बदलते मौसम में यूं करें त्वचा की देखभाल

वसंत पंचमी के आने से यूं तो चारों ओर हरियाली और खुशहाली का वातावरण छा जाता है लेकिन मौसम के बदलने के साथ ही त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं खड़ी हो जाती हैं. जैसे त्वचा के जलन होना, त्वचा का पपड़ीदार होना, रूखापन आना और लाल चकत्ते पड़ना. आज ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन बता रही हैं कैसे आप बदलते मौसम में त्वचा की देखभाल कर सकते हैं.

लाल चकत्ते पड़ने पर करें ये उपचार-

कैमिकल युक्त साबुन का प्रयोग बंद कर देना चाहिए.

साबुन की बजाय सुबह-शाम क्लीनजर का उपयोग करना चाहिए.

त्वचा पर तिल के तेल की मालिश कर सकते हैं.

दूध में कुछ शहद की बूंदें डालकर इसे त्वचा पर लगाकर 10.15 मिनट तक लगा रहने दीजिए और बाद में इसे साफ पानी से धो डालिए.

ये उपचार सामान्य और शुष्क दोनों प्रकार की त्वचा के लिए उपयोगी है.

 

त्वचा तैलीय होने पर करें ये उपचार-

50 मिलीलीटर गुलाब जल में एक चम्मच ग्लीसरीन मिलाइए. इस मिश्रण को बोतल में डालकर इसे पूरी तरह मिला कर इस मिश्रण को चेहरे पर लगा लीजिए. इससे त्वचा में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और ताजगी का अहसास होगा.

शहद का लेप कर सकते हैं. शहद त्वचा को मुलायम और कोमल बनाता है.

रोजाना 15 मिनट तक शहद का लेप चेहरे पर करके उसे साफ पानी से धो सकते हैं.

त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं-

एलर्जी की समस्या होने त्वचा में खारिश, चकत्ते और लाल धब्बे हो जाते हैं. ऐसे में चंदन क्रीम को त्वचा के लिए काफी उपयोगी माना जाता है.

त्वचा के रोगों खासकर फोड़े, फुंसी लाल दाग और चकत्ते में तुलसी भी अत्यधिक उपयोगी है. त्वचा के लिए नीम और पुदीना की पत्तियां भी काफी सहायक मानी जाती हैं.

त्वचा में खाज, खुजली और फुंसियों में चंदन पेस्ट का लेपन कीजिए. चंदन पेस्ट में थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर उसे प्रभावित त्वचा पर लगाकर आधा घंटा बाद पानी से धो डालिए.

चंदन के दो या तीन बूंद तेल को 50 मिलीलीटर गुलाब जल में मिलाइए और इसे प्रभावित स्थान पर लगाइए.
त्वचा की खारिश में एपल सिडर विनेगर काफी मददगार साबित होता है. इससे गर्मी की जलन और बालों में रूसी की समस्या को निपटने में मदद मिलती है.

नींबू की पत्तियों को चार कप पानी में हल्की आंच पर एक घंटा उबालिए. इस मिश्रण को टाइट जार में रातभर रहने दीजिए. अगली सुबह मिश्रण से पानी निचोड़ कर पत्तियों का पेस्ट बना लीजिए और इस पेस्ट को प्रभावित त्वचा पर लगा लीजिए.

एक चम्मच मुलतानी मिट्टी को गुलाब जल में मिलाकर इस पेस्ट को प्रभावित स्थान पर लगाकर 15.20 मिनट बाद धो डालिए. त्वचा की खारिश में बायोकाबोर्नेट सोडा भी अत्यधिक प्रभावशाली साबित होता है. बायोकाबोर्नेट सोडे और मुलतानी मिट्टी के साथ गुलाब जल का मिश्रण बनाकर पैक बना लें. इसे खारिश, खुजली चकते और फोड़े-फुंसियों पर लगाकर 10 मिनट बाद पानी से धो लीजिए. इससे त्वचा को काफी राहत मिलेगी

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