शादी में बैंड-बाजा के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं, कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा अनिवार्य

सीएम योगी का निर्देश, पुलिस दुर्व्यवहार की शिकायत पर होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ। उप्र में शादी या विवाह की अनुमति, बैंड बाजा व अन्य मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शादी के लिए पुलिस या प्रशासन की अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर प्रदेश के किसी कोने से पुलिस दुर्व्यवहार की शिकायत आती है तो दोषियों पर सख़्त कार्रवाई होगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि शादी समारोह के लिए केवल सूचना देकर कोविड प्रोटोकाल और गाइडलाइन के सभी निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। विवाह या अन्य समारोह के लिए निर्धारित लोगों की संख्या में बैंड बाजा या अन्य कर्मचारी शामिल नहीं हैं।

गौरतलब है कि यूपी सरकार ने निर्देश जारी किया था कि विवाह समारोह में बंद कमरे या हॉल में अधिकतम 100 लोग जबकि खुले स्थान पर निर्धारित क्षमता से 40 फीसद लोग शामिल हो सकेंगे। सोमवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी ने आदेश जारी किया था कि अब शादियों में बैंड, डीजे पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही बुजुर्गों और बीमार लोगों के शादियों में शामिल होने पर रोक लगाई गई है। इस मामले में सीएम योगी ने पुलिस महकमे के पेंच कसते हुए कहा है कि गाइडलाइन के नाम पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा, लोगों को जागरूक करके गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने यह भी कहा है कि शादी समारोह में बैंड बजाने, डीजे बजाने से रोकने वाले अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्यवाही होगी।

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