भारत अफगानिस्तान को हराकर फाइनल में पक्की जगह को और मजबूत करेगा  

टीम इंडिया और अफगानिस्तान के बीच एशिया कप 2018 का सुपर-4 मुकाबला आज शाम 5 बजे से दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा.

अभी तक लगातार 4 मैच में जीत हासिल करने वाली भारतीय टीम के सामने अफगानिस्तान जैसी उलटफेर करने में माहिर टीम होगी. रोहित ब्रिगेड का लक्ष्य अफगानिस्तान को भी मात देकर मौजूदा टूर्नामेंट में जीत का पंच लगाने का होगा.

फॉर्म में है टीम इंडिया 

भारत ने सुपर-4 के अपने अभी तक के दोनों मैच जीतकर फाइनल में जगह पक्की कर ली है. इस मैच में हालांकि वो अफगानिस्तान को बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले सकता. क्योंकि भारत हर तरह से अपने विजयी क्रम को जारी रखने की कोशिश करेगा ताकि फाइनल में वह सकारात्मक मानसिकता के साथ जाए.

फॉर्म में है टीम इंडिया   भारत ने सुपर-4 के अपने अभी तक के दोनों मैच जीतकर फाइनल में जगह पक्की कर ली है. इस मैच में हालांकि वो अफगानिस्तान को बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले सकता. क्योंकि भारत हर तरह से अपने विजयी क्रम को जारी रखने की कोशिश करेगा ताकि फाइनल में वह सकारात्मक मानसिकता के साथ जाए.  वहीं, अफगानिस्तान के लिए यह मैच एक तरह से साख की लड़ाई है. वह इस मैच को जीतकर टूर्नामेंट का विजयी अंत करना चाहेगा. 26 सितंबर को पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें अबु धाबी में भिड़ेंगी.  अफगानिस्तान की टीम अंकतालिका में अपने दोनों मैच हार कर बिना किसी अंक के सबसे नीचे है. पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के दो-दो अंक हैं. ऐसे में अगर अफगानिस्तान जीत भी जाता है तो उसकी फाइनल में जाने की संभावना नहीं है.  क्योंकि उधर पाकिस्तान और बांग्लादेश में जो टीम जीतेगी वो फाइनल में होगी और अगर मैच रद्द भी हो जाता है तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा और फिर नेट रन रेट के आधार पर जो टीम आगे होगी वो फाइनल खेलेगी. इस पिक्चर में अफगानिस्तान मैच जीतने के बाद भी फाइनल की रेस में नहीं है.  भारत के लिए अभी तक उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों अच्छी चल रही हैं, लेकिन इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों को सावधान रहना होगा क्योंकि अफगानिस्तान के पास इस समय का सबसे अच्छा स्पिन गेंदबाजी आक्रमण मौजूद है.  उसके पास मुजीब उर रहमान, राशिद खान और मोहम्मद नबी की तिगड़ी है जो किसी भी बल्लेबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकती है. यह तीनों मिलकर न सिर्फ विकेट निकालते हैं बल्कि रनों पर भी अंकुश लगाते हैं. इसी तिगड़ी के दम पर अफगानिस्तान ने श्रीलंका और बांग्लादेश को मात दी थी.  पिछले दो मैचों में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ इन तीनों ने अपनी टीम को मैच जिता ही दिया था. हालांकि अंत में अनुभव की कमी के कारण अफगानिस्तान दोनों मैच हार गई. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को इन तीनों के खिलाफ सावधान रहना होगा और विशेष रणनीति के साथ उतरना होगा.  भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके कप्तान रोहित शर्मा और उपकप्तान शिखर धवन दोनों का बल्ला जमकर बोल रहा है. दोनों ने पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ शतक जमाए हैं. यह दोनों लगातार अच्छी पारियां खेल रहे है. इन दोनों के अलावा हालांकि किसी और बल्लेबाज को क्रीज पर समय बिताने का ज्यादा मौका नहीं मिला है.  अंबति रायडू जरूर तीसरे नंबर पर आकर अच्छा योगदान दे रहे हैं. वहीं चौथे नंबर के साथ रोहित लगातार प्रयोग कर रहे हैं. इस नंबर पर रोहित ने दिनेश कार्तिक और महेंद्र सिंह धोनी को भी उतारा है.  बाकी बल्लेबाजों का ज्यादा बल्लेबाजी न करना अफगानिस्तान के खिलाफ एक भारत का एक नकारात्मक पहलू हो सकता है. अगर रोहित और धवन जल्दी आउट हो जाते हैं, तो पूरा दारोमदार मध्यक्रम और निचले क्रम पर आ जाएगा. हालांकि रायडू, धोनी, कार्तिक और केदार जाधव सभी टीम को संकट से उबारने का माद्दा रखते हैं.  अफगानिस्तान के लिए राह आसान नहीं  वहीं भारतीय गेंदबाजों की बात की जाए तो उसके लिए अफगानिस्तान के कुछ ही बल्लेबाज चिंता का सबब बन सकते हैं. हसमतुल्लाह शाहिदी, कप्तान असगर अफगान, इहसानउल्लाह और मोहम्मद शाहजाद अफगानिस्तान के मुख्य बल्लेबाज हैं. इन चारों को अगर भारतीय गेंदबाज जल्दी आउट कर लेते हैं, तो अफगानिस्तान को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सकता है.  बीते कुछ मैचों में राशिद खान ने बल्ले से भी अच्छी पारियां खेलीं हैं और वह भी भारतीय गेंदबाजों की नाक में दम कर सकते हैं. भारत के लिए पास हालांकि भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज हैं जो टीम को अधिकतर मौकों पर शुरुआती सफलता दिलाते आए हैं. वहीं मध्य के ओवरों में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की तिगड़ी अफगानिस्तान को एक अच्छा स्कोर बनाने से रोक सकती है.  भारत को एक बात ध्यान रखनी होगी कि अगर अफगानिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे 250 तक नहीं पहुंचने दे क्योंकि अफगानिस्तान ने कई मौकों पर इस लक्ष्य का मजबूती से बचाव किया है. बेशक भारतीय टीम प्रबंधन ने इस बात पर ध्यान दिया होगा और यह सलाह दी होगी कि अफगानिस्तान को 200 के तकरीबन रोका जाए.  दोनों टीमें-  भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन (उपकप्तान), लोकेश राहुल, अंबति रायडू, मनीष पांडे, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक, दीपक चहर, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, सिद्धार्थ कौल और खलील अहमद.  अफगानिस्तान: असगर अफगान (कप्तान), मोहम्मद शहजाद (विकेटकीपर), रहमत शाह, इंसानउल्लाह जनत, हशतमुल्लाह शाहिदी, मोहम्मद नबी, गुलबादिन नाइब, राशिद खान, आफताब आलम, मुजीब उर रहमान, जावेद अहमदी, मुनीर अहमद, नजीबुल्लाह जादरान, सायेद शिरजाद, वफादार और शमिउल्लाह शेनवारी

वहीं, अफगानिस्तान के लिए यह मैच एक तरह से साख की लड़ाई है. वह इस मैच को जीतकर टूर्नामेंट का विजयी अंत करना चाहेगा. 26 सितंबर को पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें अबु धाबी में भिड़ेंगी.

अफगानिस्तान की टीम अंकतालिका में अपने दोनों मैच हार कर बिना किसी अंक के सबसे नीचे है. पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के दो-दो अंक हैं. ऐसे में अगर अफगानिस्तान जीत भी जाता है तो उसकी फाइनल में जाने की संभावना नहीं है.

क्योंकि उधर पाकिस्तान और बांग्लादेश में जो टीम जीतेगी वो फाइनल में होगी और अगर मैच रद्द भी हो जाता है तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा और फिर नेट रन रेट के आधार पर जो टीम आगे होगी वो फाइनल खेलेगी. इस पिक्चर में अफगानिस्तान मैच जीतने के बाद भी फाइनल की रेस में नहीं है.

भारत के लिए अभी तक उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों अच्छी चल रही हैं, लेकिन इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों को सावधान रहना होगा क्योंकि अफगानिस्तान के पास इस समय का सबसे अच्छा स्पिन गेंदबाजी आक्रमण मौजूद है.

उसके पास मुजीब उर रहमान, राशिद खान और मोहम्मद नबी की तिगड़ी है जो किसी भी बल्लेबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकती है. यह तीनों मिलकर न सिर्फ विकेट निकालते हैं बल्कि रनों पर भी अंकुश लगाते हैं. इसी तिगड़ी के दम पर अफगानिस्तान ने श्रीलंका और बांग्लादेश को मात दी थी.

पिछले दो मैचों में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ इन तीनों ने अपनी टीम को मैच जिता ही दिया था. हालांकि अंत में अनुभव की कमी के कारण अफगानिस्तान दोनों मैच हार गई. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को इन तीनों के खिलाफ सावधान रहना होगा और विशेष रणनीति के साथ उतरना होगा.

भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके कप्तान रोहित शर्मा और उपकप्तान शिखर धवन दोनों का बल्ला जमकर बोल रहा है. दोनों ने पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ शतक जमाए हैं. यह दोनों लगातार अच्छी पारियां खेल रहे है. इन दोनों के अलावा हालांकि किसी और बल्लेबाज को क्रीज पर समय बिताने का ज्यादा मौका नहीं मिला है.

अंबति रायडू जरूर तीसरे नंबर पर आकर अच्छा योगदान दे रहे हैं. वहीं चौथे नंबर के साथ रोहित लगातार प्रयोग कर रहे हैं. इस नंबर पर रोहित ने दिनेश कार्तिक और महेंद्र सिंह धोनी को भी उतारा है.

बाकी बल्लेबाजों का ज्यादा बल्लेबाजी न करना अफगानिस्तान के खिलाफ एक भारत का एक नकारात्मक पहलू हो सकता है. अगर रोहित और धवन जल्दी आउट हो जाते हैं, तो पूरा दारोमदार मध्यक्रम और निचले क्रम पर आ जाएगा. हालांकि रायडू, धोनी, कार्तिक और केदार जाधव सभी टीम को संकट से उबारने का माद्दा रखते हैं.

अफगानिस्तान के लिए राह आसान नहीं

वहीं भारतीय गेंदबाजों की बात की जाए तो उसके लिए अफगानिस्तान के कुछ ही बल्लेबाज चिंता का सबब बन सकते हैं. हसमतुल्लाह शाहिदी, कप्तान असगर अफगान, इहसानउल्लाह और मोहम्मद शाहजाद अफगानिस्तान के मुख्य बल्लेबाज हैं. इन चारों को अगर भारतीय गेंदबाज जल्दी आउट कर लेते हैं, तो अफगानिस्तान को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सकता है.

बीते कुछ मैचों में राशिद खान ने बल्ले से भी अच्छी पारियां खेलीं हैं और वह भी भारतीय गेंदबाजों की नाक में दम कर सकते हैं. भारत के लिए पास हालांकि भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज हैं जो टीम को अधिकतर मौकों पर शुरुआती सफलता दिलाते आए हैं. वहीं मध्य के ओवरों में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की तिगड़ी अफगानिस्तान को एक अच्छा स्कोर बनाने से रोक सकती है.

भारत को एक बात ध्यान रखनी होगी कि अगर अफगानिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे 250 तक नहीं पहुंचने दे क्योंकि अफगानिस्तान ने कई मौकों पर इस लक्ष्य का मजबूती से बचाव किया है. बेशक भारतीय टीम प्रबंधन ने इस बात पर ध्यान दिया होगा और यह सलाह दी होगी कि अफगानिस्तान को 200 के तकरीबन रोका जाए.

दोनों टीमें-

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन (उपकप्तान), लोकेश राहुल, अंबति रायडू, मनीष पांडे, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक, दीपक चहर, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, सिद्धार्थ कौल और खलील अहमद.

अफगानिस्तान: असगर अफगान (कप्तान), मोहम्मद शहजाद (विकेटकीपर), रहमत शाह, इंसानउल्लाह जनत, हशतमुल्लाह शाहिदी, मोहम्मद नबी, गुलबादिन नाइब, राशिद खान, आफताब आलम, मुजीब उर रहमान, जावेद अहमदी, मुनीर अहमद, नजीबुल्लाह जादरान, सायेद शिरजाद, वफादार और शमिउल्लाह शेनवारी

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