हिंदू धर्म में द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना में विशेष चीजों का शामिल करना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार, ऐसा करने से भगवान गणेश जी प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को आशीर्वाद देते है। जानें द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी की पूजा में किन चीजों को शामिल करना बेहद जरुरी हैहिंदू धर्म में द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी को बहुत ही शुभ माना जाता है। यह त्योहार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस बार द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 28 फरवरी 2024, दिन बुधवार को मनाई जाएगी। इस खास दिन पर भगवान गणेश की पूजा की जाती है। द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा और व्रत रखते है। इस दिन सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक उपवास रखते हैं। आपको बता दें कि, संकष्टी का अर्थ है जीवन के संकटों से मुक्ति। भगवान गणेश बुद्धि के सर्वोच्च स्वामी, सभी कष्टों का निवारण करते हैं। मान्यता है संकष्टी चतुर्थी का व्रत को करने से सभी लोगों बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट
-पीला कपड़ा
-चौकी
-फूल
– जनेऊ
-लौंग
-दीपक
-दूध
-मोदक
-गंगाजल
-जल
– देसी घी
– 11 या 21 तिल के लड्डू
– फल
-कलश
– सुपारी
– गणेश जी की प्रतिमा
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का इतना महत्व क्यों है
फाल्गुन माह की आने वाली चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस खास मौके पर भक्तजन सच्चे मन से व्रत रखते हैं और भगवान गणेश की पूजा-आराधना करते हैं। माना जाता है कि यह दिन भगवान गणेश जी की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश प्रसन्नचित मुद्रा में होते है जो लोग उनकी पूजा करते हैं गणेश जी सारी इच्छाएं पूरी करते है।
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