तिरुवन्नामलाई कार्तिक दीपोत्सव के दौरान लंबी दूरी के यात्रियों के लिए चलेंगी विशेष लक्जरी बसें

चेन्नई : तमिलनाडु में आयोजित विश्व प्रसिद्ध और लोकप्रिय कार्तिक दीपोत्सव के दौरान थिरुवन्नामलाई आने-जाने वाले लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने विशेष बस सेवाओं की घोषणा की है। नागरकोयील, तिरुनलवेली, तूतुकुड़ी, सेंगोत्तई, मदुरै और कोयंबटूर से अत्याधुनिक वातानुकूलित लग्जरी एवं स्लीपर बसें चलाई जाएंगी।

 

राज्य एक्सप्रेस परिवहन निगम (एसईटीसी) के प्रबंध निदेशक मोहन ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है।

 

निदेशक ने बताया कि 3 और 4 दिसंबर को चेन्नई से तिरुवन्नामलाई के लिए कुल 160 लग्ज़री एसी बसों का संचालन किया जाएगा। इसी प्रकार, राज्य एक्सप्रेस परिवहन निगम (एसईटीसी) की ओर से 2 और 3 दिसंबर को नागरकोइल, तिरुनलवेली, तूतुकुड़ी, सेंगोत्तई, मदुरै और कोयम्बटूर से लग्ज़री तथा स्लीपर एसी बसें चलाई जाएंगी। कुल मिलाकर 200 से अधिक एक्सप्रेस बसों का संचालन सुनिश्चित किया गया है, ताकि दीपोत्सव के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

 

उन्होंने बताया कि विशेष बसों के लिए टिकट आरक्षण www.tnstc.in वेबसाइट और तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (टीएनसीटीसी) के मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा सकता है।

 

बस संचालन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए यात्री नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

 

मदुरै: 9445014426तिरुनलवेली: 9445014428नागरकोइल: 9445014432तूतुकुड़ी: 9445014430कोयम्बटूर: 9445014435चेन्नई मुख्य कार्यालय: 9445014463, 9445014424

 

तमिलनाडु में सोमवार को पारंपरिक उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ कार्तिक दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ। कार्तिक दीपोत्सव को कार्तिगाई दीपम भी कहा जाता है। इस अवसर पर राज्यभर के घरों और मंदिरों में मिट्टी के दीयों की रोशनी के बीच भक्तगण भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की पूजा-आराधना करते हैं।

 

त्योहार के दौरान लोग अपने-अपने घरों के आंगन में आकर्षक कोलम बनाते हैं और प्रवेश द्वारों को आम के पत्तों की मालाओं से सजाते हैं। ऐसी मान्यता है कि दीप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियां दूर होती हैं तथा घर में सुख-समृद्धि आती है।

 

उत्सव का मुख्य आकर्षण तिरुवन्नामलाई में आयोजित महाद्वीपम होता है, जहां पवित्र अरुणाचल पहाड़ी पर विशाल अग्नि प्रज्वलित की जाती है।अग्नि कई किलोमीटर दूर से दिखाई देती है और इसके दर्शन को शुभ माना जाता है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

 

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