प्रदेश में शैक्षिण संस्था एक गांव को गोद लें तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है: राज्यपाल

आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद लेना और उन्हें बिना किसी शासकीय सहयोग के सुविधा सम्पन्न बनाना एक अभिनन्दनीय पहल: मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में जनपद कानपुर नगर के 75 आंगनबाड़ी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न बनाने हेतु आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया।

अपने सम्बोधन में राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में मौजूद प्रत्येक विश्वविद्यालय, कॉलेज तथा प्राइवेट काॅलेज एक गांव को गोद लें तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है। उत्तर प्रदेश में 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं, जबकि यूनिवर्सिटी, कॉलेज तथा प्राइवेट कॉलेजों की कुल संख्या 60 हजार है। यह शिक्षण संस्थाएं यदि एक-एक गांव को गोद लेकर पांच साल तक केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को सही रूप में अमल में लायें तो पांच साल में उत्तर प्रदेश की सूरत बदल सकती है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र आबादी के अनुसार बनाये जाते हैं। आशा वर्कर तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां यदि मिलकर कुपोषित/टी0बी0 ग्रस्त बच्चों, गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल व उन्हें स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध कराएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाली जनता बड़े पैमाने पर लाभान्वित होगी।

राज्यपाल जी ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी सरकारी अस्पताल में कराने की व्यवस्था हो सकती है। केन्द्र व प्रदेश सरकारें गर्भवती महिलाओं को 05 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध करा रही हंै। परिवार को इस दिशा हेतु जागरुक करना है कि वह इन योजनाओं का बेहतर तरीके से लाभ उठायें। उन्होंने कहा कि आगामी 15 अगस्त के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों के लिये प्रशिक्षण की शुरुआत की जायेगी, ताकि वह स्वयं प्रशिक्षित होकर बच्चों को और अधिक संस्कारवान व शिक्षित कर सकें।

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राज्यपाल जी ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन लाना है तो सबको मिलकर कार्य करना होगा। अपने प्रदेश के कौशल व ताकत को आगे ले जाने में मदद करें तथा आंगनबाड़ी केन्द्रांे को गोद लेकर सामाजिक परिवर्तन लाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर से बचाव हेतु राज्य सरकार व्यापक प्रबन्धन कर रही है, इसमें सभी मिलकर सहयोग करें। उत्तर प्रदेश को मॉडल राज्य बनाने में समस्त जनप्रतिनिधिगण, पार्षद, प्रधान और विश्वविद्यालय अपनी भूमिका अदा करें।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्यपाल जी की अभिनव पहल से शिक्षा केन्द्रों को समाज से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया है। इस कार्य में सभी सहयोगी संस्थाओं का प्रयास सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद लेना और उन्हें बिना किसी शासकीय सहयोग के सुविधा सम्पन्न बनाना एक अभिनन्दनीय पहल है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में 3-5 वर्ष के बच्चे आते हैं। यह वह समय है, जहां पर हम उन्हें जैसी दिशा देना चाहेंगे, उनका आगे का जीवन हमें उसी रूप में बढ़ता हुआ दिखायी देगा।

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मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र हमारी सामाजिक व्यवस्था की नींव हैं। कोरोना कालखण्ड में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने निगरानी समितियों से जुड़कर बहुत अच्छे कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस सदी की सबसे बड़ी महामारी के खिलाफ देश पूरी मजबूती एवं प्रतिबद्धता के साथ लड़ाई लड़ रहा है। वैश्विक स्तर पर देश ने मृत्यु दर व पाॅजिटिविटी रेट को नियंत्रित करने में काफी बड़ी सफलता प्राप्त की है। सर्वाधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के प्रति सबसे अधिक आशंका व्यक्त की गई थी, लेकिन आज प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से उत्तर प्रदेश, देश के अन्य राज्यों की तुलना में कोविड प्रबन्धन एवं नियंत्रण कार्यों में बेहतर परिणाम देने वाला राज्य है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश ने कोरोना की प्रथम लहर को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने के साथ ही दूसरी लहर की तमाम चुनौतियों से मिलकर लड़ते हुए अपने सफल प्रयास किए हैं, जिसकी सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन व अन्य ने की है। इन सफल प्रयासों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कोरोना वाॅरियर्स, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सराहनीय भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने स्वयं विभिन्न जनपदों का दौरा किया तथा स्थिति की लगातार समीक्षा की। गांवों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर जाकर स्क्रीनिंग का कार्य तथा मेडिसिन किट प्रदान करती हुई दिखीं। उत्तर प्रदेश के इस श्रेष्ठ निःशुल्क ‘मेडिसिन वितरण कार्यक्रम’ की नीति आयोग व दुनिया की अन्य संस्थाओं ने सराहना की तथा इस मॉडल को अपनाने की बात कही।

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मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन एक सुरक्षा कवच है। 16 जनवरी, 2021 से वैक्सीनेशन का वृहद अभियान प्रारम्भ किया गया था। इस निःशुल्क वैक्सीनेशन अभियान में हेल्थ वर्कर्स के साथ कोरोना वॉरियर्स को भी जोड़ा गया है, जिसमें आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपनी पूर्ण निष्ठा व परिश्रम के साथ निरन्तर सक्रियता से जुड़ी हुई हैं। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विशेषज्ञों ने कोरोना संक्रमण थर्ड वेव की आशंका व्यक्त की है। प्रदेश में थर्ड वेव से बचने के लिए निगरानी समितियों से जुड़कर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर जाकर स्क्रीनिंग और बच्चों को मेडिसिन किट निःशुल्क उपलब्ध करवाने का कार्य कर रही हैं। बच्चों को 0-1, 1-5, 5-12 एवं 12-18 वर्ष की 04 श्रेणियों में बांटकर मेडिसिन किट को गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले में निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। कोरोना नियंत्रण के इन सभी कार्यों को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बड़ी ही विश्वसनीयता एवं तत्परता से स्वयं को महामारी से बचाते हुए आगे बढ़ाया है, जो एक अद्भुत कार्य है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार यह प्रयास कर रही है कि आंगनबाड़ी केन्द्र अच्छे एवं प्रभावी हांे। ज्यादातर आंगनबाड़ी केन्द्र बेसिक शिक्षा स्कूल परिसर के अंदर ही हैं और बेसिक शिक्षा स्कूलों को ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से एक नया स्वरूप दिया गया है। हमारे पास बहुत संख्या में ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र थे, जो किराए के भवन पर चल रहे थे, तब वर्तमान सरकार ने निर्णय लिया कि आंगनबाड़ी केन्द्र अपने भवन में और सुरक्षित स्थान पर होने चाहिए जहां पर गांव, मोहल्ले के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद वाराणसी के ‘सेवा पुरी मॉडल’ की आज देश में सराहना की जा रही है। आज छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय आंगनबाड़ी केन्द्रों के साथ मिलकर उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है, यह एक अभिनन्दनीय पहल है। विश्वविद्यालय से सम्बद्ध प्रबन्धकों एवं प्रधानाचार्यों ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद लेकर उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने एवं उनका सौन्दर्यीकरण करने का कार्य किया, जो स्वागत योग्य है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समाज स्वयं आगे होकर जब कोई कार्य करता है तो वह आंदोलन बन जाता है और सफल होता है। सरकार के प्रयासों से बहुत से बच्चे टी0बी0 मुक्त हुये हैं। समाज को जोड़कर आगे बढ़ने की यह अच्छी पहल है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समाज की चिन्ता कर रही हैं तो सरकार भी उनके हितों की चिन्ता करेगी।

इस अवसर पर राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों सुश्री प्राची, सुश्री गीता शुक्ला, सुश्री गरिमा यादव, सुश्री त्रिपाशा दीक्षित, सुश्री मधु मिश्रा, सुश्री तारा देवी, सुश्री बीना देवी, सुश्री रेखा गौतम, सुश्री रेखा वर्मा आदि को आंगनबाड़ी केन्द्रांे को सुविधा सम्पन्न बनाने हेतु आवश्यक वस्तुओं की किट का वितरण किया। इस किट में झूले, किताबंे, बाॅक्स, टॉयबाॅल, ट्राईसाइकिल, खाने के बर्तन आदि सामग्री सम्मिलित थी। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के सहयोगी कॉलेजों के प्रतिनिधियों को आंगनबाड़ी सहभागिता प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए।

इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती नीलिमा कटियार, महापौर श्रीमती प्रमिला पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल श्री महेश कुमार गुप्ता, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति श्री विनय कुमार पाठक, जनप्रतिनिधिगण, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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