Satsang cms – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 17 Mar 2019 12:45:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 ‘विश्व सरकार’ के गठन से ही होगा विश्व मानवता का कल्याण – डा. भारती गांधी https://www.shauryatimes.com/news/36170 Sun, 17 Mar 2019 12:45:55 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=36170 सीएमएस गोमती नगर ऑडिटोरियम में विश्व एकता सत्संग

लखनऊ :  सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने कहा कि विश्व सरकार के गठन से ही विश्व मानवता का कल्याण सुनिश्चित किया जा सकता है। सी.एम.एस. के बच्चों को प्रारम्भ से ही भौतिक, सामाजिक व आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान की जाती है ताकि वे बड़े होकर विश्व सरकार के गठन में अपेक्षित सहयोग कर सकें और इसीलिए सी.एम.एस. छात्रों को ‘जय जगत’ का नारा दिया गया है। ‘जय जगत’ के नारे में पूरे विश्व की जय की भावना सन्निहित है। विश्व सरकार के गठन के बाद दुनिया से लड़ाइयां बन्द हो जायेंगी और शान्ति व एकता का वातावरण बन जायेगा। इससे पहले, सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने सुमधुर भजनों की श्रंृखला प्रस्तुत कर सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया तथापि उपस्थित सत्संग प्रेमियों को सुखद अनुभूति करायी।

विश्व एकता सत्संग में आज सी.एम.एस. अलीगंज (प्रथम कैम्पस) के छात्रों ने शिक्षात्मक-आध्यात्मिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। ‘स्कूल प्रार्थना’ से कार्यक्रम की शुरूआत करके छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां दी। छात्रों ने जहाँ एक ओर संस्कृत में श्लोक का वाचन कर आध्यात्मिक उल्लास जगाया तो वहीं दूसरी ओर नुक्कड़ नाटक ‘जागो भारत जागो’ की प्रस्तुति के माध्यम से पॉलीथीन का प्रयोग न करने एवं वातावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर कई विद्वजनों ने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। सत्संग का समापन संयोजिका श्रीमती वंदना गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

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सीएमएस गोमती नगर ऑडिटोरियम में विश्व एकता सत्संग https://www.shauryatimes.com/news/32647 Sun, 17 Feb 2019 13:07:41 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=32647 ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से ही आयेगी शान्ति व एकता

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले विश्व एकता सत्संग में अपने विचार व्यक्त करते हुए विभिन्न धर्मानुयाइयों ने एक स्वर से कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से ही विश्व में शान्ति व एकता स्थापित होगी। विद्वजनों का कहना था कि आज दुनिया भर में अराजकता एवं मारामारी का माहौल है। ऐसे में भावी पीढ़ी को वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से अवगत कराना हमारा नैतिक कर्तव्य है। बच्चों को प्रारम्भ से ही विश्व एकता, विश्व शान्ति, प्रेम, भाईचारा की शिक्षा दी जानी चाहिए तभी ये बच्चे बड़े होकर विश्व एकता का सपना एक दिन पूरा करके दिखलायेंगे। इससे पहले, सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने सुमधुर भजनों की श्रंृखला प्रस्तुत कर सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया तथापि उपस्थित सत्संग प्रेमियों को सुखद अनुभूति करायी।

‘विश्व एकता सत्संग’ में आज सी.एम.एस. राजाजीपुरम (प्रथम कैम्पस) के छात्रों ने साँस्कृतिक-आध्यात्मिक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरूआत स्कूल प्रार्थना से करके छात्रों ने भक्ति गीत ‘ओ गॉड गाईड मी’ तथा ‘तेरी है जमीं तेरा आसमां’ प्रस्तुत किया। जहां एक ओर ‘पानी बचाओं’ पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर छात्रोंने खूब वाहवाही लूटी तो वहीं दूसरी ओर एक्शन सांग ‘गिव मी ए बेल टू रिंग’ की सुरीली प्रस्तुति को सभी ने खूब सराहा। इस अवसर पर छात्रों ने ‘वर्ल्ड पार्लियामेन्ट’ के माध्यम से वातावरण को प्रदूषित न करने का संदेश दिया। इसके अलावा, शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खेल का महत्व एवं महिला सशक्तिकरण पर भी मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। सत्संग का समापन संयोजिका वंदना गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

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बच्चों को पढ़ायें सर्व-धर्म समभाव का पाठ – डा.भारती गांधी https://www.shauryatimes.com/news/28620 Sun, 20 Jan 2019 13:31:22 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=28620 सीएमएस गोमती नगर ऑडिटोरियम में विश्व एकता सत्संग

लखनऊ : सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा भारती गाँधी ने कहा कि सभी धर्म समान हैं और इसलिए यह जरूरी है कि बच्चों को प्रारम्भ से ही सर्व-धर्म समभाव की शिक्षा दी जाये। डा. गाँधी ने कहा कि परमात्मा सभी प्राणियों से प्यार करता है तो हम इंसान भेदभाव क्यों करते हैं? हमें सृजन का प्रयास करना चाहिए न कि विनाश का। ऐसा संसार बनाना चाहिए जहां खुशहाली हो, परन्तु खुशहाली लाने के लिए सभी मनुष्यों को प्राथमिक सुविधायें प्राप्त होनी चहिए। प्राथमिक सुविधाओं के लिए जो धन चाहिए वह तभी मिल पायेगा जब युद्ध बन्द हों।

समस्त मानवजाति शान्ति चाहती है, युद्ध नहीं। जब सभी को रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा व चिकित्सा मिलेगी, तभी एकता व शान्ति का वातावरण बनेगा। हम सभी को भेदभाव भूलकर एक हो जाना चाहिए क्योंकि ईश्वर एक है। इससे पहले, सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने सुमधुर भजनों की श्रंृखला प्रस्तुत कर सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया तथापि उपस्थित सत्संग प्रेमियों को सुखद अनुभूति करायी। विश्व एकता सत्संग में रविवार को सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस के छात्रों ने एक से बढ़कर एक शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखेरकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्कूल प्रार्थना से कार्यक्रम की शुरूआत करके बच्चों ने भक्ति गीत ‘गॉड इस वन्डरफुल’ प्रस्तुत किया। लघु नाटिका के माध्यम से छात्रों ने समाझाया कि कैसे बच्चों में पढ़ने की आदत डालनी चाहिए तथापि ‘जय जगत’ गीत के साथ छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन किया। इस अवसर पर कई विद्वजनों ने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। सत्संग का समापन संयोजिका श्रीमती वंदना गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

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सीएमएस गोमती नगर ऑडिटोरियम में विश्व एकता सत्संग https://www.shauryatimes.com/news/27569 Sun, 13 Jan 2019 14:12:53 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=27569 बच्चों में वैश्विक दृष्टिकोण का विकास करें

लखनऊ :  सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा.  भारती गाँधी ने अभिभावकों व शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों को भौतिक, सामाजिक व नैतिक शिक्षा प्रदान करने साथ ही उनमें वैश्विक दृष्टिकोण का विकास करें। यही बच्चे आगे चलकर उच्च पदों पर आसीन होंगे और विश्व में एकता एवं शांति स्थापित करेंगे। डा. गाँधी ने एक शेर उद्घृत करते हुए कहा कि ‘नजर-नजर में उतरना कोई कमाल नहीं, नफस-नफस में उतरना कमाल होता है, बुलन्दियों पर पहँुचना कोई कमाल नहीं, बुलन्दियों पर ठहरना कमाल होता है’ अर्थात उच्चता हासिल करना बहुत कठिन नहीं है परन्तु बुलन्दी पर बने रहने के लिए परिश्रम, सेवा, प्रेम, सद्भावना इत्यादि की आवश्यकता होती है। डा. गाँधी ने कहा कि हम सब मिलकर ऐसा वातावरण बनायें जहाँ शान्ति एवं प्रेम की बयार बहे एवं नफरत, क्रोध, ईर्ष्या व युद्ध का सर्वथा अभाव रहे और यह ‘जय जगत’ की भावना से ही संभव है। उन्होंने बच्चों से कहा कि अपने घर, पड़ोस व समाज में ‘जय जगत’ का खूब प्रचार-प्रसार करें, ताकि शान्ति व एकता की भावना का विकास हो। इससे पहले, सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने सुमधुर भजनों की श्रंृखला प्रस्तुत कर सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया तथापि उपस्थित सत्संग प्रेमियों को सुखद अनुभूति करायी।

विश्व एकता सत्संग में आज सी.एम.एस. महानगर के छात्रों ने एक से बढ़कर एक शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखेरकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्कूल प्रार्थना से कार्यक्रम की शुरूआत करके बच्चों ने प्रार्थना, गीत – ‘आई जस्ट कीप ट्रस्टिंग माई लार्ड’ एवं ‘ये सब जमीन है मेरी’ प्रस्तुत किया। इसके अलावा, गुरू गोविन्द सिंह एवं महात्मा गाँधी के जीवन पर प्रकाश डाला, साथ ही प्रार्थना नृत्य ‘ये मत कहो ख्ुादा से’ के प्रस्तुतिकरण से खूब तालियां बटोरी। इसके साथ ही छात्रों ने मकर संक्रान्ति, पोंगल व लोहिड़ी के महत्व से भी सत्संग प्रेमियों को अवगत कराया। इस अवसर पर छात्रों की माताओं ने ‘जैसा सोचोगे तुम, वैसे ही बन जाओगे’ तथा ‘निर्बल से लड़ाई भगवान की’ के प्रस्तुतिकरण से खूब तालियां बटोरी। इन मनभावन कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के लिए डा. भारती गांधी ने छात्रों व शिक्षकों की भूरि-भूरि प्रश्ंासा की। कार्यक्रम के प्रतिभागी छात्रों में रितिज पाठक, रितिशा पाठक, आरूषि चौधरी, रमशा खान, अभय कुमार शुक्ला, अंशुमान सिंह, अर्नव चौरसिया, तनीशा मिश्रा, अमीना सिद्दीकी आदि शामिल थे। इस अवसर पर कई विद्वजनों ने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। सत्संग का समापन संयोजिका श्रीमती वंदना गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

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सी.एम.एस. गोमती नगर ऑडिटोरियम में विश्व एकता सत्संग https://www.shauryatimes.com/news/26377 Sun, 06 Jan 2019 12:44:45 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=26377 संपूर्ण मानवजाति एक ही परिवार के सदस्य -डा. भारती गांधी

लखनऊ :  सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी ने कहा कि संपूर्ण मानवजाति एक ही परिवार के सदस्य हैं और सभी एक ही ईश्वर के अंश है। बहाई धर्म की व्याख्या करते हुए डा. गांधी ने कहा कि बहाई धर्म मानवजाति की एकता पर विश्वास करता है। बहाउल्लाह ने कहा है कि समस्त मानवजाति ईश्वर की सेवक है, सभी को एक ही ईश्वर ने बनाया है और सभी उस परमपिता की संतान हैं।

ईश्वर ही सबका पालन-पोषण करता है तथा सबके प्रति दयाभाव रखता है। डा. गाँधी ने आगे कहा कि ईश्वर ने हम सभी के लिए एकता, शान्ति व प्रेम का संदेश भेजा है। अब यह हमारे ऊपर है कि हम सब विश्व सरकार का गठन करने में सहयोग करें और दुनिया से लड़ाईयों का अन्त कराके विश्व में एकता व शान्ति स्थापना का मार्ग प्रशस्त करें। इससे पहले, सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने सुमधुर भजनों की श्रंृखला प्रस्तुत कर सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया तथापि उपस्थित सत्संग प्रेमियों को सुखद अनुभूति करायी।विश्व एकता सत्संग में आज सी.एम.एस. महानगर कैम्पस के छात्रों ने शिक्षात्मक-आध्यात्मिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्कूल प्रार्थना से कार्यक्रम की शुरूआत करके छात्रों ने ‘आई हैव ए ड्रीम’ गीत प्रस्तुत किया। लघु नाटिका ‘बी पंक्चुअल’, भक्ति गीत ‘ये मत कहो खुदा से’, ‘हरि मेरे घर को यह वर दो’ एवं देशभक्ति गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ की भावपूर्ण प्रस्तुतियों को सभी खूब सराहा। इस अवसर पर कई विद्वजनों ने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। सत्संग का समापन संयोजिका श्रीमती वंदना गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

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संस्कारों व जीवन मूल्यों के बिना अधूरी है शिक्षा : डा.भारती गांधी https://www.shauryatimes.com/news/25213 Sun, 30 Dec 2018 12:35:33 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=25213 सीएमएस गोमती नगर ऑडिटोरियम में विश्व एकता सत्संग

लखनऊ : सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने कहा कि शिक्षा ही मनुष्य में मानवता का संचार करती है। जब शिक्षा में संस्कारों व जीवन मूल्यों का समावेश होता है तभी शिक्षा उद्देश्यपूर्ण कहलाती है और मनुष्य में मनुष्यता का विकास संभव हो पाता है। डा. गाँधी ने शिक्षकों व अभिभावकों का आह्वान किया कि बच्चे के कोमल मन में शुरू से ही उच्च जीवन मूल्यों व संस्कारों के बीज बो दें एवं अपने स्वयं के व्यवहार द्वारा सिखायंे कि कर्म ही पूजा है, चरित्र निर्माण पर जोर दें एवं सर्वधर्म समभाव की सीख दें। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि घर पर एक स्वच्छ, शान्तिमय व सद्भाव का वातावरण बनायें जिससे बालक स्वतः ही पढ़ाई लिखाई व अच्छे गुणों को अपनाने के लिए आकर्षित हो व माता-पिता और गुरुजनों का आदर सत्कार करे। इससे पहले, सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने सुमधुर भजनों की श्रंृखला प्रस्तुत कर सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया तथापि उपस्थित सत्संग प्रेमियों को सुखद अनुभूति करायी।
विश्व एकता सत्संग में आज कई विद्वजनों ने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। डा. बी. एन. सिंह ने कहा कि यदि मनुष्य अपना मन एवं बुद्धि का अहंकार छोड़कर ईश्वर को समर्पित हो जाए तो उसका कल्याण हो जायेगा। श्री गोदरेज जी ने कहा कि मनुष्य अपनी क्षमताओं का विकास करके बहुत ऊँचाई तक जा सकता है किन्तु ईश्वर नहीं बन सकता। एक अन्य वक्ता ने कहा कि मनुष्य अपने स्वयं के प्रयत्नों से ही ईश्वर की शरण प्राप्त कर सकता है। अन्य वक्ताओं में श्री एच के आब्दी, श्री तुलाराम व अन्य विद्वजनों ने अपने विचार रखे। सत्संग का समापन संयोजिका श्रीमती वंदना गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

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