supreme_Court – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Fri, 15 Feb 2019 09:08:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 छह महीने में भरे जायें सूचना आयुक्तों के खाली पद https://www.shauryatimes.com/news/32306 Fri, 15 Feb 2019 09:08:00 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=32306

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को दिये निर्देश

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा है कि वे सूचना आयुक्तों के खाली पड़े पदों पर छह महीने में नियुक्ति करें। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का चयन निर्वाचन आयुक्त के चयन की तरह होना चाहिए। केंद्रीय सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के चयन के लिए मापदंड और उसकी प्रक्रिया सार्वजनिक की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सूचना आयुक्तों के पद पर नियुक्ति का आधार व्यापक होना चाहिए। इसे केवल सरकारी अधिकारियों और पूर्व नौकरशाहों तक ही सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
13 दिसंबर 2018 को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि केंद्रीय सूचना आयोग के खाली पद जल्द ही भर लिए जाएंगे। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसे केंद्रीय सूचना आयुक्त के लिए 65 और सूचना आयुक्तों के लिए 280 आवेदन मिले हैं। योग्य नामों का चयन कर लिया गया है। केंद्र सरकार ने कहा था कि इस बारे में जल्द ही अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि वह आवेदकों के नाम, सेलेक्शन का पैमाना और सर्च कमेटी का ब्यौरा कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की वेबसाइट पर डालें। याचिका अंजलि भारद्वाज ने दायर की है। अंजलि की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया था कई राज्यों में सूचना आयुक्तों के पद खाली हैं और राज्य सरकारें खाली पदों पर नियुक्ति नहीं कर रही है।
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बड़ी खबर : अयोध्या मामले में केंद्र सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट के द्वार https://www.shauryatimes.com/news/29826 Tue, 29 Jan 2019 06:30:21 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=29826 अविवादित भूमि से यथास्थिति का आदेश वापस लेने की मांग

नई दिल्ली : अयोध्या मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अविवादित जमीन से यथास्थिति का आदेश वापस लेने की मांग की है। केंद्र सरकार ने 67 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था और सिर्फ 2.77 एकड़ जमीन पर विवाद है। बाकी जमीन को रिलीज करने के लिए याचिका दायर की गई है। केंद्र सरकार ने 1993 में इस जमीन का अधिग्रहण किया था। आपको बता दें कि अयोध्या मामले की सुनवाई आज होनी थी लेकिन सुनवाई करने वाली बेंच के सदस्य जस्टिस एसए बोब्डे आज उपलब्ध नहीं हैं जिसकी वजह से आज सुनवाई टल गई है। 25 जनवरी को अयोध्या मामले की सुनवाई करनेवाली 5 जजों की नई बेंच का गठन कर दिया गया था जिसके सदस्य जस्टिस एस ए बोब्डे भी हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस एसए बोब्डे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल हैं।
पिछले 10 जनवरी को जस्टिस यूयू ललित ने वकील राजीव धवन की ओर से एतराज जताए जाने के बाद खुद ही बेंच से हटने की बात कही थी। धवन ने कहा था कि 1995 में जस्टिस ललित बतौर वकील यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के लिए पेश हुए थे। जस्टिस यूयू ललित के सुनवाई से हटने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई टाल दी थी।

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