आम आदमी पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव किया

दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के आखिरी चरण में आम आदमी पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए बीजेपी को उसी के नेताओं के दिए गए बयानों से घेरने की तैयारी कर ली है. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली से बीजेपी के सांसद परवेश वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी कहा.

पार्टी ने दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के खिलाफ भी उस बयान को समर्थन देने के आरोप में शिकायत की है और अब उसी कथित बयान को लेकर आम आदमी पार्टी जनता के बीच जा रही है.

आतंकवादी वाले कथित बयान को लेकर अरविंद केजरीवाल ने भी गुरुवार की शाम बाबरपुर की रैली में जनता के बीच मुद्दा रखा. केजरीवाल ने जनसभा में लोगों से कहा कि अगर वह उन्हें अपना भाई समझते हैं तो 8 फरवरी को झाड़ू पर वोट दें और अगर वह उन्हें आतंकवादी समझते हैं तो कमल यानी बीजेपी के चुनाव चिन्ह पर वोट दें.

गुरुवार को ही आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के दूसरे नेता चुनाव आयोग के बाहर धरने पर बैठ गए. हाथों में आतंकवादी वाले बयान के खिलाफ तख्तियां लेकर आप नेताओं ने अपना विरोध जताया. वहीं, शाम होते-होते चुनावी सभा में केजरीवाल ने जनता के बीच इस बयान को लेकर अपना दुख प्रकट करते हुए कहा कि इस बयान से वे आहत हुए हैं. जनसभा में केजरीवाल ने कहा कि वह डायबिटीज के मरीज हैं, फिर भी जनता के लिए धरने पर बैठे और अब उन्हें आतंकवादी कहा जा रहा है.

बीते दिनों बीजेपी के आक्रामक तेवर को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति में कई बदलाव किए. पार्टी ने अच्छे बीते 5 साल नारे की जगह अच्छे होंगे 5 साल का नया नारा भी लॉन्च किया. शाहीन बाग के मसले पर फ्रंट फुट पर खेलने के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों को और आक्रामक तेवर से बीजेपी के सामने खड़ा करने की कोशिश की.

अब बीजेपी के नेताओं के लगाए गए आरोपों और खासकर कथित तौर पर आतंकवादी वाले बयान को लेकर आम आदमी पार्टी ने तय किया है कि वह जनता के बीच जाएगी और उस बयान को मुद्दा बनाएगी जिसकी शुरुआत पार्टी के सांसद संजय सिंह ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर और अरविंद केजरीवाल ने बाबरपुर की चुनावी सभा में कर दी है.

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