कर्नाटक चुनाव के बाद भी येदियुरप्पा की उड़ी नींद, जानिए ये बड़ा कारण

कर्नाटक की राजनीति एक के बाद एक दिलचस्प मोड़ ले रही है. चुनाव प्रचार, वोटिंग, वोटों की गिनती और अब सरकार बनाने की कवायद के बीच हमनें देखा कि कांग्रेस, बीजेपी और जेडी-एस तीनों ही पार्टियों के नेता गृहदशा, नक्षत्र और दिन-तारीख को लेकर उलझे रहे. ऐसे में यह देखना रोचक होगा कि इस बार शनि बीजेपी पर भारी होगा या कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन पर.

कर्नाटक में शनिवार शाम चार बजे सीएम येदियुरप्पा का शक्ति परीक्षण होना है. शुक्रवार पूरी रात बीजेपी में बहुमत जुटाने की कवायद जारी रही. येदियुरप्पा रात भर प्रकाश जावडेकर, जेपी नड्डा, श्रीरामुलु और अनंत कुमार के साथ मीटिंग करते रहे. वह सुबह 6 बजे घर वापस लौटे.

सुबह 9 बजे से राहु काल शुरू हो गया है जिसके चलते येदियुरप्पा 9 बजे से पहले घर से निकल चुके हैं. घर से निकलकर येदियुरप्पा होटल शांगरी-ला पहुंचे हैं. यहां से वह सुबह 10:30 बजे बीजेपी विधायकों के साथ विधानसभा जाएंगे. बताया जा रहा है कि राहु काल की वजह से येदियुरप्पा पूरी रात चिंतित रहे. सीएम बीएस येदियुरप्पा ज्योतिष विद्या में खासा यकीन करते हैं. साल 2008 से 2011 के दौरान जब वह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब ‘काले जादू’ से निपटने के लिए उन्होंने विशेष पूजा करवाई थी. इसे लेकर वह लंबे समय तक सुर्खियों में थे.

कर्नाटक में शनिवार का दिन नहीं माना जाता शुभ

इस बार कर्नाटक की राजनीति में शनिवार का दिन बेहद अहम रहा है. शनिवार 12 मई को कर्नाटक में वोटिंग हुई थी और अब शनिवार 19 मई को ही यहां फ्लोर टेस्ट हो रहा है. यहां शनिवार का दिन शुभ नहीं माना जाता है. इसी वजह से मतदान वाले दिन बीजेपी विधायक श्रीरामुलु ने मतदान से पहले गौपूजा की थी, वहीं जेडीएस के प्रदेश प्रमुख एचडी कुमारस्वामी भी पंडितों से मिले थे. यहां मंगलवार 15 मई को वोटों की गिनती हुई थी. मंगलवार के दिन भी कर्नाटक के लोग शुभकाम करने से बचते हैं. इस दिन मतगणना शुरू होने से पहले कुमारस्वामी और श्रीरामुलु ने अपने-अपने घरों में हवन-पूजन करवाया था.
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