पाकिस्तान में आज हैं आम चुनाव, वोटिंग जारी, रात से ही आएंगे नतीजे, सर्वे में सबसे आगे हैं इमरान खान

आतंकवादी हमलों, सैकड़ों गिरफ्तारियों और सेना के हस्तक्षेप के आरोपों के बीच पाकिस्तानी जनता नई सरकार और प्रांतीय विधानसभाओं को चुनने के लिए आज मतदान करेगी. मतदान आज पाकिस्तान के समय के मुताबिक सुबह आठ बजे से शाम छह  बजे तक होगा. शाम छह बजे के बाद पोलिंग बूथ में मौजूद कर्मचारियों को वहीं पर वोटों की गिनती में लगा दिया जाएगा. चुनाव नतीजे रात नौ बजे से ही आना शुरू हो सकते हैं, हालांकि आधी रात के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी.आतंकवादी हमलों, सैकड़ों गिरफ्तारियों और सेना के हस्तक्षेप के आरोपों के बीच पाकिस्तानी जनता नई सरकार और प्रांतीय विधानसभाओं को चुनने के लिए आज मतदान करेगी. मतदान आज पाकिस्तान के समय के मुताबिक सुबह आठ बजे से शाम छह  बजे तक होगा. शाम छह बजे के बाद पोलिंग बूथ में मौजूद कर्मचारियों को वहीं पर वोटों की गिनती में लगा दिया जाएगा. चुनाव नतीजे रात नौ बजे से ही आना शुरू हो सकते हैं, हालांकि आधी रात के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी.   पीएमएल-एन और तहरीक-ए-इंसाफ' के बीच मुकाबला   आम चुनाव में 272 सीटों के लिए लगभग 100 राजनीतिक दलों के 3,459 उम्मीदवार मैदान में हैं. इस समय भ्रष्टाचार के आरोपो में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के अपनी बेटी और दामाद के साथ जेल में बंद हैं. मुख्य मुकाबला शरीफ की हतोत्साहित पार्टी 'पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज' (पीएमएल-एन) और क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' के बीच है. इमरान के विरोधियों के अनुसार उनकी पार्टी को सेना और 'इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस' (आईएसआई) का समर्थन प्राप्त है.   आतंकी हाफिज सईद का बेटा और दामाद भी मैदान में    इनके अलावा आसिफ अली जरदारी और बिलावल भुट्टो की 'पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी' (पीपीपी) और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा हाफिज तल्हा और दामाद खालिद वलीद भी मैदान में हैं. यें दोनों उन 260 उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिन्होंने 2011 में पंजीकृत हुई 'अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक' के उम्मीदवार के रूप में नामांकन किए हैं.   पाकिस्तान आम चुनाव के बारे में जानें-   लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार का कार्यकाल 31 मई को पूरा हो गया, लेकिन तबतक पाकिस्तान में उथल-पुथल थी, जिसमें चुनाव में आगे माने जाने वाले इमरान खान ने नवाज शरीफ पर लगातार हमले शुरू कर दिए. नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में अदालत ने प्रधानमंत्री के पद से हटा दिया. अन्य छह सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि 10 फीसदी सीटें हिंदुओं सहित अन्य धार्मिक अल्पसंख्यों के लिए आरक्षित हैं. चुनाव के दिन लगभग 16 लाख कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे. लगभग पांच लाख पुलिसकर्मी तैनात होंगे, जिनमें 2,02,100 पंजाब और इस्लामाबाद में और 1,00,500 पुलिसकर्मी सिंध में तैनात होंगे.   निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, सिंध में 5,878, पंजाब और इस्लामाबाद में 5,487, खैबर पख्तूनख्वा में 3,874 और संघशासित जनजातीय संघ (एफएटीए) और बलूचिस्तान में 1,768 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है. अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का आधिकारिक अर्थ है कि वहां हिंसा होने की आशंका सर्वाधिक है.   चुनाव में ये होंगे अहम चेहरे- 1. इमरान खान   65 साल के इमरान खान पूर्व क्रिकेटर हैं. इमरान ने पिछले चुनाव के बाद भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छेड़ा था जिसकी वजह से नवाज को पीएम की कुर्सी गंवानी पड़ी. इमरान को सेना का समर्थन हासिल है. और उन्हें सेना के उम्मीदवार के तौर पर देखा जाता है. कट्टरपंथियों से करीबी और चरमपंथियों से बातचीत की मांग करने के रूप में इमरान जाने जाते हैं.   2. शाहबाज शरीफ   शाहबाज शरीफ, नवाज शरीफ के भाई हैं. नवाज के अयोग्य करार दिए जाने के बाद पीएमएल-एन की कमान संभालने वाले शाहबाज 10 साल से ज्यादा समय तक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना इनके सामने पूरी तरह से खिलाफ है.   3. बिलावल भुट्टो   बिलावल पीपीपी के अध्यक्ष के तौर पर राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी के प्रभाव को बढ़ाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. मां बेनजीर भुट्टो पीएम रहे तो पिता आसिफ अली जरदारी देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं. चुनाव में किसी पार्टी को अगर बहुमत नहीं मिलता है तो पीपीपी का अहम रोल हो सकता है.   4. हाफिज सईद   26/11 आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद अब अल्लाह-ओ-अकबर-तहरीक पार्टी के बैनर तले अपने उम्मीदवार खड़े कर रहा है. AAT अपने चुनाव प्रचार से जुड़े पोस्टर्स में हाफिज की तस्वीरों का इस्तेमाल कर रही है. पार्टी भारत विरोधी विचारधारा और आतंकवाद समर्थक के लिए जानी जाती है

पीएमएल-एन और तहरीक-ए-इंसाफ’ के बीच मुकाबला

आम चुनाव में 272 सीटों के लिए लगभग 100 राजनीतिक दलों के 3,459 उम्मीदवार मैदान में हैं. इस समय भ्रष्टाचार के आरोपो में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के अपनी बेटी और दामाद के साथ जेल में बंद हैं. मुख्य मुकाबला शरीफ की हतोत्साहित पार्टी ‘पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज’ (पीएमएल-एन) और क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ के बीच है. इमरान के विरोधियों के अनुसार उनकी पार्टी को सेना और ‘इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) का समर्थन प्राप्त है.

आतंकी हाफिज सईद का बेटा और दामाद भी मैदान में 

इनके अलावा आसिफ अली जरदारी और बिलावल भुट्टो की ‘पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी’ (पीपीपी) और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा हाफिज तल्हा और दामाद खालिद वलीद भी मैदान में हैं. यें दोनों उन 260 उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिन्होंने 2011 में पंजीकृत हुई ‘अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक’ के उम्मीदवार के रूप में नामांकन किए हैं.

पाकिस्तान आम चुनाव के बारे में जानें-

लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार का कार्यकाल 31 मई को पूरा हो गया, लेकिन तबतक पाकिस्तान में उथल-पुथल थी, जिसमें चुनाव में आगे माने जाने वाले इमरान खान ने नवाज शरीफ पर लगातार हमले शुरू कर दिए. नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में अदालत ने प्रधानमंत्री के पद से हटा दिया. अन्य छह सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि 10 फीसदी सीटें हिंदुओं सहित अन्य धार्मिक अल्पसंख्यों के लिए आरक्षित हैं. चुनाव के दिन लगभग 16 लाख कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे. लगभग पांच लाख पुलिसकर्मी तैनात होंगे, जिनमें 2,02,100 पंजाब और इस्लामाबाद में और 1,00,500 पुलिसकर्मी सिंध में तैनात होंगे.

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, सिंध में 5,878, पंजाब और इस्लामाबाद में 5,487, खैबर पख्तूनख्वा में 3,874 और संघशासित जनजातीय संघ (एफएटीए) और बलूचिस्तान में 1,768 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है. अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का आधिकारिक अर्थ है कि वहां हिंसा होने की आशंका सर्वाधिक है.

चुनाव में ये होंगे अहम चेहरे-

1. इमरान खान

65 साल के इमरान खान पूर्व क्रिकेटर हैं. इमरान ने पिछले चुनाव के बाद भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छेड़ा था जिसकी वजह से नवाज को पीएम की कुर्सी गंवानी पड़ी. इमरान को सेना का समर्थन हासिल है. और उन्हें सेना के उम्मीदवार के तौर पर देखा जाता है. कट्टरपंथियों से करीबी और चरमपंथियों से बातचीत की मांग करने के रूप में इमरान जाने जाते हैं.

2. शाहबाज शरीफ

शाहबाज शरीफ, नवाज शरीफ के भाई हैं. नवाज के अयोग्य करार दिए जाने के बाद पीएमएल-एन की कमान संभालने वाले शाहबाज 10 साल से ज्यादा समय तक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना इनके सामने पूरी तरह से खिलाफ है.

3. बिलावल भुट्टो

बिलावल पीपीपी के अध्यक्ष के तौर पर राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी के प्रभाव को बढ़ाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. मां बेनजीर भुट्टो पीएम रहे तो पिता आसिफ अली जरदारी देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं. चुनाव में किसी पार्टी को अगर बहुमत नहीं मिलता है तो पीपीपी का अहम रोल हो सकता है.

4. हाफिज सईद

26/11 आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद अब अल्लाह-ओ-अकबर-तहरीक पार्टी के बैनर तले अपने उम्मीदवार खड़े कर रहा है. AAT अपने चुनाव प्रचार से जुड़े पोस्टर्स में हाफिज की तस्वीरों का इस्तेमाल कर रही है. पार्टी भारत विरोधी विचारधारा और आतंकवाद समर्थक के लिए जानी जाती है

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