लोगों की चीख पुखार सुन कर पास में रहने वाली 15 वर्षीय पूर्णिमा और सबिता ने डूबते हुए 12 लोगों की जानें बचाई। केरल के मुहम्मद मुहसिन को अभिमन्यु अवार्ड, खुद डूबा लेकिन बचा गया तीन जानें केरल के कोझिकोड की रहने वाले मुहम्मद मुहसिन ने समुद्र में डूबते हुए तीन दोस्तों को बचा लिया लेकिन अपनी जान नहीं बचा पाया मुहम्मद मुहसिन को मरणोपरांत यह सम्मान दिया जा रहा है। श्रीमति बदरा को प्रहलाद अवार्ड ओड़िशा की रहने वाली श्रीमति और उसकी सहेली प्रमिला मंडा रेलवे ट्रेक को पार कर रही थी। तभी वहां खड़ी ट्रेन चल पड़ी। श्रीमति ने तो ट्रैक पार कर लिया था लेकिन प्रमिला ट्रेन के चपेट में आ गई और उसके दोनों पैर कट गए। श्रीमति ने अपनी दोस्तो को कंधे पर उठा कर 300 मीटर तक लेकर आई उसे घर पहुंचाया। और उसकी जान बचाई। कश्मीर के सरताज मोहीदीन मुगल को श्रवण अवार्ड पाकिस्तान से आए गोला बारूद की जद में आए कुपवाड़ा के घर में आग लग गई जिसमें तीन लोग फंसे हुए थे। मोहीदीन ने अपने माता-पिता, दो बहनों की जान बचाई।</p>
<p style="text-align: justify">इसके अलावा इन बच्चों को दिया जा रहा है वीरता पुरस्कार कमल कृष्णा दास(असम), कांति पैकरा और भमेश्वरी निर्मलकर (छत्तीसगढ़), अलाइका (हिमाचल प्रदेश), आरती किरण शेट और वेंकटेश ( कर्नाटक), मास्टर मुदासिर अशरफ (जम्मू व कश्मीर), मास्टर फतह पीके (केरल), जेन सदावर्ते और मास्टर आकाश मछिंद्रा खिल्लारे (महाराष्ट्र), मास्टर लौरेमबम मंगाग (मणिपुर) एवरब्लूम के नॉग्राम(मेघालय), मास्टर ललायन सांगा, कुमारी कैरोलिन, मास्टर वनलालरियातरेंगा ( मिजोरम) शामिल हैं।</p>
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