‘Sundaram Sahitya Ratna’ award to senior poet Jyoti Shekhar and poetess Ranjana Shekhar – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 07 Jan 2020 18:08:19 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 लाज-शर्म जब पी लेता है, तब बनता है नेता : राजेंद्र https://www.shauryatimes.com/news/72908 Mon, 06 Jan 2020 19:24:13 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=72908

वरिष्ठ शायर ज्योति शेखर व कवयित्री रंजना शेखर को ‘सुन्दरम् साहित्य रत्न’ सम्मान

लखनऊ : जानकीपुरम स्थित ‘भूषण सदन’ में सामाजिक-सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था ‘सुन्दरम् ‘ के तत्वावधान में आयोजित मासिक आयोजन में वरिष्ठ शायर ज्योति शेखर व वरिष्ठ कवयित्री रंजना शेखर को ‘सुन्दरम् साहित्य रत्न ‘ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार व संस्था के संस्थापक अध्यक्ष नरेन्द्र भूषण जी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार छन्द मर्मज्ञ ,साहित्य सम्पादक अशोक पाण्डेय ‘अशोक’ व विशिष्ट अतिथि के रूप में अन्तर्राष्ट्रिय शायर के के सिंह मयंक की उपस्थिति ने मंच को गरिमा प्रदान की। साहित्य जगत में प्रतिष्ठित व श्रेष्ठ सहित्यिक सृजन के लिए सुनाम रंजना ने मां की वन्दना से कार्यक्रम का प्रारम्भ किया।

संस्था सुन्दरम् के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार रवींद्र नाथ तिवारी, मधुर कण्ठ व उत्कृष्ट रचनाओं के लिए लोकप्रिय साहित्य मनीषी विनम्र, रचनाकार हरि मोहन बाजपेई माधव, वरिष्ठ खेल पत्रकार व कवि राजेन्द्र मिश्र ‘कात्यायन’, आशु कवि कैलाश प्रकाश त्रिपाठी ‘पुंज’ ,गीतकार राममूर्ति सिंह ‘अधीर’ ,शिक्षाविद व वरिष्ठ साहित्यकार राजाभैया ‘राजाभ ‘ श्रेष्ठ कवयित्री श्रीमती अलका त्रिपाठी ‘विजय’ जी, अखिल श्रीवास्तव ‘व्यथित’, मृगांक कुमार श्रीवास्तव, हरगोविँद यादव , प्रशांत त्रिपाठी, सुरेश गुप्ता ‘श्याम’, अमर कुमार श्रीवास्तव,संदीप अनुरागी, चेतराम अज्ञानी, चन्द्रभूषण सिंह, अखिलेश निगम (आइपीएस), मनीष विरल, अमिता सिंह, विपिन मलिहाबादी, इ.शिवनाथ सिंह,प्रशांत त्रिपाठी, सहित तमाम साहित्यकारों ने काव्य पाठ किया।

लगभग 5घन्टे चले इस साहित्यिक कार्यकम एक से एक उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया गया। सम्मानित किये गये वरिष्ठ शायर ज्योति शेखर के अशआर खूब सराहे गये। दूसरी सम्मानित होने वाली रंजना ने जब मधुर कण्ठ से ‘ततैया वाले दिन’ गीत पढ़ा तो तमाम बार देर तक तालियाँ गूंजती रहीं। माधव जी की पंक्तियां’ हुनर आने के भी खतरे बड़े हैं, पता है हाथ कटवाने पड़े हैं।’ और राजेन्द्र कात्यायन की पंक्तियां’ आंख का पानी मर जाता है तब बनता है नेता, लाज शर्म जब पी लेता है तब बनता है नेता’ काफी सराही गई।

]]>