यतीश ने बनाया लगातार 113 घंटे 23 मिनट पढ़ने का विश्‍व रिकॉर्ड

नेपाल के काठमांडू व नाईजीरिया के रिकार्ड को तोड़कर नया रिकार्ड बनाने की दिशा में गोला गोकर्णनाथ के यतीश ने पढ़ने के विश्व रिकॉर्ड का लक्ष्य पूरा कर लिया। उन्‍होंने 113 घंटे 23 मिनट पढ़कर पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वहां आए हुए जज व क्षेत्रीय विधायक मोहम्मदी ने योगेंद्र प्रताप सिंह को विश्व विजेता का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस तरह यतीश शुक्ला विश्व के सर्वाधिक पढ़ने के रिकार्डधारक बने।उनका क्रम अभी जारी। यतीश ने अभी तक करीब 122 घंटे पढ़ा लेकिन जजों ने उनके नौ घंटे लिए गए ब्रक को खारिज कर दिया।यतीश ने बनाया लगातार 113 घंटे 23 मिनट पढ़ने का विश्‍व रिकॉर्ड

 उन्होंने काफी कम ब्रेक लेकर समय की अच्छी खासी बचत की है। यतीश के पास काफी वक्त सुरक्षित है। रात दिन संघर्ष कर निरंतर 130 घंटे तक पढ़कर नया कीर्तिमान बनाने के लिए शहर क्षेत्र के यतीश ने चुनौती को पूरा करने के लिए छोटी काशी गोला में महाआयोजन की शुरुआत मंगलवार दोपहर की थी। इस रिकॉर्ड बनाने के दौरान यतीश को हर घंटे पांच मिनट का ब्रेक नियमानुसार मिल सकता था, लेकिन उन्होंने न्यूनतम ब्रेक लेकर घंटों का समय बचा कर रखा है। यतीश ने विभिन्न रचनाएं पूरी करने के बाद गुरुवार शाम से शिव पुराण पढ़ना शुरू कर दिया था।

कब बना पढऩे का विश्व रिकार्ड 
गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड के दस्तावेजों में अब तक का ये रिकॉर्ड नेपाल काठमांडू के दीपक शर्मा के नाम है, जिन्होंने 113 घंटे 15 मिनट तक बिना रुके पढऩे का कीर्तिमान स्थापित किया है। सन 2008 में दीपक शर्मा के इस रिकॉर्ड को 2018 की शुरुआत में नाइजीरिया के ओला बुनी बाईडे ने जुलाई 2018 में 122 घंटे लगातार पढ़कर ध्वस्त कर दिया है। अब यतीश शुक्ला उनके 122 घंटे के रिकॉर्ड को तोड़कर लगातार 130 घंटे पढ़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की ओर बढ़ रहे हैं।

सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बढ़ाया मनोबल
उधर,  रिकार्ड बनाने में लगे यतीश चंद्र शुक्ला के समर्थन में लखनऊ पब्लिक स्कूल के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने मनोबल बढ़ाया। बच्चों ने विद्यालय प्रांगण में उतर हस्ताक्षर अभियान चलाया। यतीश चंद्र विशाल बैनर पर छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों के साथ हस्ताक्षर किए।  प्रधानाचार्य अरविंद वर्मा एवं विजय सचदेवा ने भी छात्रों एवं शिक्षकों के साथ ईश्वर से प्रार्थना की।

एक नई मिसाल बनाने की जिद
बता दें कि यतीश शुक्ला ने पूर्व में गोरखपुर में एक बैक की नौकरी से इस्तीफा देने के साथ निरंतर पढाई करने का संकल्प करते हुए लगातार 148 घंटे 14 मिनट 13 सेंकेड तक पढ़ाते हुए अपने ही देश के अरविंद मिश्रा निवासी गोरखपुर का 139 घंटा 42 मिनट 56 सेकेंड के रिकार्ड को तोड़ कर गिनीज वल्र्ड बुक आफ रिकार्डस में अपना नाम दर्ज कराया था। इसके बाद सूबे में भाजपा सरकार की परीक्षाओं में नकल को लेकर सख्ती के चलते चार लाख बच्चों द्वारा परीक्षा छोडऩे की खबर से एक नई मिसाल बनाने की ठान ली कि आखिर पढऩे से क्या डरना और इसी सोच के चलते उन्होंने एक बार फिर पढऩे का रिकार्ड बनाने का मंसूबा संजोया और पढऩे का नया रिकार्ड बनाने की ठान ली। उनका यह संकल्प उन छात्र छात्राओं के उत्साह का विषय बनेगा कि पढऩे में किसी तरह की कोताही न करे। इस संकल्प को आयाम देने के लिए अब उन्हे दो रिकार्ड तोडऩे की चुनौती है।

टूटकर बनेगा नया रिकार्ड
गिनीज वर्ल्ड बुक आफ रिकार्ड में प्रति वर्ष अक्टूबर को वेवसाइट में अपडेट दर्ज होता है। जिसमें नेपाल के काठमांडू निवासी दीपक शर्मा ने 2008 में 113 घंटे 15 मिनट का रिकार्ड दर्ज है। इसी कडी में नाईजीरिया के ओलाबुनी बाईडे ने जुलाई 2018 में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 122 घंटे का रिकार्ड बनाया। लेकिन संस्था की वेवसाईट पर अभी उनका यह रिकार्ड दर्ज नहीं हो सका। इसी बीच 25 से 30 सितंबर तक नया रिकार्ड बनाने का वीणा उठाते हुए गोला के यतीश शर्मा ने मंगलवार को नए रिकार्ड के साथ पुराने दो रिकार्ड तोडऩे के लिए कम से कम 130 घंटे और अधिक से अधिक 150 घंटे का लक्ष्य रखते हुए सुबह आठ बजे से आयोजन आरंभ कर दिया। महाआयोजन के दौरान श्रीमदभगवतगीता, श्रीरामचरितमानस, विष्णु पुराण, शिव पुराण, भगवतगीता, भगवतपुराण, बाईबिल हिंदी सहित शहर के प्रमुख साहित्यकारों की कृतियों को पढ़ रहे है।

आस्ट्रेलिया से आनलाइन हो रही निगरानी
यहां चल रहे इस महाआयोजन विश्व रिकार्ड का कीर्तिमान स्थापित करने के लिए गिनीज वल्र्ड बुक आफ रिकार्डस के अधिकारी आस्ट्रेलिया से इस आयोजन को आनलाइन वॉच कर रहे है। वहीं गोल्डन बुक आफ रिकार्ड की नजरे भी आयोजन पर है। आयोजन की निगरानी कर रहे जज टाईमलाईन फार्म के प्रति घंटे का रिकार्ड दर्ज कर वेवसाइट पर आनलाइन अपडेटिंग कर रहे है।

आर्कषक तरीके से सजाया कक्ष
कालेज के हो रहे आयोजन स्थल गोर्वधन हाल को आर्कषक कलाकृतियों, महापुरुषों के स्वरुपों से सजाया गया। इसी के साथ मंच से कुछ दूरी पर हाई तकनीक के कैमरों, हार्ड डिस्कों, सीसीटीवी कैमरों व जजों की मौजूदगी में इंवेट को पारर्दिशता पूर्ण सहेजने के लिए प्रशिक्षित कैमरामैन व तकनीकी विशेषज्ञों ने आयोजन शुरु होते ही अपनी अपनी चुनौतियों पर मुस्तैदी से डट गए।

यह रहे मौजूद
एसडीएम अखिलेश यादव, पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, राज्यसभा सांसद रविप्रकाश वर्मा, कालेज के प्रधानाचार्य डा लखपतराम वर्मा, नारायनलाल वर्मा, डा. अनिल, कोर कमेटी के सदस्य पलविंदर सिंह, सौरभ दीक्षित, शिप्रा खरे, सुयश त्रिवेदी, रियाल हक, ललित विश्वास, अमनजीत, सुमित सेठी, शिखा सैनी केशव अग्रवाल, नरविंदर सिंह, वैशाली गुप्ता, प्राचार्य डा. निर्मल सिंह, डा. अंजु भोगल, श्रवण कुमार शर्मा, अरविंद गुप्ता रामजी, अनीता वर्मा, राजेश आनंद, अनिल जलोटा, कपिलश संस्था की संरक्षिका लक्ष्मी खरे सहित शहर के गणमान्य लोग व छात्र छात्राएं वालियंटर मौजूद रहे।

दलगत राजनीति से उठकर एकजुट
यह पहला मौका है कि देश के नाम होने वाले इस रिकार्ड को लेकर शहर के विभिन्न राजनैतिक दलों, व्यापार मंडलो सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं व नगर के युवा इस महाआयोजन को लेकर एकजुट है। देश के नाम होने वाले कीर्तिमान को लेकर शहर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता का बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इस आयोजन में सपा के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद रविप्रकाश वर्मा ने इस आयोजन के लिए अपना कालेज प्रदान किया। तो वहीं पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, समाजसेवी वरुण अग्रवाल ने यतीश को भरपूर समर्थन किया है। इधर भारतीय जनता पार्टी के युवा व शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के युवा प्रतिदिन शाम को अभियान का एक कदम पूरा होने पर शहर के प्रमुख मार्गों पर बाइक रैली निकालकर यतीश का उत्साहवर्धन करेंगे।  

जिम्मेदार की सुनिए
विश्व स्तर के इस महाआयोजन को लेकर तहसील प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि यतीश के मेडिकल चैकप के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है। उनकी टीम समय समय पर यतीश का मेडिकल परीक्षण करती रहेगी। किसी प्रकार की समस्या होने पर उन्हें तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि आयोजन स्थल पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के इंडिया हेड राजेश वैद्य और गोल्डन बुक के इंडिया हेड आलोक मिश्र भी  हैं। इन दोनों मेहमान जजों के अलावा गोला के इंटर व डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य व संभ्रांत नागरिकों को इस महाआयोजन का निर्णायक बनाया गया है। 24 घंटा उन्हीं की निगरानी में यतीश लगातार विश्व रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं।

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