महिला सुरक्षा पर यूपी सरकार संवेदनहीन, दुष्कर्म और हत्या की घटनाएं बढ़ीं -दीपक सिंह

कहा, सरकार की गलत नीतियों से आत्महत्या करने को मजबूर हैं प्रदेश के किसान
सरकार के तानाशाही फैसले के चलते गरीबों की जेब पर पड़ रही दोहरी मार : दीपक

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधान परिषद् कांग्रेस दल के नेता दीपक सिंह ने उत्तर प्रदेश में जंगलराज पर बयान देते हुए कहा कि जिस तरीके से देश के अलग-2 स्थानोें व राज्यों की अपनी कुछ न कुछ विशेषता रही है, जिसके वजह से भारत सहित पूरे विश्व में अपनी पहचान रखते हैं चाहे वह बारिश के लिए चेरापूंजी, रेगिस्तान के लिए राजस्थान, लेह लद्दाख, शिमला और कश्मीर बर्फबारी के सुन्दरता के लिए जाना जाता है उसी प्रकार उत्तर प्रदेश का वाराणसी, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज, मथुरा आदि जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता रहा है लेकिन दुर्भाग्यवश उत्तर प्रदेश को आज लगातार हो रही बलात्कार की घटनाओं से पहचाना जा रहा है, जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तबसे लगातार महिलाओं के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्याओं की वृद्धि हुई है तथा भाजपा का सुशासन, भयमुक्त वातावरण देने के दावे पूरी तरह से खोखले साबित हुए हैं।

दीपक सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर वर्तमान सरकार बिल्कुल संवेदनहीन हो चुकी है। आगरा, सीतापुर, औरैया, मैनपुरी, लखीमपुर, खीरी, कानपुर, उन्नाव इत्यादि। प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा कोई जनपद/शहर हो जहाँ महिलाओं के दुष्कर्म और निर्मम हत्याओं की शिकायतें संज्ञान में न आई हों। परन्तु वर्तमान सरकार में महिलाओं, बालिकाओं और छात्राओं की शिकायतों को नजर अंदाज किया जा रहा है। यदि शिकायतें सुन भी ली जाती हैं तो उन शिकायतों पर राजनीतिक प्रभाव डालकर दर्ज की गई प्राथमिकी की धाराओं को कम कराकर दोषियों को बचाने का प्रयास किया जाता है। प्रदेश की वर्तमान सरकार अपने शक्तियों का भरसक दुर्पयोग कर रही है। जिसमें चिन्मयानन्द प्रकरण में सरकार ने अपने प्रभाव का दुर्पयोग किया। तथा मैनपुरी में नवोदय विद्यालय छात्रा की हत्या के बाद सरकार तब जागी जब प्रियंका गांधी ने पत्र लिखा। एन.सी.आर.आई के अनुसार महिला उत्पीड़न में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर आ गया है फिर भी प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं को छुपाने की कोशिशें अब तक होती रही हैं।

वहीं उन्नाव में कोर्ट के आदेश के बाद एफ.आई.आर. दर्ज हो जाने से पीड़िता को निर्मम तरीके से जला दिया गया, इत्यादि प्रकरणों से ज्ञात होता है कि, उत्तर प्रदेश में महिला उत्पीड़न के हर मामलों में पुलिस बलात्कारियों और छेड़छाड़ करने वालों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। कभी-कभी तो वह ऐसे मामलों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करती और गुनहगारों को पहले ही सूचित कर दिया जाता है कि उक्त के खिलाफ प्राथमिकी/मुकद्मा दर्ज किया जा रहा है। तथा छेड़छाड़ के मामलों में ‘एण्टी रोमियो’ दल उत्पीड़न करने वालों को पकड़ने के बजाये निर्दोष लोगों को परेशान कर धन उगाही कर रही है। दीपक सिंह ने कहा कि प्रदेश का किसान सरकार की गलत नीतियों के कारण आत्महत्या करने को मजबूर है सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था तो दोगुना आय होना तो दूर की बात किसान को लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है किसान चारों तरफ से मारा जा रहा है खासकर गन्ना किसान की तो बुरी हालत है प्रत्येक वर्ष, खाद, बीज, पानी, बिजली आदि की कीमतें बढ़ा दी जाती हैं परन्तु गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य को कई वर्षाें से नहीं बढ़ाया गया है गन्ना किसान को गन्ने की लागत भी नहीं मिल रही है गन्ना किसान अपने बच्चों का सुचारू रूप से पालन-पोषण नहीं कर पा रहा है।

दीपक सिंह द्वारा सदन में पूछे गये तारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार ने यह माना है कि अब ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को केरोसीन तेल देने की सुविधा बन्द कर दी गयी है इस पर नेता विधान परिषद् दीपक सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी सरकार जनविरोधी के साथ-2 गरीबों के प्रति हिटलरशाही रवैया अपना रही है और गरीबों की जेब से जबदस्ती पैसा निकालने के साथ-2 केरोसीन तेल बन्द करके दोहरी मार दे रही है बीजेपी सरकार को इस बात का अनुभव नहीं है कि सुदूर गाँवों में रहने वाला व्यक्ति जो मलीन बस्तियों और झोपड़ियों में अपना जीवन यापन कर रहा है जिसके पास विद्युत कनेक्शन नहीं है वह कैसे अपने घर में प्रकाश करेगा। उनके घर की चिमनी और दिये बिना मिट्टी के तेल के कैसे जलेगी।

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