NRC पर ममता- सभी राज्य अपने यहां से बाहरी लोगों को भगाने लगे तो देश का क्या होगा? – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 31 Jul 2018 11:44:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 NRC पर ममता- सभी राज्य अपने यहां से बाहरी लोगों को भगाने लगे तो देश का क्या होगा? https://www.shauryatimes.com/news/7306 Tue, 31 Jul 2018 11:44:55 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=7306 एनआरसी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिशों में जुटा हुआ है। विपक्ष की यह कोशिश संसद से लेकर सड़क तक साफ दिख रही है। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में केंद्र को आड़े हाथों लिया।एनआरसी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिशों में जुटा हुआ है। विपक्ष की यह कोशिश संसद से लेकर सड़क तक साफ दिख रही है। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में केंद्र को आड़े हाथों लिया।   ऐसे तो लोग अपनी पहचान खो देंगे ममता ने कहा सिर्फ चुनाव जीतने के लिए आप लोगों को निशाना नहीं बना सकते। क्या आपको इस बात का आभास भी है कि जिनका नाम इस लिस्ट में नहीं होगा वे अपनी पहचान खो देंगे। आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि विभाजन से पहले भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश एक ही थे। मार्च 1971 तक जो भी व्यक्ति बांग्लादेश से भारत में आ गया वह भारतीय नागरिक है।   फिर देश का क्या होगा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर बंगाली लोग बिहार के लोगों को बंगाल में न रहने दें, दक्षिण भारत के लोग उत्तर भारतीयों से वापस लौटने को कह दें और उत्तर भारतीय लोग दक्षिण भारत के लोगों को अपने वहां नहीं रहने देंगे तो फिर इस देश का क्या होगा। हम सब साथ हैं, हमारा देश एक परिवार की तरह है।'     असम NRC ड्राफ्ट: ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला, बोलीं- 'सरनेम' देखकर हटाया नाम यह भी पढ़ें ये तो आश्चर्य की बात है ममता बनर्जी ने कहा, 'मुझे आश्चर्य है कि पूर्व राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद के परिवार के सदस्यों का नाम एनआरसी की लिस्ट में नहीं है। इसमें मैं और क्या-क्या कहूं? बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका नाम इस लिस्ट में नहीं है।' उन्होंने कहा, हम बंगाल में ऐसा नहीं होने देंगे क्योंकि वहां पर हम हैं। आज स्थिति यह है कि इन लोगों के पास मतदान का अधिकार भी नहीं है।  अपने ही देश में रिफ्यूजी हो गए लोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, 'आज आसाम में एनआरसी को लेकर जो कुछ हो रहा है। इसमें सिर्फ बंगाली लोग ही नहीं पिस रहे, इसमें अल्पसंख्यक, हिंदू, बिहारी सब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कल की ही बात है जब 40 लाख से ज्यादा लोगों ने सत्तारूढ़ दल के लिए मतदान किया था और आज अचानक उन्हें अपने ही देश में रिफ्यूजी बना दिया गया है।

ऐसे तो लोग अपनी पहचान खो देंगे

ममता ने कहा सिर्फ चुनाव जीतने के लिए आप लोगों को निशाना नहीं बना सकते। क्या आपको इस बात का आभास भी है कि जिनका नाम इस लिस्ट में नहीं होगा वे अपनी पहचान खो देंगे। आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि विभाजन से पहले भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश एक ही थे। मार्च 1971 तक जो भी व्यक्ति बांग्लादेश से भारत में आ गया वह भारतीय नागरिक है। 

फिर देश का क्या होगा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर बंगाली लोग बिहार के लोगों को बंगाल में न रहने दें, दक्षिण भारत के लोग उत्तर भारतीयों से वापस लौटने को कह दें और उत्तर भारतीय लोग दक्षिण भारत के लोगों को अपने वहां नहीं रहने देंगे तो फिर इस देश का क्या होगा। हम सब साथ हैं, हमारा देश एक परिवार की तरह है।’  

ये तो आश्चर्य की बात है

ममता बनर्जी ने कहा, ‘मुझे आश्चर्य है कि पूर्व राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद के परिवार के सदस्यों का नाम एनआरसी की लिस्ट में नहीं है। इसमें मैं और क्या-क्या कहूं? बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका नाम इस लिस्ट में नहीं है।’ उन्होंने कहा, हम बंगाल में ऐसा नहीं होने देंगे क्योंकि वहां पर हम हैं। आज स्थिति यह है कि इन लोगों के पास मतदान का अधिकार भी नहीं है।

अपने ही देश में रिफ्यूजी हो गए लोग
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आज आसाम में एनआरसी को लेकर जो कुछ हो रहा है। इसमें सिर्फ बंगाली लोग ही नहीं पिस रहे, इसमें अल्पसंख्यक, हिंदू, बिहारी सब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कल की ही बात है जब 40 लाख से ज्यादा लोगों ने सत्तारूढ़ दल के लिए मतदान किया था और आज अचानक उन्हें अपने ही देश में रिफ्यूजी बना दिया गया है।

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