निवेश सुगमता के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा यूपी, सुधारों ने बदला कारोबारी परिदृश्य

लखनऊ, 30 नवंबर। उत्तर प्रदेश को ‘उद्यम प्रदेश’ के रूप में परिवर्तित कर ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करने में जुटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। प्रशासनिक प्रणाली को अधिक दक्ष, तकनीक आधारित व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक सुधारों को लागू किया है, जिनका सीधा लाभ निवेशकों व उद्यमियों को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू 4,675 प्रशासनिक सुधार, 2,500 व्यवसाय केंद्रित बदलाव तथा निवेश मित्र के माध्यम से सेवाओं का डिजिटलीकरण उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल और बाधारहित बनाने में सहायक सिद्ध हुए हैं।
इसके साथ ही इंटेंट फाइलिंग, लेटर ऑफ अप्रूवल और अन्य अधिकतर नियामक प्रक्रियाएं अब डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो गई हैं। इससे निवेशकों को किसी भी भौतिक परेशानी या दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह सुधारमूलक दृष्टि प्रदेश को देश के सबसे निवेशक अनुकूल राज्यों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। डिजिटल नवाचार, पारदर्शी निर्धारण प्रक्रिया तथा प्रदर्शन आधारित प्रशासनिक संस्कृति ने प्रदेश को उद्योगों के लिए नई ऊर्जा व मजबूत आधार प्रदान किया है।

व्यापक प्रशासनिक सुधारों से प्रक्रियाएं हुईं सरल और पारदर्शी
निवेशकों को अनावश्यक सरकारी बाधाओं का सामना न करना पड़े, इस उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में व्यापक स्तर पर सुधार किए। कुल 4,675 सुधारों के माध्यम से मंजूरी, पंजीकरण और अनुपालन से जुड़ी जटिलताओं में प्रभावी कमी आई है। 2,500 व्यवसाय केंद्रित सुधारों ने उद्योग स्थापना को सहज और समय तथा लागत की दृष्टि से अधिक व्यवहारिक बनाया है। राज्य सरकार ने उपयोगकर्ता केंद्रित और भाषा सुगमता आधारित प्रणालियों को भी बढ़ावा दिया है, जिससे प्रक्रियाओं को समझना और पूरा करना निवेशकों के लिए और अधिक सुलभ हुआ है।

यूपीसीडा में केपीआई आधारित कार्य संस्कृति लागू, निवेशकों के भरोसे में वृद्धि
योगी सरकार की कार्यप्रणाली में जवाबदेही व प्रदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में की पॉइंट इंडिकेटर्स (केपीआई) आधारित पदोन्नति और मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है। इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आवेदन प्रोसेसिंग की गति भी इसके परिणामस्वरूप बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में जहां 625 आवेदन प्रोसेस हुए थे, वहीं 2025-26 में आवेदन प्रोसेसिंग की संख्या बढ़कर 3,059 हो गई है। यह 389 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है। निवेशकों की संतुष्टि दर भी 96.32 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि यूपीसीडा की सेवाएं समयबद्ध और निवेशक अनुकूल हैं। यह परिवर्तन बताता है कि योगी सरकार की निवेशक केंद्रित नीतियां प्रशासनिक ढांचे में प्रभावशाली बदलाव ला रही हैं।

निवेश मित्र के जरिए सरल व पारदर्शी हुई प्रक्रिया
निवेशकों की सुविधा के लिए विकसित निवेश मित्र ने प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सरल और पारदर्शी बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रदेश में निवेश मित्र 2.0 क्रियान्वित है और जल्द ही निवेश मित्र 3.0 को लागू किए जाने की दिशा में कार्य जारी है। उल्लेखनीय है कि निवेश मित्र पोर्टल कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डैशबोर्ड पर कार्य करता है, जो रीयल टाइम डाटा विश्लेषण, विभिन्न रुझानों और निर्णयात्मक जानकारी को उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल में शिकायत निवारण की मजबूत प्रणाली है, जो व्हाट्सऐप, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से निवेशकों को निरंतर अपडेट भेजती है। कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म उपयोगकर्ता केंद्रित, गतिशील और भाषा अनुकूल है, जबकि केवाईए यानी नो योर अप्रूवल्स सुविधा निवेशकों को आवश्यक अनुमोदनों की संपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। निवेश मित्र 3.0 के माध्यम से निवेशकों को जीआईएस आधारित लैंड बैंक तथा औद्योगिक भूखंडों की लाइव मैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे भौतिक जांच की आवश्यकता समाप्त होगी तथा नोडल एजेंसियों के साथ पारदर्शी समन्वय सुनिश्चित होगा। वर्तमान में, निवेश मित्र के जरिए 43 से अधिक विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं जिससे लाइसेंसिंग, अनुमोदन, प्रमाणन और अन्य सभी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो रही हैं।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com