व्यक्तिगत कर्ज़ से अच्छा है गोल्ड लोन, और गोल्ड लोन लेने के पहले क्या जानना जरूरी है,जाने

नकदी संकट से जूझ रहे लोगों के लिए Gold loan एक बेहतर विकल्प है। इसके लिए बहुत ज्यादा कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके लिए कर्जदाता क्रेडिट स्कोर की जांच नहीं करता है या लोन के बदले उधारकर्ता के रीपेमेंट क्षमता का मूल्यांकन भी नहीं करता है। इस तरह के लोन छोटे व्यवसाय के मालिकों को अस्थायी तौर पर नकदी संकट से निजात दिलाते हैं, ऐसे लोग जिन्हें इमरजेंसी में कैश चाहिए वे गोल्ड लोन ले सकते हैं। आप बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) से गोल्ड लोन ले सकते हैं। हम इस खबर में कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जो गोल्ड लोन लेते वक्त आपको ध्यान में रखना चाहिए।

टैक्स और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन कहते हैं, ‘इमरजेंसी में पैसे की जरूरत पड़े तो पर्सनल लोन लेने से बेहतर है कि गोल्ड लोन लिया जाए। गोल्ड लोन में सिक्योरिटी रहने की वजह से यह कम ब्याज दर पर मिल जाता है। लोन लेने के बाद डिफ़ॉल्ट की संभावना भी रहती है, इसलिए ऐसी सूरत में लेंडर क्या एक्शन ले सकता है, इसका ध्यान रखना चाहिए।’

Banks versus NBFCs

बैंकों और NBFC के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर है। बैंक बेहतर ब्याज दर दे सकता है जबकि, एनबीएफसी ज्यादा मात्रा में उधार दे सकते हैं। मसलन, NBFC मुख्य रूप से सोने के बदले लोन देते हैं, वे जल्दी और तुरंत लोन दे सकते हैं। सभी बैंक ब्रांच में यह सुविधा नहीं हो सकती है। बलवंत जैन कहते हैं, ‘ लोन लेने से पहले तीन-चार जगह यह जांच लें कि कहां कम ब्याज पर लोन मिल सकता है, इससे आप फायदे में रहेंगे।’

लेंडर गोल्ड बार स्वीकार नहीं करते

उधारदाता न्यूनतम 18 कैरेट शुद्धता स्वीकार करते हैं। अधिकांश कर्जदाता इस शुद्धता के नीचे सोने पर विचार नहीं कर सकते हैं। हालांकि, आप आभूषण और सोने के सिक्के गिरवी रख सकते हैं। सिक्कों के मामले में लेंडर उच्च शुद्धता के लिए पूछ सकते हैं और वजन पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। कई लोग 50 ग्राम से ऊपर के सिक्के स्वीकार नहीं करते हैं।

रीपेमेंट

कई सारे रीपेमेंट ऑप्शन हैं, आप इनमें से किसी को भी चुन सकते हैं। आप समान मासिक किस्तों (ईएमआई) में भुगतान कर सकते हैं, या आप केवल कर्ज अवधि और अंत में एकमुश्त मूल भुगतान के दौरान ब्याज का भुगतान कर सकते हैं। बुलेट रीपेमेंट में बैंक मासिक आधार पर ब्याज लेते हैं। यह छह महीने से एक वर्ष के छोटे कार्यकाल के लिए उपयुक्त है। इस तरह के गोल्ड लोन में आपको ईएमआई की जरूरत नहीं होती है। टैक्स और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन कहते हैं, गोल्ड लोन लेने से पहले प्रीपेमेंट का पता जरूर कर लें। क्या बैंक आपको प्रीपेमेंट की अनुमति देता है या नहीं। अगर देता है और आपके पास एक बार ज्यादा राशि एकत्रित हो जाती है और आप लोन चुकता करना चाहते हैं तो यह देखना चाहिए कि इसका चार्ज क्या है।

भुगतान में चूक

यदि आप समय पर कर्ज नहीं चुका पाते हैं, तो उधारदाता को आपका सोना बेचने का अधिकार है। इसके अलावा अगर सोने की कीमत गिरती है, तो कर्जदाता आपसे अतिरिक्त सोना गिरवी रखने के लिए कह सकता है।

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