rape crime – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Thu, 14 Nov 2019 18:09:04 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 सामूहिक दुष्कर्म मामले के मुख्य आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज https://www.shauryatimes.com/news/64607 Thu, 14 Nov 2019 18:09:04 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=64607 खगड़िया (बिहार) : खगड़िया के बहुचर्चित नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म मामले में पोक्सो के विशेष न्यायाधीश सह एडीजे प्रथम ने गुरूवार को मुख्य आरोपी अर्जुन साह की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। उधर पुलिस ने सभी आरोपियों के घर इश्तिहार चिपकाकर कागजी कार्रवाई पूरी करने का दावा किया है। गुरूवार को मुख्य आरोपी अर्जुन साह की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर बहस करते हुये वरीय अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार सिंह ने दलील दी कि आरोपी की उम्र लगभग 70 वर्ष है और जमीन के लालच में पीडिता की मां ने यह झूठा केस किया है।

विशेष लोक अभियोजक राजीव रमण और पीडिता के वकील एके सिन्हा ने दलील दिया कि यह एक घृणित अपराध है। उम्र कोई राहत और दया का पैमाना नहीं हो सकता। आसाराम बापू के केस में उच्चतम न्यायालय ने भी यह स्पष्ट कर दिया है। पीडिता द्वारा कोर्ट में दर्ज कराये गये बयान और मेडिकल रिर्पोट से स्पष्ट हो गया है कि पीडिता का एक साल से सामूहिक यौन शोषण हुआ है। पीडिता की मां ने भी कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया है। सभी आरोपी भूमि माफिया हैं तथा पीडिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया और वायरल करने की धमकी देकर यौन शोषण करता रहा।

इधर पुलिस ने पीड़िता की सुरक्षा का हवाला देकर उसे बालिका गृह भेज दिया था जहां से एक माह बाद पीडित मुक्त की गई। इस मामले में भी कानून उल्लंघन किया गया है। पोक्सो कोर्ट ने अनुसंधानकर्ता से प्रतिवेदन मांगा था उसका जवाब भी संतोषजनक नहीं मिला। अभियुक्तों के रसूख को देखते हुये पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पुलिस के सामने से मुख्य आरोपी फरार हो गया था। केस डायरी देखने से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस अभियुक्तों को बचाने में लगी है।

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अंधविश्वास : महिला हेड कांस्टेबल से एक वर्ष से दुराचार कर रहा था मौलाना, फरार https://www.shauryatimes.com/news/58996 Thu, 03 Oct 2019 16:42:40 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=58996 बागपत : बागपत के एक थाने में तैनात एक महिला हेड कांस्टेबल बेटे के इलाज व घर की सुख शांति के लिए एक पाखंडी मौलाना के जाल में फंस गई। मौलाना हेड कांस्टेबल को अंधविश्वास में लेकर उसके साथ करीब एक वर्ष तक दुष्कर्म करता रहा और इलाज के नाम पर उससे लाखों रुपये भी ऐंठ लिए। इतना ही नहीं शारीरिक संबंध न बनाने पर वह महिला हेड कांस्टेबल को उसके बेटे की मौत की चेतावनी देकर डराता रहा। मौलाना से परेशान होकर पीड़िता ने उसके खिलाफ महिला थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जबकि आरोपी फरार हो गया है। पुलिस मौलाना की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक वह पुलिस के हाथ नहीं लग सका। उधर, मामले में एसपी प्रताप गोपेन्द्र यादव का कहना है कि महिला हेड कास्टेबल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही मौलाना को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

बिजनौर जनपद निवासी 45 वर्षीय महिला बागपत के एक थाने में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। उसकी वर्ष 2006 में मृतक आश्रित में पति की जगह कांस्टेबल पद पर तैनाती हुई थी। बताया गया कि 29 जून 2018 को सड़क दुर्घटना में उसका छोटा पुत्र घायल हो गया था। बेटे का कई महीने तक आईसीयू में इलाज हुआ। इस दौरान महिला हेड कांस्टेबल को किसी ने उसके बेटे पर ऊपरी-हवा होने की सलाह दी। जिसके उपचार के लिए वह 30 जुलाई 18 को शहर की मोमीन मस्जिद के मौलाना जुबैर के पास पहुंची। कहा कि मौलाना ने पीड़िता को उसके बेटे के अंदर जिन होने का हवाला देकर उसे रात के समय करीब 10.30 बजे अकेला अपने पास बुलाया। जहां सामने शीशा रखकर खुद को जिन के भेष में बताते हुए महिला हेड कांस्टेबल से कपड़े उतरवा लिए और उसके साथ दुष्कर्म किया और आगे भी ऐसा करने के लिए कहा। इस दौरान मौलाना ने पीड़ित हेड कांस्टेबल को पूरी तरह से अपने जाल में फंसा लिया और बेटे की मौत की चेतावनी देकर डराता रहा।

]]> छात्रा को बंधक बनाकर जबरन दुराचार का प्रयास https://www.shauryatimes.com/news/33486 Tue, 26 Feb 2019 04:29:08 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=33486 लखनऊ। पीजीआई के तेलीबाग शनिदेव मंदिर चौराहे से बेखौफ शोहदे ने सिटी बस के इंतजार में खड़ी आईटीआई की छात्रा को जबरन गाड़ी पर बैठा कर अज्ञात स्थान पर स्थित कमरे में ले गया। उसका स्मार्टफोन छीन कर तोड़ दिया और बंधक बनाकर जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया। असफल रहने पर मारपीट की और कमरे में बन्द करके चला गया। पीडिता ने अपने छोटे फोन से अपनी सहेलियों और बड़ी बहन को सूचना दी। शोहदे ने वापस लौट कर फिर हैवानियत का प्रयास किया, लेकिन पीडिता के शोर मचाने पर भाग निकला। पीडिता ने पीजीआई कोतवाली में शोहदे के खिलाफ नामजद तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

रायबरेली निवासी एक छात्रा तेलीबाग इलाके में रहकर चारबाग में आईटीआई का डिप्लोमा कोर्स कर रही है। घटना सोमवार सुबह की है। पीडिता ने बताया वह अपने कॉलेज जाने के लिए शनिदेव मंदिर स्टॉप पर खड़ी थी। इतने में एक युवक रोहित पाल निवासी डीहवापार सेमरी रायबरेली आया और जबरन अपनी बाइक पर बैठा लिया और अज्ञात स्थान पर ले जाकर कमरे में बंदकर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने और शोर मचाने पर मारपीट की, जिसमें पीडिता को सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं हैं। पीडिता के परिजनों ने बताया कि आरोपी शोहदा पड़ोस के गांव का है और परिचित है। वो पीजीआई के पास रहता है। फिलहाल पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपी के तलाश में जुटी है।

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मासूम से दुष्कर्म का प्रयास, दारोगा ने रिपोर्ट लिखने से किया इंकार https://www.shauryatimes.com/news/26981 Thu, 10 Jan 2019 08:21:52 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=26981 लखनऊ : पीजीआइ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधेड़ स्कूल से लौट रही बच्ची को दबोच कर अपने घर में ले गया था। शोरगुल सुनकर लोग वहां एकत्र हुए थे। मासूम के पिता बच्ची को आरोपित से छुड़ाकर थाने पहुंचे। आरोप है कि अधेड़ ने मासूम के साथ गलत काम करने की कोशिश की थी। यह बात बच्ची ने भी पिता को बताई। पीडि़त के मुताबिक वह थाने में तहरीर लिख रहा था, इसी बीच कल्ली चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार वहां पहुंचे। आरोप है कि तहरीर लिखता देख चौकी इंचार्ज ने मासूम के पिता को धमकाते हुए कहा कि अगर उसने एफआइआर दर्ज कराई तो उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

चौकी इंचार्ज की बात सुनकर इंस्पेक्टर रविंद्र नाथ राय ने चौकी इंचार्ज को फटकार लगाई। इंस्पेक्टर ने मासूम से बातचीत करने के बाद तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उधर, चौकी इंचार्ज का कहना है कि बच्ची के पिता जिस मकान में रहते हैं उसके मकान मालिक से आरोपित का मंगलवार को विवाद हुआ था। बुधवार को भी दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। मासूम से दुष्कर्म के प्रयास का आरोप गलत है।

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