भारत के आठवें नंबर की वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत से कुछ हासिल नहीं होगा कैरेबियाई टीम अपना प्रभाव छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

 भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच 4 अक्टूबर से राजकोट में खेला जाएगा। भारत को पिछले नौ महीनों में दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में हार का सामना करना पड़ा लेकिन तब भी टेस्ट मैचों में दुनिया की नंबर एक टीम बना हुआ है। अब भारतीय टीम इंग्लैंड में मिली हार को पीछे छोड़ इस सीरीज़ पर फोकर कर रही है।भारत के आठवें नंबर की वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत से कुछ हासिल नहीं होगा कैरेबियाई टीम अपना प्रभाव छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।वेस्टइंडीज़ ने 2002 में जीती थी भारत से सीरीज़

भारत को आठवें नंबर की वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत से बहुत कुछ हासिल नहीं होगा लेकिन कैरेबियाई टीम अपना प्रभाव छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उसे भारत के खिलाफ 2002 के बाद अपनी पहली जीत का इंतजार है जबकि भारतीय सरजमीं पर उसने 1994 के बाद कोई मैच नहीं जीता है।

पृथ्वी शॉ को मिल सकता है मौका

यह तय है कि भारत इस मैच में नयी सलामी जोड़ी के साथ मैदान पर उतरेगा। ये देखना दिलचस्प होगी की लोकेश राहुल के साथ कौन भारतीय पारी की शुरुआत करेगा पृथ्वी शॉ या फिर मयंक अग्रवाल। वैसे जहां तक उम्मीद है टीम मैनेजमेंट पृथ्वी शॉ पर भरोसा जता सकती है। मध्यक्रम की जिम्मेदारी चेतेश्वर पुजारा, कप्तान विराट कोहली और उप कप्तान अंजिक्य रहाणे के ऊपर होगी। 

इनके हाथ में होगी भारतीय गेंदबाज़ी

गेंदबाजी विभाग की बात करें तो भारत का तीन स्पिनरों – आर अश्विन, रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव के साथ खेलना तय है। जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार को विश्राम देने तथा इशांत शर्मा के चोटिल होने के बाद उमेश यादव और मोहम्मद शमी तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। चोटिल हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति में जडेजा आलराउंडर की भूमिका निभाएंगे। एशिया कप में वनडे में शानदार वापसी करने वाले जडेजा अपने घरेलू मैदान पर चमक बिखेरने के लिये तैयार होंगे।

पंत पर भी होंगी सभी की निगाहें

एक अन्य खिलाड़ी रिषभ पंत पर भी निगाह टिकी रहेगी जिन्होंने ओवल में 114 रन की पारी खेलकर टीम में अपनी जगह सुरक्षित रखी है। ओवल में अपने पदार्पण पर 56 रन बनाने वाले हनुमा विहारी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिल पाएगी क्योंकि टीम पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को उतारना चाहती है।

खुद को साबित करने आए वेस्टइंडीज़

भारत की यह सबसे दमदार टीम नहीं है लेकिन तब भी वह अनुभवहीन वेस्टइंडीज पर दबदबा बनाने में सक्षम है। कैरेबियाई टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है लेकिन उन्हें भारत में खेलने का खास अनुभव नहीं है। उसकी 15 सदस्यीय टीम में से केवल पांच खिलाड़ियों को ही भारत में टेस्ट खेलने का अनुभव है और इनमें तेज गेंदबाज केमार रोच भी शामिल हैं जो बारबाडोस में अपनी नानी के निधन के कारण पहले मैच में नहीं खेल पाएंगे।

जिन अन्य खिलाड़ियों को भारत में टेस्ट खेलने का अनुभव है उनमें देवेंद्र बिशू, क्रेग ब्रेथवेट, कीरन पावेल और शेनोन गैब्रियल शामिल हैं। वेस्टइंडीज नवंबर 2013 में सचिन तेंदुलकर की विदाई श्रृंखला में खेलने के बाद पहली बार भारत में टेस्ट खेल रहा है।

कोच स्टुअर्ट लॉ की देखरेख में टीम ने कुछ अच्छे परिणाम दिए हैं। उसने पिछले साल इंग्लैंड को लीड्स में हराया जिसमें शाई होप ने 147 और नाबाद 118 रन की पारियां खेली थी। वेस्टइंडीज स्वदेश में श्रीलंका के खिलाफ 1-1 से ड्रा खेलने और बांग्लादेश पर 2-0 की जीत दर्ज करने के बाद भारत दौरे पर आ रहा है। लॉ को अपनी टीम से काफी उम्मीद हैं। उनकी टीम ने वड़ोदरा में दो दिवसीय अभ्यास मैच खेलने से पहले दुबई में अभ्यास किया था।

लॉ ने कहा, ‘‘भारत का दौरा करना दूसरी टीमों के लिए हमेशा मुश्किल होता है। हमें दुनिया को दिखाना होगा हम भी अच्छा खेल सकते हैं और मौके का फायदा उठा सकते हैं।’’

टीमें इस प्रकार हैं :

भारत (अंतिम 12) 

विराट कोहली (कप्तान), केएल राहुल, पृथ्वी साव, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, शार्दुल ठाकुर।

वेस्टइंडीज

जेसन होल्डर (कप्तान), सुनील अंबरीश, देवेंद्र बिशू, क्रेग ब्रैथवेट, रोस्टन चेज, शेन डोविच, शैनन गैब्रियल, जहमार हैमिल्टन, शिमरान हेटमायर, शाई होप, शेरमेन लुईस, केमो पॉल, कीरन पॉवेल, केमार रोच, जोमेल वार्रिकैन में से।

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