मुख्यमंत्री ने 76 नवसृजित नगर पंचायतों के कार्यालय भवनों का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के त्वरित नगरीकरण ने राज्य को तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। प्रदेश में विगत 02 वर्षों में 83 नगर पंचायतों का गठन हुआ है। साथ ही, नगर निकायों का सीमा विस्तार भी किया गया है। यह तेजी से बदल रहे उत्तर प्रदेश, नये भारत के नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत करता है। प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों के सुव्यवस्थित विकास तथा इनमें ईज़ ऑफ लिविंग का स्तर बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ ही, केन्द्र के सहयोग तथा अपने संसाधनों से धनराशि भी उपलब्ध करायी है।

मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में 76 नवसृजित नगर पंचायतों के कार्यालय भवनों का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों द्वारा नगरीय निकायों के गठन और विस्तार की मांग काफी पहले से हो रही है। वर्तमान राज्य सरकार ने इस कार्य को प्राथमिकता पर आगे बढ़ाया।

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मुख्यमंत्री नवसृजित 83 नगर पंचायतों के गठन के लिए उनके क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि इन जनप्रतिनिधिगण के परिश्रम और पुरुषार्थ से नगर निकायों में नागरिक सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य आगे बढ़ रहा है। आज नवसृजित 83 नगर पंचायतों में से 76 नगर पंचायतों के कार्यालय भवन का शिलान्यास किया गया है। 07 नगर पंचायतों के कार्यालय भवन का शिलान्यास पूर्व में किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत साढ़े चार वर्षों में प्रदेश में नगरीय विकास के क्षेत्र में तेजी से सकारात्मक बदलाव हुआ है। राज्य में 17 नगर निगम हैं। प्रधानमंत्री की अनुकम्पा से प्रदेश के 10 नगर निगम स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित हुए। इन नगर निगमों का तीव्र व व्यवस्थित स्मार्ट नगर निकाय के रूप में विकास हो रहा है। प्रदेश सरकार शेष 07 नगर निगमों का भी अपने संसाधनों से स्मार्ट नगर निकाय के रूप में विकास करा रही है। प्रदेश सरकार अमृत योजना के माध्यम से केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य के 60 शहरों में नगरीय सुविधाओं का विकास करा रही है। पं0 दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत भी नगर निकायों को बुनियादी जनसुविधाओं से जोड़ा गया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विगत चार वर्ष में नगरीय जन जीवन में व्यापक बदलाव के प्रयास किए हैं। स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जा रहे विभिन्न नगर निगमों में इण्टीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेण्ट सिस्टम (आई0टी0एम0एस0) कार्य कर रहा है। कोरोना कालखण्ड में इस व्यवस्था ने इण्टीग्रेटेड कोविड कण्ट्रोल सेण्टर के रूप में कार्य किया। प्रदेश में कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति में भी आई0टी0एम0एस0 का महत्वपूर्ण योगदान होता है। केन्द्र सरकार द्वारा चयनित 10 स्मार्ट सिटी के अलावा राज्य सरकार के संसाधनों से स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जा रहे 07 नगर निगमों को भी आई0टी0एम0एस0 से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को स्मार्ट सिटी मिशन में कंवर्जेन्स के माध्यम से बेहतरीन प्रदर्शन के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। अमृत योजना में भी अब जल जीवन मिशन को जोड़ते हुए हर घर नल की योजना साकार होने जा रही है। राज्य सरकार ने प्रत्येक उस परिवार को, जिसके पास अपना व्यक्तिगत शौचालय नहीं था, शौचालय उपलब्ध कराया। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में ऐसे 02 करोड़ 61 लाख परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराए गए। नगरीय निकायों ने ओ0डी0एफ0 के लक्ष्य को पहले प्राप्त किया। आज नगरीय क्षेत्रों में मुहल्ले, सड़कें साफ-सुथरी दिखायी देती हैं। इससे बीमारियां नियंत्रित हुई हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर व्यक्ति के पास अपना घर हो, इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों को मिलाकर 43 लाख परिवारों को एक-एक आवास उपलब्ध कराया है। नगरीय क्षेत्रों में 09 लाख आवास बनकर तैयार हैं। यह 09 लाख परिवार, जिनका अपने आवास में गृह प्रवेश हो चुका है, इस बार दीपोत्सव अपने घर में मनाएंगे। राज्य सरकार ने इस बार अयोध्या में आयोजित किए जाने वाले दीपोत्सव में 09 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ संकल्प से कठिन कार्य भी सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सकते हैं। पहले नगरीय क्षेत्र की पहचान जर्जर तारों, गंदगी, दुर्व्यवस्था, जाम के रूप में होती थी। विगत साढ़े चार वर्षों में वर्तमान सरकार ने इस धारणा को बदला है। अब शहरों में बेतरतीब स्ट्रीट लाइट की जगह एल0ई0डी0 स्ट्रीट लाइट देखने को मिलती है। इससे बिजली की बचत के साथ ही, शहरीकरण की एक नयी तस्वीर सामने आती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश ने अपने लिए 01 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तय किया है। सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए पहली शर्त बुनियादी सुविधाओं का व्यापक और प्रभावी विकास है। प्रदेश सरकार ने 20 हजार की आबादी तथा 75 प्रतिशत जनसंख्या के कृषि के अतिरिक्त अन्य व्यवसायों में कार्यरत होने पर ऐसे नगर, गांव/उपनगर, बाजार, बसे हुए स्थान को नगर पंचायत में परिवर्तित करने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की सराहना करते हुए कहा कि नवसृजित नगर पंचायतों में कार्यालय भवनों के निर्माण से जनप्रतिनिधियों के बैठने तथा नागरिक सुविधाओं से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाने का मंच प्राप्त होगा। प्रयागराज कुम्भ-2019 सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था का प्रतीक बना। इससे विश्व ने प्रदेश की ताकत को सराहा। कुम्भ के आयोजन का नोडल विभाग नगर विकास था। अन्य विभागों द्वारा सहयोग किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवगठित नगर निकायों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से जुड़ना चाहिए। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट नगर निकाय के रूप में विकास का प्रयास होना चाहिए। नगर निकायों को अपनी आय बढ़ाने तथा अधिक से अधिक रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए। केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और नगर निकाय के संसाधन जब सम्मिलित रूप से ठोस कार्ययोजना के साथ क्रियान्वित किए जाएंगे तो नगर निकाय स्मार्ट नगर निकाय के रूप में मानक बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में साफ-सफाई, सड़क, आवास, पेयजल, जल निकासी की व्यवस्थित एवं सुचारु व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए नगर निकाय को टाउन प्लानिंग से जुड़कर आगे के 50-100 वर्षों को ध्यान में रखकर योजना बनानी चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन में प्रदेश के इतिहास में पहली बार 02 वर्षों में 83 नगर पंचायतों का गठन हुआ है। शहरीकरण की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है। प्रदेश में 517 नगर पंचायतें, 200 नगर पालिका परिषद तथा 17 नगर निगम हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में इन नगर निकायों में शहरी मूलभूत सुविधाएं सुलभ कराने के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज 112 करोड़ रुपये की लागत से 76 नगर पंचायतों के कार्यालय भवन का शिलान्यास किया जा रहा है। इन कार्यालय भवनों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था के साथ ही, मल्टी परपज हॉल की व्यवस्था भी की गयी है।

अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि प्रदेश के 36 जनपदों की 76 नवसृजित नगर पंचायतों में कार्यालय भवन का शिलान्यास किया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार नगर पंचायतों के लिए मॉडल भवन बनाए गए हैं। यह कार्यालय भवन नगर निकायों को जनसुविधाओं से जोड़ने एवं गुड गवर्नेन्स में उपयोगी भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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