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	<title>trump &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>प्रतिनिधि सभा में महाभियोग मामले की सुनवाई में भाग नहीं लेंगे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Dec 2019 18:07:47 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन : व्हाइट हाउस ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या उनके वकील प्रतिनिधिसभा में महाभियोग मामले की सुनवाई के दौरान पेश नहीं होंगे। यह जानकारी सोमवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली। ट्र्रंप के सहायक ने प्रतिनिधिसभा की ओर से पेश होने के लिए सुझाई गई दो अंतिम &#8230;]]></description>
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<div dir="ltr" style="text-align: justify"><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-67683 aligncenter" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/trump-300x178.jpg" alt="" width="625" height="371" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/trump-300x178.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/trump.jpg 600w" sizes="(max-width: 625px) 100vw, 625px" />वाशिंगटन :</strong> व्हाइट हाउस ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या उनके वकील प्रतिनिधिसभा में महाभियोग मामले की सुनवाई के दौरान पेश नहीं होंगे। यह जानकारी सोमवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली। ट्र्रंप के सहायक ने प्रतिनिधिसभा की ओर से पेश होने के लिए सुझाई गई दो अंतिम तिथियों पर बागी तेवर दिखाते हुए कहा कि डमोक्रेट सांसद अपना ध्यान महाभियोग जांच के दौरान तथ्य खोजने पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय इस पर जोर दे रहे हैं कि यूक्रेन के साथ ट्रंप ने कोई दुर्व्यवहार तो नहीं किया है।</div>
<div dir="ltr"></div>
<div dir="ltr" style="text-align: justify">डेमोक्रेट बहुल प्रतिनिधिसभा की न्यायिक समिति ने राष्ट्रपति ट्रंप को यह बताने के लिए रविवार शाम छह बजे तक का समय दिया था कि वह बुधवार को पैनल की प्रक्रिया में भाग लेने को अपना अधिवक्ता भेजेंगे या नहीं। पैनल की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति के अधिवक्ता पैट सिपोलोन ने न्यायिक पैनल के अध्यक्ष जर्नोल्ड नाडलर को नकारात्मक जवाब भेज दिया है। इसके बाद नाडलर ने महाभियोग प्रक्रिया के दौरान अपना बचाव करने के लिए ट्रंप को शुक्रवार तक का समय दिया है।समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस के इंकार के बाद न्यायिक समिति के सदस्य जवाब देने के लिए तुरंत उपलब्ध नहीं हुए।</div>
</div>
</div>
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		<title>तुर्की के खिलाफ अमेरिका का कड़ा रुख, दवाब बनाने जाएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/61013</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Oct 2019 17:27:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[trump]]></category>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन : अमेरिका सुरक्षाबलों की वापसी के बाद तुर्की के सीरिया पर हुए हमलों से आक्रोशित अमेरिका ने कठोर रुख अपनाते हुए तुर्की पर दबाव बनाने के लिए अपने उपराष्ट्रपति माइक पेंस के नेतृत्व में 17 अक्टूबर को अपना  प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस  प्रतिबद्धता को दोहराएगा कि इस समस्या &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id=":1n4" class="a3s aXjCH ">
<div dir="ltr">
<div dir="ltr" style="text-align: justify"><strong><img decoding="async" class="wp-image-61014 aligncenter" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-1-300x171.jpg" alt="" width="618" height="352" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-1-300x171.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-1-768x438.jpg 768w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-1-1024x585.jpg 1024w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-1.jpg 1051w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />वाशिंगटन :</strong> अमेरिका सुरक्षाबलों की वापसी के बाद तुर्की के सीरिया पर हुए हमलों से आक्रोशित अमेरिका ने कठोर रुख अपनाते हुए तुर्की पर दबाव बनाने के लिए अपने उपराष्ट्रपति माइक पेंस के नेतृत्व में 17 अक्टूबर को अपना  प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस  प्रतिबद्धता को दोहराएगा कि इस समस्या को समाधान निकलने तक प्रतिबंध जारी  रहेंगे। अमेरिकी अंकारा रवाना होने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ’ब्रायन इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल है। यह प्रतिनिधिमंडल तुरकी के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन से मुलाकात करेगा।</p>
<p>ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से मंगलवार को कहा कि उनका प्रशासन अमेरिकी जवानों को वापस घर लाना चाहता है। इस बीच एर्दोआन ने उत्तरी सीरिया में संघर्षविराम के अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज  कर दिया है और कहा है कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर चिंतित नहीं है। दैनिक समाचार पत्र ‘हुर्रियत’ ने एर्दोआन से हवाले से कहा है कि वे चाहते हैं कि हम संघर्ष विराम घोषित करें। पर वह  संघर्षविराम की घोषणा नहीं कर सकते हैं। तुर्की सरकार इलाके में सुरक्षित क्षेत्र बनाना चाहती है, जहां वह 20 लाख सीरियाई शरणार्थियों को पुन: बसा सके जो इस समय तुर्की में हैं।</p></div>
</div>
</div>
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		<title>अमेरिका ने तुर्की पर लगाया प्रतिबंध, कहा हद पार की तो बर्बाद कर देंगे अर्थव्यवस्था!</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/60863</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Oct 2019 17:31:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[trump]]></category>
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					<description><![CDATA[इमरान के नये दोस्त को ट्रम्प की खुली धमकी वाशिंगटन : सीरिया से अमेरिकी फौजियों के जाते ही तुर्की सेनाओं द्वारा सीरिया पर की गई बमबारी और हमलों को अमेरिका ने बहुत गंभीरता से लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के नये दोस्त तुर्की को चेतावनी देते हुए स्टील पर शुल्क बढ़ोत्तरी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id=":1ex" class="a3s aXjCH ">
<div dir="ltr">
<h3><span style="color: #800000"><img decoding="async" class="wp-image-60864 aligncenter" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-300x180.jpg" alt="" width="617" height="370" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-300x180.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-768x462.jpg 768w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump.jpg 875w" sizes="(max-width: 617px) 100vw, 617px" />इमरान के नये दोस्त को ट्रम्प की खुली धमकी</span></h3>
<div dir="ltr" style="text-align: justify"><strong>वाशिंगटन :</strong> सीरिया से अमेरिकी फौजियों के जाते ही तुर्की सेनाओं द्वारा सीरिया पर की गई बमबारी और हमलों को अमेरिका ने बहुत गंभीरता से लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के नये दोस्त तुर्की को चेतावनी देते हुए स्टील पर शुल्क बढ़ोत्तरी कर 100 मिलियन डॉलर के व्यापार अनुबंध को रद्द करने की घोषणा कर दी है। ट्रम्प ने इस मामले को राष्ट्रीय आपदा बताते हुए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिससे अमेरिकी प्रशासन को तुर्की पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार मिल गया है। वित्त मंत्रालय तुर्की के रक्षा मंत्री हुलसी अकार, आंतरिक मंत्री सुलेमान सोयलू और ऊर्जा मंत्री फातिह डोनमेज़ को अपनी प्रतिबंध सूची में पहले ही डाल चुका है। वहीं ट्रम्प ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी को भेजे एक पत्र में तुर्की मामले को एक राष्ट्रीय आपदा बताया है।</div>
<div dir="ltr"></div>
<div dir="ltr" style="text-align: justify">ट्रम्प ने कहा है कि यह कार्यकारी आदेश मानवाधिकार के गंभीर हनन, संघर्ष विराम को बाधित करने, विस्थापित लोगों को घर लौटने से रोकने, शरणार्थियों को जबरन वापस उनके देश भेजने या सीरिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पहुंचाने वालों के खिलाफ अमेरिका को कड़े प्रतिबंध लगाने का अधिकार देगा।’ उन्होंने कहा कि तुर्की की सैन्य कार्रवाई आम नागरिकों को खतरे में डाल रही है और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता को खतरा पहुंचा रही है। ट्रंप ने कहा कि यदि तुर्की के नेताओं ने खतरनाक और विनाशकारी मार्ग पर चलना जारी रखा, तो वह  उसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे।’ ट्रम्प ने बताया कि आदेश के तहत आर्थिक पाबंदी, सम्पति की खरीद-ब्रिक्री पर रोक, अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध आदि पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।</div>
</div>
</div>
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			</item>
		<item>
		<title>ट्रंप ने महाभियोग को बनाया चुनावी हथियार</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/58626</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Oct 2019 10:48:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लाए गए महाभियोग प्रस्ताव से तनिक भी विचलित नहीं हुए हैं, बल्कि उन्होंने इसे चुनावी हथियार बना लिया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक तरह से जंग छेड़ दिया है। इस मामले में उन्होंने यूक्रेन के बाद अब ऑस्ट्रेलिया से मदद मांगी है। विदित हो कि भ्रष्टाचार की जांच &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-58630 aligncenter" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-300x157.jpeg" alt="" width="621" height="325" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump-300x157.jpeg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/trump.jpeg 549w" sizes="auto, (max-width: 621px) 100vw, 621px" />वाशिंगटन :</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लाए गए महाभियोग प्रस्ताव से तनिक भी विचलित नहीं हुए हैं, बल्कि उन्होंने इसे चुनावी हथियार बना लिया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक तरह से जंग छेड़ दिया है। इस मामले में उन्होंने यूक्रेन के बाद अब ऑस्ट्रेलिया से मदद मांगी है। विदित हो कि भ्रष्टाचार की जांच को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति से बातचीत करने के आरोप में ट्रंप के ऊपर महाभियोग चलाया जा रहा है। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन इन आरोपों से बचाव की मुद्रा में आने की जगह उन्होंने आक्रामक रुख अपना लिया है।राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की जांच को लेकर ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रपति स्कॉट मॉरिसन से मदद मांगी है। ट्रंप पर आरोप लगा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए उन्होंने रूस के साथ गोलबंदी की थी और विजयी भी हुए थे।</p>
<p style="text-align: justify">उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदीमीर जेलेंस्की से फोन पर बात कर उनपर दबाव बनाया कि वे डेमोक्रेटिक नेता जो बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के दावों की जांच शुरू करें। ऐसा न करने पर ट्रंप ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य मदद रोकने की भी धमकी दी। साल 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जो बिडेन डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप और राष्ट्रपति व्लोदीमीर जेलेंस्की के बीच यह वार्ता 25 जुलाई को हुई थी। इसका खुलासा एक व्हिसल ब्लोअर ने किया। इस व्यक्ति ने खुफिया अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी। डेमोक्रेट्स नेताओं का कहना है कि ट्रंप आगामी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए विदेशी सरकार की मदद ले रहे हैं जो नियमों का उल्लंघन है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कश्मीर पर व्हाइट हाउस ने ट्रंप के बयान को पलटा, हुई खूब किरकिरी</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/49778</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2019 18:14:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[trump]]></category>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन : कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की बात कह कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने लिए मुसीबत खड़ी कर ली है। पहले भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। इसके बाद अमेरिकी मीडिया ने उनकी निंदा की। स्थिति बिगड़ते देख विदेश मंत्रालय ने बयान देकर स्थिति को संभाला और अब व्हाइट हाउस ने कहा है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id=":1b7" class="a3s aXjCH ">
<div dir="ltr">
<div dir="ltr" style="text-align: justify"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-49779 aligncenter" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/07/white-house-300x146.jpg" alt="" width="725" height="353" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/07/white-house-300x146.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/07/white-house.jpg 739w" sizes="auto, (max-width: 725px) 100vw, 725px" />वाशिंगटन :</strong> कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की बात कह कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने लिए मुसीबत खड़ी कर ली है। पहले भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। इसके बाद अमेरिकी मीडिया ने उनकी निंदा की। स्थिति बिगड़ते देख विदेश मंत्रालय ने बयान देकर स्थिति को संभाला और अब व्हाइट हाउस ने कहा है कि कश्मीर मसला भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला है। इस मसले को दोनों देश बातचीत के जरिए सुलझा सकते हैं। विदित हो कि भारत ने पहले नई दिल्ली से विरोध जताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर डोनाल्ड ट्रंप के बयान को खारिज कर दिया। इसके बाद वाशिंगटन में भी भारतीय अधिकारियों ने व्हाइट हाउस और विदेश मंत्रालय के सामने इस मुद्दे को उठाया जिसके बाद व्हाइट हाउस को सफाई जारी करनी पड़ी।</div>
<div dir="ltr"></div>
<div dir="ltr" style="text-align: justify"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-49780 aligncenter" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/07/trump-300x166.jpg" alt="" width="723" height="400" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/07/trump-300x166.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/07/trump.jpg 519w" sizes="auto, (max-width: 723px) 100vw, 723px" />व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा  है कि पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों के खिलाफ कुछ कार्रवाई की है, लेकिन उसे अपनी जमीन से आतंक को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि अमेरिका की हमेशा से नीति रही है कि कश्मीर मसला भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर व्हाइट हाउस ने कहा कि भारत अमेरिका का सबसे घनिष्ठ मित्र है। ऐसे में अमेरिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय अधिकारियों के साथ आतंकवाद के खिलाफ काम करने को हमेशा तैयार है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ब्रैड शेरमैन ने कहा कि सभी जानते हैं कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी ऐसी बात नहीं करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप का बयान गलत और शर्मनाक है।</p>
<div class="yj6qo"></div>
<div class="adL"></div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जी-20 सम्मेलन : मोदी से मुलाकात से पहले ट्रंप ने उठाया आयात शुल्क का मुद्दा</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/46842</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Jun 2019 18:29:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[trump]]></category>
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					<description><![CDATA[ओसाका : जापान के ओसाका में जी—20 सम्मेलन से इतर शुक्रवार को  भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयात शुल्क का मुद्दा उठाया है। ट्रंप ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से अपनी मुलाकात में आयात शुल्क बढ़ाने के मुद्दे को उठाएंगे। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id=":5qu" class="a3s aXjCH ">
<div dir="ltr">
<div dir="ltr" style="text-align: justify;"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-46843 aligncenter" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/06/trump-300x166.jpg" alt="" width="596" height="330" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/06/trump-300x166.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/06/trump.jpg 496w" sizes="auto, (max-width: 596px) 100vw, 596px" />ओसाका :</strong> जापान के ओसाका में जी—20 सम्मेलन से इतर शुक्रवार को  भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयात शुल्क का मुद्दा उठाया है। ट्रंप ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से अपनी मुलाकात में आयात शुल्क बढ़ाने के मुद्दे को उठाएंगे। भारत शुल्क में जो बढ़ोतरी कर रहा है, वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के साथ बात करने के लिए उत्सुक हूं। भारत, अमेरिकी वस्तुओं पर बहुत अधिक शुल्क लगा रहा है। अभी हाल ही में शुल्क में और भी वृद्धि हुई है। यह अस्वीकार्य है और शुल्क को वापस लिया जाना चाहिए।&#8217;</div>
<div dir="ltr"></div>
<div dir="ltr" style="text-align: justify;">उल्लेखनीय है कि शुल्क के मुद्दे पर ट्रंप इससे पहले भी कई मौकों पर भारत की आलोचना कर चुके हैं। अब एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता से पहले उन्होंने इस मुद्दे को गर्म कर दिया है। विदित हो कि भारत और अमेरिका के बीच शुल्क के मुद्दे पर पिछले एक साल से वाक् युद्ध चल रहा है। पहले अमेरिका ने कुछ भारतीय वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाया था। इसके जवाब में भारत की तरफ से भी शुल्क में बढ़ोतरी की गई थी।</div>
</div>
</div>
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