not an officer: Jaideep Bhatnagar – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 26 Jan 2021 07:39:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 अफसर नहीं, कम्युनिकेटर बनिए : जयदीप भटनागर https://www.shauryatimes.com/news/99848 Tue, 26 Jan 2021 07:39:05 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=99848 लोकतंत्र में लोक सेवक की महत्वपूर्ण भूमिका : प्रो.संजय द्विवेदी

नई दिल्ली। ‘अगर आप एक काबिल अधिकारी बनना चाहते हैं, तो आपको प्रशासन से जुड़े सभी नियमों को सीखना चाहिए तथा एक अफसर की तरह नहीं, बल्कि एक कम्युनिकेटर की तरह लोगों से संवाद करना चाहिए।’ यह विचार ऑल इंडिया रेडियो के समाचार सेवा प्रभाग के प्रधान महानिदेशक जयदीप भटनागर ने भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) में भारतीय सूचना सेवा, ग्रुप ‘ए’ के प्रशिक्षु अधिकारियों के नए बैच के स्वागत समारोह के दौरान व्यक्त किए। कार्यक्रम में आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, दूरदर्शन न्यूज़ के महानिदेशक मयंक कुमार अग्रवाल, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग की महानिदेशक मोनी दीपा मुखर्जी एवं पत्र सूचना कार्यालय में महानिदेशक वसुधा गुप्ता तथा श्री राजेश मल्होत्रा भी मौजूद थे। इस अवसर पर भटनागर ने कहा कि आप किसी भी सेवा क्षेत्र में जाएं, ये महत्वपूर्ण होता है कि आप कार्य को किस तरह करते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि आप अपने कार्य का विश्लेषण करें तथा रणनीति बनाएं। भटनागर ने कहा कि एक आईआईएस अफसर के पास जनता से जनता की भाषा में संवाद करने की जिम्मेदारी होती है। इसलिए आपको संवाद एवं संचार कला का ज्ञान होना बेहद आवश्यक है।

प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा करते हुए आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में लोक सेवक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए यह आपकी जिम्मेदारी है कि संवाद के माध्यम से लोगों की समस्याओं का हल निकालने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि आज सरकार संचार माध्यमों को सतर्क और सटीक इस्तेमाल कर रही है, ताकि सुशासन की संकल्पना को साकार किया जा सके, और इस कार्य में भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दूरदर्शन न्यूज़ के महानिदेशक मयंक कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को अपने अंदर एक बेहतरीन कम्युनिकेटर के गुणों को विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरर्दशन आज अन्य चैनलों से इसलिए अलग है, क्योंकि उसका एजेंडा टीआरपी नहीं, बल्कि लोगों को सूचनाएं पहुंचाना एवं जागरुक करना है।

इस मौके पर सुश्री मोनी दीपा मुखर्जी ने कहा कि संचार के बिना आप अपने जीवन में कोई भी कार्य नहीं कर सकते हैं। एक अच्छा कम्युनिकेटर होना बहुत कठिन है, लेकिन असंभव नहीं है और इसके लिए भाषाओं का ज्ञान होना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन भारतीय सूचना सेवा की पाठ्यक्रम निदेशक श्रीमती नवनीत कौर ने किया। इस अवसर पर आईआईएमसी के अपर महानिदेशक (प्रशासन) के. सतीश नंबूदिरीपाद, अपर महानिदेशक (प्रशिक्षण) ममता वर्मा, प्रो. गोविंद सिंह, प्रो. वीरेंद्र कुमार भारती, प्रो. प्रमोद कुमार, प्रो. आनंद प्रधान, प्रो. सुरभि दहिया एवं प्रो. अनुभूति यादव भी उपस्थित थीं।

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