ग्रेटर नोएडा की मोजर बेयर कंपनी दिवालिया घोषित, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे कर्मचारी

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने ग्रेटर नोएडा की मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया है। कंपनी पर 4356 करोड़ रुपये का कर्ज है। हालांकि इंटरिम प्रोफेशनल रिजोल्यूशन (आईआरपी) ने इसकी औसत कीमत 337.45 करोड़ रुपये तय की है।

एनसीएलटी के अध्यक्ष एमएम माथुर और सदस्य एके मोहापात्रा ने 20 सितंबर को यह फैसला दिया। उधर, कंपनी के कर्मचारियों ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।मोजर बेयर इंडिया लि. को 3 नवंबर, 2017 को बंद कर दिया गया था।

बिना नोटिस कंपनी बंद करने पर कर्मचारियों ने विरोध किया तो 14 नवंबर को कंपनी ने दिवालिया घोषित होने के लिए एनसीएलटी में अपील की। एनसीएलटी ने 17 नवंबर को कंपनी प्रबंधन को भंग कर दिया और चार कंपनियों के लिए आईआरपी नियुक्त कर दिया।
इनमें नई दिल्ली के ओखला, ग्रेटर नोएडा के उद्योग विहार और नोएडा के सेक्टर-80 की दो यूनिट शामिल हैं। आईआरपी ने मार्च, 2018 में रिजोल्यूशन प्लान और एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट निकाले। किसी कंपनी ने रुचि नहीं ली तो मई में फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट निकाला गया। 
इसमें एक कंपनी ने आवेदन किया लेकिन बाद में वह भी पीछे हट गई। नौ माह पूरे होने के बाद आईआरपी ने अपनी रिपोर्ट एनसीएलटी में जमा की। इस पर सुनवाई के बाद कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया है। 
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