सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करते थे ठगी, दो गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो ऐसे ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनके निशाने पर बेरोजगार युवक होते थे. ये दोनों ठग ऐसे युवकों को नौकरी देने का झांसा देते फिर उनसे थोड़ा-थोड़ा करके जितना हो सके रकम ऐंठते और फिर गायब हो जाते.दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो ऐसे ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनके निशाने पर बेरोजगार युवक होते थे. ये दोनों ठग ऐसे युवकों को नौकरी देने का झांसा देते फिर उनसे थोड़ा-थोड़ा करके जितना हो सके रकम ऐंठते और फिर गायब हो जाते.  पुलिस को जानकारी मिली थी कि अजीत सिंह नाम का आदमी लोगों को रेलवे में मिनिस्ट्री कोटे से नौकरी देने का वादा करता. पहले इस नाम से वो पैसे लेता, फिर कुछ दिनों में वो एक जाली ज्वाइनिंग पेपर देता और फिर पैसे लेता, फिर बाद में वो किसी बहाने से जो जाली पेपर देता था, वो वापस ले लेता और फिर कोई बहाना बना देता.  जाली पेपर वापस ले लेने की वजह से सामने वाले के पास किसी तरह का सबूत इस शख्स के खिलाफ नहीं रह जाता. पुलिस को ये भी जानकारी मिली की ये शख्स इस तरह से कई मासूम बेरोजगारों को ठग चुका है. अजीत सिंह को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक टीम गठित की जिसे पता लगा कि अजीत सिंह अपने एक साथी के साथ 7 अगस्त को एफसीआई भवन संसद मार्ग के सामने देखा गया है.  जिसके बाद पुलिस की टीम ने तुरंत अजीत और उसके साथी विमल को संसद मार्ग से ही पकड़ लिया. पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास से रेलवे और दूसरे सरकारी विभागों के जाली दस्तावेज बरामद हुए.  पूछताछ में अजीत सिंह ने कहा कि उसके कोलकाता और उत्तर भारत में एजेंट हैं, जो ऐसे छात्रों को तलाशते जिन्हें सरकारी नौकरी चाहिए होती, वो एजेंट उन्हें झांसा देकर दिल्ली भेजते यहां पर अजीत उन छात्रों का किसी भी सरकारी भवन के आसपास इंतरव्यू करता फिर उनके पैसे लेता था.  पुलिस अब पूछताछ में ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दोनों ने अब तक कितने युवकों को अपना शिकार बनाया है. पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश में है कि इनके तार किसी गैंग से तो नहीं जुड़े हैं.

पुलिस को जानकारी मिली थी कि अजीत सिंह नाम का आदमी लोगों को रेलवे में मिनिस्ट्री कोटे से नौकरी देने का वादा करता. पहले इस नाम से वो पैसे लेता, फिर कुछ दिनों में वो एक जाली ज्वाइनिंग पेपर देता और फिर पैसे लेता, फिर बाद में वो किसी बहाने से जो जाली पेपर देता था, वो वापस ले लेता और फिर कोई बहाना बना देता.

जाली पेपर वापस ले लेने की वजह से सामने वाले के पास किसी तरह का सबूत इस शख्स के खिलाफ नहीं रह जाता. पुलिस को ये भी जानकारी मिली की ये शख्स इस तरह से कई मासूम बेरोजगारों को ठग चुका है. अजीत सिंह को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक टीम गठित की जिसे पता लगा कि अजीत सिंह अपने एक साथी के साथ 7 अगस्त को एफसीआई भवन संसद मार्ग के सामने देखा गया है.

जिसके बाद पुलिस की टीम ने तुरंत अजीत और उसके साथी विमल को संसद मार्ग से ही पकड़ लिया. पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास से रेलवे और दूसरे सरकारी विभागों के जाली दस्तावेज बरामद हुए.

पूछताछ में अजीत सिंह ने कहा कि उसके कोलकाता और उत्तर भारत में एजेंट हैं, जो ऐसे छात्रों को तलाशते जिन्हें सरकारी नौकरी चाहिए होती, वो एजेंट उन्हें झांसा देकर दिल्ली भेजते यहां पर अजीत उन छात्रों का किसी भी सरकारी भवन के आसपास इंतरव्यू करता फिर उनके पैसे लेता था.

पुलिस अब पूछताछ में ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दोनों ने अब तक कितने युवकों को अपना शिकार बनाया है. पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश में है कि इनके तार किसी गैंग से तो नहीं जुड़े हैं.

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