लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी को याद आ रही देशभक्ति: आजम खां

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कश्मीर में पीडीपी – भाजपा गठबंधन टूटने को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है. आजम खां के मुताबिक़ भाजपाइयों ने तीन वर्ष तक कश्मीर में खूब मौज मनाई और अब, जबकि लोकसभा चुनाव में कुल 6 महीने ही बाकी रह गए हैं, तो लोगों को ठगने के लिए उन्हें देशभक्ति की याद आ गई.समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कश्मीर में पीडीपी – भाजपा गठबंधन टूटने को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है. आजम खां के मुताबिक़ भाजपाइयों ने तीन वर्ष तक कश्मीर में खूब मौज मनाई और अब, जबकि लोकसभा चुनाव में कुल 6 महीने ही बाकी रह गए हैं, तो लोगों को ठगने के लिए उन्हें देशभक्ति की याद आ गई.  बीजेपी के जम्मू-कश्मीर में गठबंधन से हटने को अवसरवादिता करार देते हुए आजम ने पूछा कि, आतंकवादी जब जवानों के सिर काटकर ले गए, तब भाजपा ने समर्थन वापस क्यों नहीं लिया ? गौरतलब है कि मंगलवार को भाजपा ने जम्मू-कश्मीर सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार गिर गई थी. इसी के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा भी दे दिया. जिसके चलते जम्मू-कश्मीर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. आजम ने कहा कि भाजपा को अगले लोकसभा चुनाव तक पीडीपी के साथ रहना चाहिए था. समर्थन वापसी का यह समय ठीक नहीं था. भाजपाइयों ने पहले तीन वर्ष तक कश्मीर में खूब मौज मनाई और अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले लोगों को ठगने के लिए बीजेपी को देशभक्ति की याद आ गई.  कश्मीर में सेना द्वारा पत्थरबाजों से निपटने के लिए पत्थरबाजों के ही साथियों को ढाल बनाए जाने के सवाल पर आजम ने कहा कि, केंद्र और राज्य में सरकार भाजपा की थी तो ये शिकायत किससे कर रहे हैं. वहीं, आजम ने आर्मी चीफ के शहीद के घर जाने को अन्य शहीदों का अपमान बताते हुए कहा कि, शहीद औरंगजेब के घर आर्मी चीफ का दौरा खुद सवालिया घेरे में है उन्होंने कहा कि, बॉर्डर पर रोज सैनिक शहीद होते हैं, लेकिन आर्मी चीफ तो क्या, सेना का कोई छोटा या बड़ा अफसर भी उनके घर नहीं जाता है, ये बाकी शहीदों का अपमान है. मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में भाजपा के पीडीपी से समर्थन वापसी के बाद अल्पमत में आई पीडीपी की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस्तीफा दे दिया था. फिलहाल घाटी में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है.

बीजेपी के जम्मू-कश्मीर में गठबंधन से हटने को अवसरवादिता करार देते हुए आजम ने पूछा कि, आतंकवादी जब जवानों के सिर काटकर ले गए, तब भाजपा ने समर्थन वापस क्यों नहीं लिया ? गौरतलब है कि मंगलवार को भाजपा ने जम्मू-कश्मीर सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार गिर गई थी. इसी के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा भी दे दिया. जिसके चलते जम्मू-कश्मीर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. आजम ने कहा कि भाजपा को अगले लोकसभा चुनाव तक पीडीपी के साथ रहना चाहिए था. समर्थन वापसी का यह समय ठीक नहीं था. भाजपाइयों ने पहले तीन वर्ष तक कश्मीर में खूब मौज मनाई और अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले लोगों को ठगने के लिए बीजेपी को देशभक्ति की याद आ गई.

कश्मीर में सेना द्वारा पत्थरबाजों से निपटने के लिए पत्थरबाजों के ही साथियों को ढाल बनाए जाने के सवाल पर आजम ने कहा कि, केंद्र और राज्य में सरकार भाजपा की थी तो ये शिकायत किससे कर रहे हैं. वहीं, आजम ने आर्मी चीफ के शहीद के घर जाने को अन्य शहीदों का अपमान बताते हुए कहा कि, शहीद औरंगजेब के घर आर्मी चीफ का दौरा खुद सवालिया घेरे में है उन्होंने कहा कि, बॉर्डर पर रोज सैनिक शहीद होते हैं, लेकिन आर्मी चीफ तो क्या, सेना का कोई छोटा या बड़ा अफसर भी उनके घर नहीं जाता है, ये बाकी शहीदों का अपमान है. मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में भाजपा के पीडीपी से समर्थन वापसी के बाद अल्पमत में आई पीडीपी की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस्तीफा दे दिया था. फिलहाल घाटी में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है.

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